Trending

HDB फ़ाइनेंशियल IPO: जानिए दूसरे दिन इश्यू कितना हुआ सब्सक्राइब?

खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, लेकिन बड़े निवेशक असमंजस में

खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, लेकिन बड़े निवेशक असमंजस मेंAdobe Stock

HDB फ़ाइनेंशियल सर्विसेज का IPO दूसरे दिन भी सस्पेंस बनाए हुए है. ₹12,500 करोड़ का ये इश्यू - जो 2025 की सबसे बड़ी NBFC लिस्टिंग में से एक है - रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के बीच काफ़ी चर्चा में है.

लेकिन बड़े खिलाड़ी यानी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स अभी जल्दबाजी में नहीं दिख रहे. ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹52 के आसपास ठंडा पड़ने से माहौल सावधानी भरा लग रहा है. तो क्या यह एक स्टेबल ग्रोथ है या ओवर-वैल्यूएशन का सिग्नल?

चल क्या रहा है?

HDB का IPO, जिसका प्राइस ₹700 से ₹740 प्रति शेयर तय किया गया है, दूसरे दिन तक करीब 51% सब्सक्राइब हो चुका है. यहां देखिए इसका ब्रेकअप:

  • रिटेल इन्वेस्टर्स: 0.40 गुना सब्सक्राइब
  • नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs): 1.06 गुना सब्सक्राइब
  • QIBs (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स): 0.01 गुना सब्सक्राइब

इंट्रेस्टिंग बात ये है कि एम्प्लॉई कोटा करीब 2.12 गुना सब्सक्राइब हुआ है, जो कंपनी के इंटर्नल लोगों का कॉन्फिडेंस दिखाता है. लेकिन इंस्टीट्यूशंस अभी क्यों दूर हैं? शायद वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं.

कंपनी के बारे में

HDB फ़ाइनेंशियल, HDFC बैंक की सब्सिडियरी, कोई नई कंपनी नहीं है. 2007 में शुरू हुई ये कंपनी 1,770 से ज़्यादा ब्रांचों के साथ एक बड़ी नॉन-बैंक लेंडर बन गई है, ख़ासकर सेमी-अर्बन और रूरल इलाकों में. इसके फ़ोकस एरिया हैं: एंटरप्राइस लोन, एसेट फ़ाइनांस और कंज्यूमर लेंडिंग.

इस मिले-जुले मूड की वजह क्या है?

  • वैल्यूएशन की टेंशन: HDB की आस्किंग प्राइस कई कंपटीटर्स की तुलना में प्रीमियम P/E और P/B पर है. IPO की क़ीमत इसके पहले के अनलिस्टेड मार्केट लेवल्स से काफ़ी ऊपर है.
  • ग्रे मार्केट का इशारा: GMP, जो कभी इश्यू प्राइस से 10% ऊपर था, अब 7% के क़रीब है, जो लिस्टिंग पर कम गेन मिलने का संकेत दे रहा है.
  • एंकर इन्वेस्टर्स का सपोर्ट बनाम QIB की सावधानी: LIC, ब्लैकरॉक और नॉर्वे के SWF जैसे बड़े एंकर इन्वेस्टर्स ने इस इश्यू को सपोर्ट किया है. लेकिन नए QIB बिड अभी भी धीरे-धीरे आ रहे हैं.

इन्वेस्टर्स के लिए इसका क्या मतलब है?

अगर आप लिस्टिंग पर तुरंत पैसा बनाना चाहते हैं, तो मौजूदा GMP के हिसाब से ये शायद उतना बड़ा जैकपॉट न हो. लेकिन HDB के पास मज़बूत पैरेंटेज, अच्छी एसेट क्वालिटी और सेमी-अर्बन एरिया में बड़ा प्रेजेंस है. प्रीमियम वैल्यूएशन का मतलब है कि आपको कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा करना होगा, सिर्फ़ IPO के हाइप पर नहीं.

वैल्थ को लेकर गंभीर हैं?

समझदार निवेशकों के साथ जुड़ें, जो विशेषज्ञों द्वारा चुने गए शेयरों, समय की कसौटी पर खरी रणनीतियों और लंबे समय केअनुशासन के लिए वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र पर भरोसा करते हैं.

अंदाज़ा लगाना बंद करें. बढ़ना शुरू करें. अभी देखें: वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र.

डिस्क्लेमर: ये कोई स्टॉक रेकमंडेशन नहीं है. ये स्टोरी आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से बनाई गई है और केवल सूचना के उद्देश्य से है. निवेश के फैसले लेने से पहले अपनी खुद की रिसर्च करें या किसी वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

एक इंटरनेशनल फ़ंड एकमुश्त रक़म, चार SIP ले रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनट•आकार रस्तोगी

Reliance Infrastructure सहित 5 शेयरों की FCF यील्ड 30% से ज़्यादा, फिर भी शेयर सस्ते क्यों?

पढ़ने का समय 5 मिनट•सत्यजीत सेन

NPS Swasthya: हेल्थ कवर के लिए जुड़िए, कॉर्पस बनाने के लिए नहीं

पढ़ने का समय 7 मिनट•आकार रस्तोगी

धीमा साल या ढलता कारोबार? शेयर बेचने से पहले ये 3 बातें देखिए

पढ़ने का समय 5 मिनट•आशीष मेनन

10 PSU बैंक सस्ते दिख रहे हैं, पर बाज़ार का सवाल भी जायज़ है

पढ़ने का समय 6 मिनट•Lakshya Naredi

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गिरावट का मतलब नुक़सान नहीं होता

आपकी स्क्रीन पर लाल रंग का नंबर कोई नुक़सान नहीं है, आप उस पर कोई कदम उठाकर ही उसे पक्का करते हैं

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी