
फ्रैंकलिन इंडिया म्यूचुअल फ़ंडने एक बड़ा अपडेट शेयर किया है! फ्रैंकलिन इंडिया फीडर - टेम्पलटन यूरोपियन अपॉर्चुनिटीज फ़ंडका अब फ्रैंकलिन इंडिया फीडर - फ्रैंकलिन यू.एस. अपॉर्चुनिटीज फ़ंडमें मर्जर होने जा रहा है. ये बदलाव 30 जून 2025 से लागू होगा.
इस मर्जर के बाद फ्रैंकलिन इंडिया फीडर - टेम्पलटन यूरोपियन अपॉर्चुनिटीज फ़ंड का वजूद खत्म हो जाएगा. इस फ़ंड के सभी यूनिटहोल्डर्स अब ऑटोमैटिकली फ्रैंकलिन इंडिया फीडर - फ्रैंकलिन यू.एस. अपॉर्चुनिटीज फ़ंड के यूनिटहोल्डर्स बन जाएंगे. ये आपके लिए यू.एस. मार्केट में निवेश का नया मौका हो सकता है, खासकर अगर आप टेक और इनोवेशन सेक्टर में दिलचस्पी रखते हैं!
एग्जिट विंडो: अगर आप इस मर्जर से खुश नहीं हैं और अपना पैसा निकालना चाहते हैं, तो आपके पास मौका है! फ्रैंकलिन इंडिया फीडर - टेम्पलटन यूरोपियन अपॉर्चुनिटीज फ़ंड के यूनिटहोल्डर्स 29 मई, 2025 से 27 जून, 2025 के बीच बिना किसी एग्जिट लोड के अपने निवेश को निकाल सकते हैं या दूसरी स्कीम में स्विच कर सकते हैं. Gen-Z, स्मार्ट इनवेस्टिंग का ये सही टाइम है, अपनी स्ट्रैटेजी रिव्यू करें!
इतना ही नहीं, मर्जर के बाद बचे हुए फ़ंड का नाम भी बदलने वाला है. 30 मई, 2025 से 'फ्रैंकलिन इंडिया फीडर - फ्रैंकलिन यू.एस. अपॉर्चुनिटीज फ़ंड' का नाम बदलकर 'फ्रैंकलिन यू.एस. अपॉर्चुनिटीज इक्विटी एक्टिव फ़ंड ऑफ़ फ़ंड्स' हो जाएगा. ये नया नाम यू.एस. मार्केट के एक्टिव इनवेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज को और बेहतर तरीके से दर्शाएगा.




