
सारांश: ये स्टोरी बताती है कि मोमेंटम फ़ंड वास्तव में कैसे काम करते हैं, इनका प्रदर्शन कैसा रहा है और सबसे ज़रूरी-आपके पोर्टफ़ोलियो में इनका कितना हिस्सा होना चाहिए. इसे अपनी स्मार्ट निवेशक गाइड के रूप में समझिए, जो आपको तेज़ रफ्तार का पीछा करने में मदद करेगी… बिना जोखिम में फंसे. तो, चलिए शुरू करते हैं!
2023 में मोमेंटम फ़ंड निवेश की दुनिया के सुपरस्टार बन गए थे. तेज़ी से बढ़ते शेयरों से भरा पोर्टफ़ोलियो बाज़ार को मात देने का सबसे तेज़ तरीक़ा था और कुछ निवेशक इसके दीवाने हो गए. पिछले चार सालों में मोमेंटम फ़ंड्स की नेट एसेट्स में 300 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी इस दीवानगी को बयां करती है.
ये उत्साह बेवजह भी नहीं था. मोमेंटम फ़ंड्स ने 2023 में 42 प्रतिशत और 2024 में 23 प्रतिशत रिटर्न दिया, जबकि औसत फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड ने क्रमशः 29 और 21 प्रतिशत रिटर्न ही दिया.
तो, कोई हैरत की बात नहीं कि तेज़ी के बाज़ार में मोमेंटम निवेशकों की पसंदीदा स्ट्रैटजी बन गया.
लेकिन फिर करेक्शन यानी गिरावट का दौर आया. कभी परफ़ॉर्मेंस टेबल में टॉप पर रहे मोमेंटम फ़ंड्स, अब एक साल के रिटर्न में सबसे नीचे खिसक गए. जिन निवेशकों ने इस हाइप में पैसा लगाया, वे अब उन गिरावटों का सामना कर रहे हैं, जिनके लिए वे तैयार नहीं थे. वही रफ्तार जो उन्हें कागजों पर अमीर बना रही थी, अब खतरे में बदल गई.
मोमेंटम क्या है?
मोमेंटम निवेश का मतलब है विनर्स का साथ देना यानी उनके साथ चलना. इस रणनीति में उन शेयरों को चुना जाता है जो हाल ही में तेज़ी से बढ़ रहे हैं. उदाहरण के लिए, निफ़्टी 500 मोमेंटम 50 इंडेक्स निफ़्टी 500 के सबसे तेज़ चलने वाले 50 शेयरों को चुनता है, जो उनकी हालिया प्रदर्शन पर आधारित होते हैं. ये उन शेयरों को ज़्यादा वेट देता है जो न सिर्फ़ अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि आकार में भी ठीक-ठाक हैं. संक्षेप में, ये एक ऐसी रणनीति है जो ट्रेंड्स का पीछा करती है-जब तक वे खत्म नहीं हो जाते.
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जब रफ्तार बन जाए जोखिम
मोमेंटम इतना रोमांचक क्यों लगता है? असल में, आप उन शेयरों की सवारी कर रहे हैं जो पहले से ही ऊपर जा रहे हैं. इन कंपनियों के प्रति निवेशकों का भरोसा आसमान छू रहा होता है. लेकिन ऐसी स्थिति तब तक ही रहती है, जब तक भरोसा नहीं टूट जाता.

और, मोमेंटम शेयर सिर्फ़ गिरते नहीं हैं, बल्कि वे बिखर जाते हैं. और, ऐसा बेहद खतरनाक तरीक़े होता है.
जब ट्रेंड टूटता है, तो ख़रीदार गायब हो जाते हैं. ये वे लंबी अवधि के निवेशक नहीं हैं जो बुनियादी ताकत के लिए शेयर रखते हैं. नतीजा? लिक्विडिटी का संकट. क़ीमतें तेज़ी से नीचे आती हैं. घबराहट शुरू हो जाती है. और, इससे पहले कि आप कुछ समझ पाएं, आपका “टॉप परफॉर्मर” अब लूज़र शेयरों की सूची में सबसे आगे होता है.
इसके अलावा, निफ़्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स का बीटा 1.20 और डाउनसाइड कैप्चर 1.43 है. इसका क्या मतलब? इसका मतलब है कि जब बाज़ार गिरता है, तो ये सिर्फ़ गिरता नहीं; ये और ज़्यादा तेज़ी से गिरता है. तो, जब चीज़ें खराब होती हैं, मोमेंटम में सिर्फ़ गिरावट ही नहीं होती, बल्कि वो स्थायी हो जाती है.

