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Reliance Power ने हाल ही में एक बड़ी खुशी दी है, और निवेशक इसे पसंद कर रहे हैं. कंपनी ने Q4 FY25 में ₹126 करोड़ का मुनाफ़ा बताया है. इसके बाद आज (30 मई 2025) इसका शेयर 52 सप्ताह के सबसे ऊंचे स्तर ₹60.3 पर पहुंच गया. कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ी बड़ी योजनाएं भी बताई हैं.
ये बदलाव उस कंपनी के लिए बड़ा है, जिसे पहले पीछे माना जाता था. लेकिन क्या निवेशकों को इस तेज़ी का फ़ायदा उठाना चाहिए?
Q4 FY25 के नतीजे
| मेट्रिक | Q4 FY25 | Q4 FY24 | सालाना बदलाव (%) |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹1,913 करोड़ | ₹1,918 करोड़ | -0.3% |
| कुल ख़र्च | ₹1,998 करोड़ | ₹2,615 करोड़ | -24% |
| नेट प्रॉफ़िट | ₹126 करोड़ | -₹398 करोड़ | 132% बढ़ोतरी |
तेज़ी के पीछे वजह क्या है?
अच्छे नतीजे: कई साल घाटे में रहने के बाद, रिलायंस पावर ने इस तिमाही में ₹126 करोड़ का मुनाफ़ा दिखाया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹398 करोड़ का नुक़सान हुआ था. आमदनी लगभग समान रही, लेकिन ख़र्चों में 24% की कमी आई है.
आगामी प्रोजेक्ट: हाल ही में, रिलायंस पावर ने भूटान में ₹2,000 करोड़ के एक साथ मिलकर काम करने वाले प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जहां 500 मेगावाट का सौर प्लांट बनेगा. ये वहां की सबसे बड़ी निजी निवेश राशि है. भारत में भी कंपनी ने 350 मेगावाट का सौर प्रोजेक्ट और 700 मेगावाट-घंटे की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का ऐलान किया है, जिसे इसकी सहायक कंपनी रिलायंस एनयू एनर्जी संभालेगी.
कंपनी के बारे में: अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ADAG समूह की ये कंपनी कोयला, गैस, हाइड्रो और रिन्यूएबल एनर्जी से बिजली बनाती है. रिलायंस पावर के पास भारत में सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का बिजली प्रोजेक्ट का पोर्टफ़ोलियो है, जो विकास के दौर में है.
कंपनी के फ़ाइनेंशियल आंकड़े
| मेट्रिक | वैल्यू |
|---|---|
| मार्केट कैप | ₹22,230 करोड़ |
| ROE | -19.4% |
| ROCE | 1.3% |
| P/E रेशियो | 7.5 |
| P/B रेशियो | 1.3 |
| बुक वैल्यू | ₹40.5 |
| प्रति शेयर मुनाफ़ा (EPS) | -₹0.4 |
वैल्यू रिसर्च की रेटिंग
वैल्यू रिसर्च ऑनलाइन के मुताबिक़, रिलायंस पावर को 5 में से 2 की रेटिंग मिली है. इसके स्कोर इस प्रकार हैं:
- क्वालिटी: 1/10
- ग्रोथ: 5/10
- वैल्यूएशन: 2/10
- मोमेंटम: 10/10
ध्यान दें!
Reliance Power का 52 सप्ताह का उच्च स्तर केवल शोर नहीं है, बल्कि इसमें असली बदलाव हैं. लेकिन ये तय करना अभी बाक़ी है कि ये बदलाव स्थायी होगा या अस्थायी.
Q4 का मुनाफ़ा अच्छा है, लेकिन एक तिमाही के नतीजे सारी परेशानियां दूर नहीं कर देते. कंपनी के ऊपर अभी भी भारी कर्ज़ है, आमदनी बढ़ नहीं रही, और पहले की प्रबंधन संबंधी समस्याएं भी बनी हैं. ग्रीन एनर्जी के निवेश अच्छे हैं, लेकिन उनके नतीजे आने में वक्त लगेगा.
डिस्क्लेमर: ये स्टोरी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार की गई है और केवल सूचना के उद्देश्य से है. कृपया निवेश करने से पहले स्वयं रिसर्च करें या किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें.





