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कल्पना करें कि आपका पैसा सिर्फ़ 12 महीनों में दोगुना हो जाए. ये सुनने में असंभव लगता है, लेकिन ऐसा हो सकता है. हमने तीन ऐसी मिड-कैप कंपनियों को खोजा है, जिन्होंने पिछले एक साल में 100 प्रतिशत से ज़्यादा रिटर्न दिया है और साथ ही इनका ग्रोथ का रिकॉर्ड भी शानदार है.
इन कंपनियों ने हमारी स्टॉक रेटिंग्स में ग्रोथ और क्वालिटी स्कोर पर 7 या उससे ज़्यादा अंक हासिल किए हैं, जो उनकी कमाई में अच्छी बढ़ोतरी और बुनियादी ताकत को दर्शाता है.
यहां जानिए, तीन शानदार प्रदर्शन करने वाली कंपनियों के बारे में:
3) ज़ेन टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies)
ये कंपनी भारत की डिफेंस फोर्सेज के लिए युद्ध से जुड़े ट्रेनिंग सॉल्युशंस और काउंटर-ड्रोन सॉल्युसंस डिज़ाइन, विकसित और निर्मित करती है. ये भारत में सिमुलेशन ट्रेनिंग इक्विपमेंट और एंटी-ड्रोन सिस्टम्स की सबसे बड़ी सप्लायर है. 31 मार्च 2025 तक, इसकी कुल ऑर्डर बुक ₹692 करोड़ की थी, जिसमें 73 प्रतिशत ऑर्डर ट्रेनिंग सिमुलेटर से और बाकी एंटी-ड्रोन सिस्टम्स से आए. FY25 की चौथी तिमाही में, ज़ेन ने अपने रेवेन्यू का लगभग 77 प्रतिशत निर्यात से और 19 प्रतिशत घरेलू ऑपरेशन से कमाया.
| स्टॉक | 3 महीने का रिटर्न (%) | 1 साल का रिटर्न (%) | P/E (मल्टीपल) | 5 साल की PAT ग्रोथ (% सालाना) | 5 साल का औसत ROE (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| ज़ेन टेक्नोलॉजीज | 114.19 | 125.1 | 71.82 | 36.67 | 18.08 |
| डेटा 4 जून, 2025 तक का है ROE यानी इक्विटी पर रिटर्न. PAT यानी टैक्स के बाद का मुनाफ़ा |
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2) नावा (Nava)
मूल रूप से फेरो अलॉय बनाने वाली नावा ने ऊर्जा, खनन और कृषि से जुड़े सेक्टर्स में विस्तार किया है और विशेष रूप से अफ्रीका में इसकी मौजूदगी ख़ासी मज़बूत है. इसने FY24 में अपनी कमाई का लगभग 52 प्रतिशत ज़ाम्बिया से हासिल किया, जहां ये देश की सबसे बड़ा कोयला खदान संचालित करती है. ये भारत में फेरो सिलिकॉन, मैंगनीज और सिलिको अलॉय का अग्रणी मैन्युफैक्चरर भी है, जिसकी फेरो अलॉय क्षमता 175,000 टन (प्रति वर्ष) है.
| स्टॉक | 3 महीने का रिटर्न (%) | 1 साल का रिटर्न (%) | P/E (मल्टीपल) | 5 साल की PAT ग्रोथ (% सालाना) | 5 साल का औसत ROE (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| नावा | 36.97 | 107.5 | 13.89 | 22.4 | 16.03 |
1) ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (Authum Investment & Infrastructure)
ऑथम इन्वेस्टमेंट एक मालिकाना निवेश बैंकिंग फर्म से एक डाइवर्सिफ़ाइड फ़ाइनेंशियल सर्विस प्रोवाइडर है. रिलायंस कमर्शियल फ़ाइनांस और रिलायंस होम फ़ाइनांस के बिज़नस एसेट्स के अधिग्रहण के बाद, ऑथम ने अपने लेंडिंग ऑपरेशन को बढ़ाया. FY24 में, कंपनी ने अपनी रेवेन्यू को निवेश और क्रेडिट/लेंडिंग बिज़नस के बीच 50:50 के रेशियो में बांटा.
इसका निवेश सेगमेंट मुख्य रूप से लिस्टेड और गैर-लिस्टेड दोनों इकाइयों में लंबे समय के लिए इक्विटी निवेश पर केंद्रित है, जिसमें इसके पोर्टफ़ोलियो का एक बड़ा हिस्सा 10 से अधिक लिस्टेड कंपनियों में निवेश किया गया है. सामान्य होल्डिंग अवधि तीन से पांच साल तक होती है. 31 मार्च 2025 तक, इसका निवेश पोर्टफोलियो ₹12,641 करोड़ का था, लेंडिंग सेगमेंट सुरक्षित लोन (जैसे प्रॉपर्टी/एसेट-समर्थित लोन), माइक्रोफ़ाइनांस और इंफ्रास्ट्रक्चर फ़ाइनेंसिंग पर केंद्रित है.
| स्टॉक | 3 महीने का रिटर्न (%) | 1 साल का रिटर्न (%) | P/B (मल्टीपल) | 5 साल की EPS ग्रोथ (% सालाना) | 5 साल का औसत ROE (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर | 60.18 | 173.24 | 2.92 | 201.56 | 26.35 |
ग्रोथ और क्वालिटी दोनों में अच्छा स्कोर
| कंपनी | स्टॉक रेटिंग | क्वालिटी स्कोर | ग्रोथ स्कोर | वैल्यूएशन स्कोर | मोमेंटम स्कोर |
|---|---|---|---|---|---|
| ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर | ★★★★★ | 9 | 7 | 6 | 10 |
| नावा | ★★★★★ | 8 | 7 | 6 | 9 |
| ज़ेन टेक्नोलॉजीज | ★★★★ | 7 | 7 | 3 | 9 |
ये मिड-कैप कंपनियां साबित करती हैं कि मजबूत ग्रोथ और मार्केट का समर्थन अक्सर एक साथ चलते हैं. क्या आप अन्य मार्केट कैटेगरीज में ऐसी और मल्टीबैगर कंपनियों को चुनना चाहते हैं? वैल्यू रिसर्च स्टॉक स्क्रीनर का उपयोग करें और ग्रोथ, क्वालिटी, वैल्यूएशन और मोमेंटम का वह कॉम्बिनेशन खोजें जो आप चाहते हैं.
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