आपके पोर्टफ़ोलियो का आधार क्या होना चाहिए?
अगर मोमेंटम आपके पोर्टफ़ोलियो अहम भाग है, तो इसके आधार में कुछ ऐसा होना चाहिए जो बाज़ार के हल्के झटकों में भी शांत रहे. यहां आते हैं ग्रोथ-ओरिएंटेड फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड.
निवेश की सीमित दायरे वाली स्टाइल्स के विपरीत, फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स में ये लचीलापन है कि वे ग्रोथ और वैल्यू, लार्ज एंड मिड-कैप के बीच स्विच कर सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि बाज़ार किसे रिवार्ड दे रहा है. और, ये लचीलापन दिखता है. मौजूदा गिरावट में, 78 में से 54 फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स BSE 500 से कम गिरे हैं. ये फ़ंड गहन मार्केट रिसर्च के बाद शेयर चुनते हैं और इस तरह गिरावट के झटकों को सहने में सक्षम होते हैं.
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क्या मोमेंटम को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करना चाहिए? बिल्कुल नहीं.
इसके नुक़सानों के बावजूद, मोमेंटम में कुछ अनोखा है-अगर इसका इस्तेमाल समझदारी से किया जाए.
शुरुआत करें इस तथ्य से: निफ़्टी 500 मोमेंटम 50 का सिर्फ़ 11 प्रतिशत पोर्टफ़ोलियो औसत फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड के साथ ओवरलैप करता है. इसका मतलब है कि मोमेंटम आपको एक बिल्कुल अलग शेयरों की टोकरी देता है, जो अक्सर अपने ट्रेंड साइकिल की शुरुआत में होते हैं. अगर इसका रणनीतिक इस्तेमाल किया जाए, तो ये आपके पोर्टफ़ोलियो को एक अलग ताकत दे सकता है.
अब देखिए कि जब आप इसे मिलाते हैं तो क्या होता है.
थोड़ा-सा मोमेंटम बहुत काम आता है
यहां तक कि 10-30% एलोकेशन भी लंबे समय में SIP रिटर्न को बढ़ा देता है.
| डिटेल | 100% फ़्लेक्सी | 90% फ़्लेक्सी + 10% मोमेंटम | 80% फ़्लेक्सी + 20% मोमेंटम | 70% फ़्लेक्सी + 30% मोमेंटम |
|---|---|---|---|---|
| निवेश की गई रक़म | 12 लाख | 12 लाख | 12 लाख | 12 लाख |
| फाइनल वैल्यू | 25.6 लाख | 26.8 लाख | 27.9 लाख | 29.1 लाख |
| SIP रिटर्न | 14.60% | 15.40% | 16.20% | 17.00% |
| तुलना के उद्देश्य से एवरेज फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड और निफ़्टी 500 मोमेंटम 50 इंडेक्स के बीच बांटते हुए 10 साल की अवधि में ₹10,000 की मंथली SIP मानी गई है. | ||||
रफ्तार के साथ सुरक्षा
अगर आपको मोमेंटम पसंद है, तो इसे छोड़ें नहीं. लेकिन इसे नियंत्रित करें.
पहला, इसे मिलाएं. अपने पोर्टफ़ोलियो का 10 से 30 प्रतिशत हिस्सा मोमेंटम में रखें. इससे ज़्यादा कुछ भी करने के मतलब है कि आप एक ऐसी रणनीति पर दांव लगा रहे हैं जो ट्रेंड्स पर फलती-फूलती है और बिना चेतावनी के ढह जाती है.
दूसरा, अपने पोर्टफ़ोलियो के बाक़ी हिस्से को फ़्लेक्सी-कैप या मल्टी-कैप जैसे डाइवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स के साथ मज़बूत करें.
क्या ₹10,000 से ज़्यादा की SIP फ़्लेक्सी-कैप और मल्टी-कैप फ़ंड्स में शुरू करना चाहते हैं?
निवेश करने से पहले, सुनिश्चित करें कि आप अपने गोल्स और रिस्क प्रोफ़ाइल के लिए सही फ़ंड चुन रहे हैं. यहीं पर वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपकी मदद करता है. हमारे एक्सपर्ट्स द्वारा चुनी गई रेकमंडेशन सिर्फ़ ये नहीं बतातीं कि कहां निवेश करें-हम आपको एक ऐसी रणनीति बनाने में मदद करते हैं जो काम करे. चाहे आप शुरुआत कर रहे हों या अपने पोर्टफ़ोलियो को बेहतर करना चाहते हों, हम आपको स्मार्ट निवेश के लिए ज़रूरी जानकारी, रेटिंग्स और टूल्स देते हैं.
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