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जब बच्चों के लिए सुरक्षित और लॉन्ग-टर्म बचत की बात आती है, तो भारतीय माता-पिता के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फ़ंड (PPF) अक्सर पहली पसंद होता है. ये सरकार द्वारा समर्थित है, टैक्स-फ़्री रिटर्न देता है और 15 साल की लंबी अवधि के साथ आता है, जो बच्चों के भविष्य के गोल को पूरा करने के लिए एक परफे़क्ट लगता है. भले ही, बच्चे के नाम पर PPF अकाउंट खोलना आसान लगता है, लेकिन अगर आप सावधान नहीं हैं तो इसके नियमों को न समझने पर आप मुश्किल में पड़ सकते हैं
आइए, सबसे बेसिक सवाल से शुरू करने के साथ इसकी पूरी गाइड देखें.
नाबालिगों के लिए PPF की ब्याज दर
बच्चे के नाम पर खोले गए PPF अकाउंट की ब्याज दर बिल्कुल वही होती है, जो एक सामान्य PPF अकाउंट की होती है. इसमें कोई ख़ास या अलग रेट नहीं मिलता.
Q1 FY26 (अप्रैल से जून 2025) के लिए, सालाना ब्याज दर 7.1% है. सरकार हर तिमाही इस रेट को नोटिफ़ाई करती है और ये ब्याज दर सभी PPF अकाउंट—चाहे नाबालिग (18 साल से कम) का हो या बालिग पर एक समान लागू होती है.
नाबालिग के लिए PPF खाता कौन खोल सकता है?
सिर्फ़ माता-पिता या कानूनी अभिभावक ही नाबालिग के लिए PPF अकाउंट खोल सकते हैं. एक व्यक्ति होल्ड कर सकता है:
- अपने नाम पर एक PPF अकाउंट, और
- अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर एक PPF अकाउंट (गार्डियन के तौर पर)
अगर माता-पिता दोनों जीवित हैं, तो उनमें से कोई एक ही नाबालिग के लिए PPF अकाउंट खोल सकता है. नियमों के मुताबिक़, हरेक नाबालिग बच्चे के लिए सिर्फ़ एक PPF अकाउंट खोलने की अनुमति है.
PPF निवेश की लिमिट
PPF में सालाना निवेश की सीमा ₹1.5 लाख प्रति फ़ाइनेंशियल ईयर है. ये लिमिट गार्जियन के अपने अकाउंट और बच्चे के अकाउंट को मिलाकर लागू होती है.
यानी, अगर आप अपने PPF अकाउंट में पहले ही ₹1.5 लाख निवेश कर चुके हैं, तो आप अपने बच्चे के PPF अकाउंट में ज़्यादा पैसा नहीं डाल सकते, वरना नियमों का उल्लंघन होगा.
टैक्स बेनेफ़िट क्या हैं?
सिर्फ़ वही अभिभावक, जो बच्चे के PPF अकाउंट में पैसा डालते हैं, वो टैक्स डिडक्शन का फ़ायदा उठा सकते हैं, और वो भी सिर्फ़ पुरानी टैक्स रिजीम में.
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत, आप अपनी टैक्सेबल इनकम से ₹1.5 लाख तक की कटौती क्लेम कर सकते हैं, जिसमें आपके अपने PPF और बच्चे के PPF में किया गया निवेश शामिल हो सकता है. ब्याज से होने वाली कमाई और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रक़म पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है.
लेकिन अगर आपने नया टैक्स रिजीम चुना है, तो आपको अपने या बच्चे के PPF निवेश पर कोई डिडक्शन नहीं मिलेगा.
जब बच्चा 18 साल का हो जाए, तब क्या?
जैसे ही बच्चा 18 साल का होता है, PPF अकाउंट कानूनी तौर पर उसका हो जाता है.
- बच्चे को अपनी उम्र और पहचान का सबूत देना होगा, ताकि अकाउंट उसके नाम पर ट्रांसफ़र हो सके.
- गार्जियन का अकाउंट से कंट्रोल ख़त्म हो जाता है, और आपका बालिग बच्चा अब अकाउंट को स्वतंत्र रूप से ऑपरेट कर सकता है.
- इस समय नया नॉमिनेशन भी ज़रूरी हो सकता है.
क्या आपको अपने बच्चे के लिए PPF अकाउंट खोलना चाहिए?
ये आपके गोल और बचत की प्लानिंग पर निर्भर करता है.
PPF तब बेस्ट है, जब ख़ासकर लंबे समय के लिए आपका फ़ोकस पूंजी की सुरक्षा और टैक्स-फ़्री रिटर्न पर हो. ये आपके फ़ाइनेंशियल प्लान में डेट एलोकेशन के लिए बहुत अच्छा है. लेकिन असल बात ये है: PPF के रिटर्न भले ही सुरक्षित हों, लेकिन ये ज़्यादा बड़े नहीं होते. बीते कुछ साल में ये 7 से 8% सालाना के आसपास रहे हैं.
अब ज़रा ये सोचिए: अगर आप 15 साल के लिए निवेश कर रहे हैं, तो इक्विटी इनवेस्टमेंट—जैसे म्यूचुअल फ़ंड्स—ने इतने लंबे समय में ऐतिहासिक रूप से कहीं बेहतर रिटर्न दिए हैं, भले ही शॉर्ट-टर्म में इनमें उतार-चढ़ाव हो. पिछले 15 साल में एक एवरेज फ्लेक्सी-कैप फ़ंड ने 13% से ज़्यादा रिटर्न दिया है. यानी, अगर कोई भी व्यक्ति हर साल मार्च के अंत में ₹1.5 लाख निवेश करता है, तो 15 साल में फ्लेक्सी-कैप फ़ंड में ₹76.5 लाख जमा कर चुका होता, जबकि PPF के मामले में ये सिर्फ़ ₹43.7 लाख था.
तो, भले ही बच्चे के लिए PPF अकाउंट खोलना "सुरक्षित" विकल्प लगे, लेकिन अगर आपका गोल हायर एजुकेशन या भविष्य के ख़र्चों के लिए बड़ा फ़ंड बनाना है, तो ये सबसे फ़ायदेमंद विकल्प नहीं हो सकता. ऐसे में हाइब्रिड स्ट्रैटेजी—इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड्स और PPF जैसे सुरक्षित डेट इंस्ट्रूमेंट्स का मिक्स—बेहतर स्ट्रैटेजी बन सकता है.
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ये लेख पहली बार मई 19, 2025 को पब्लिश हुआ.
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