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स्मॉल-कैप फ़ंड में ज़्यादा रिटर्न पाने का सबसे स्मार्ट तरीक़ा कौन सा है?

जानिए, एकमुश्त निवेश या SIP में से कौन सी स्ट्रैटेजी सबसे अच्छा काम करती है? कुछ आंकड़े आपको हैरान कर सकते हैं

स्मॉल-कैप फ़ंड्स से अधिकतम रिटर्न पाने का सबसे स्मार्ट तरीका कौन सा है?Aman Singhal/AI-Generated Image

सारांशः स्मॉल-कैप फ़ंड्स ने हाल के वर्षों में ज़बरदस्त रिटर्न दिए हैं और इन्होंने निवेशकों का भारी पैसा आकर्षित किया है. लेकिन अगर आप अब इनमें निवेश करने की सोच रहे हैं, तो एक बड़ा सवाल है: क्या आपको एक बार में पूरा पैसा लगाना चाहिए या SIP का रास्ता चुनना चाहिए? हमने कई स्मॉल-कैप स्कीमों के आंकड़ों का एनालिसिस किया और एक हैरान करने वाला पैटर्न मिला-जो 10 साल के लंबे समय में पूरी तरह से पलट जाता है.

स्मॉल-कैप फ़ंड काफ़ी समय से चर्चा में हैं. पिछले कुछ वर्षों में इन फ़ंड्स ने शानदार रिटर्न दिए हैं, जिसने रिटर्न की चाह रखने वाले निवेशकों का ध्यान खींचा है. स्मॉल-कैप में तगड़ी रैली आने के साथ, निवेशकों का पैसा भी इन फ़ंड्स में ज़्यादा आया है. इस साल के शुरुआती छह महीनों में इन फ़ंड्स में ₹24,700 करोड़ से ज़्यादा का कुल निवेश हुआ.

तो, अगर आप भी अब स्मॉल-कैप में निवेश की सोच रहे हैं, तो एक अहम सवाल है: क्या आपको एकमुश्त निवेश करना चाहिए या सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के ज़रिए?

तीन साल का रिटर्न

पिछले तीन सालों में स्मॉल-कैप फ़ंड्स का प्रदर्शन शानदार रहा है. लेकिन जब हमने SIP और एकमुश्त निवेश की तुलना की, तो एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया.

तीन साल की हिस्ट्री वाले 23 एक्टिव स्मॉल-कैप फ़ंड्स में से 22 में एकमुश्त निवेश करने वालों ने SIP निवेशकों से ज़्यादा कमाई की. कुछ स्कीमों में ये अंतर काफ़ी बड़ा था, जैसा कि आप नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

फ़ंड एकमुश्त (%) SIP (%)
Quant Small Cap 28.9 20.92
Nippon India Small Cap 27.08 21.46
Tata Small Cap 26.8 21.4
HDFC Small Cap 27.03 21.34
Franklin India Small Cap 26.7 20.58

एकमात्र अपवाद SBI स्मॉल कैप रहा. इस अवधि में इस फ़ंड के SIP निवेशकों ने सालाना 19.58 प्रतिशत रिटर्न कमाया, जबकि एकमुश्त निवेशकों को 15.54 प्रतिशत रिटर्न मिला. इसका एक कारण ये हो सकता है कि इस फ़ंड ने पिछले तीन सालों में कई बार भारी मात्रा में कैश रखा, जिसके चलते एकमुश्त निवेश का पैसा तुरंत बाज़ार में पूरी तरह से नहीं लगा.

लेकिन, एक पेंच है

स्मॉल-कैप फ़ंड लंबी अवधि में भले ही चमकदार दिखें, लेकिन छोटी अवधि में ये आपके सब्र की परीक्षा ले सकते हैं. यहां तक कि सबसे अच्छे फ़ंड्स भी लंबे समय तक ख़राब प्रदर्शन के दौर से गुजरते हैं.

उदाहरण के लिए, निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फ़ंड. ये लंबी अवधि में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में से एक रहा है, लेकिन पिछले दशक में लगातार तीन साल तक इसने कुछ भी रिटर्न नहीं दिया-बिल्कुल शून्य.

ऐसा ये अकेला फ़ंड नहीं है. कई स्मॉल-कैप स्कीम, जो 10 साल में शानदार रिटर्न देती हैं, लंबे समय तक सपाट प्रदर्शन के दौर से गुजरी हैं. ये छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव नहीं हैं; हम बात कर रहे हैं पूरे सालों की, जब आपका निवेश फंसा हुआ लग सकता है.

यही वजह है कि वैल्यू रिसर्च हमेशा सुझाव देता है कि स्मॉल-कैप फ़ंड्स में कम से कम सात से 10 साल के लिए निवेश करें. असल में, एकमुश्त निवेश करने वाले ग़लत समय पर निवेश के जोखिम में फंस सकते हैं.

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10 साल का प्रदर्शन

जब हमने 10 साल की अवधि पर नज़र डाली, तो नतीजे पूरी तरह से पलट गए. 10 साल के रिकॉर्ड वाले सभी 12 स्मॉल-कैप फ़ंड्स में SIP ने एकमुश्त निवेश को पीछे छोड़ दिया.

फ़ंड एकमुश्त (%) SIP (%)
Quant Small Cap 20.04 26.00
Nippon India Small Cap 22.06 24.36
Kotak Small Cap 18.82 21.28
ICICI Prudential Smallcap 16.61 20.36
Franklin India Small Cap 17.14 19.89

ऐसा क्यों होता है? कुछ कारण:

  • उतार-चढ़ाव: जब बाज़ार गिरता है या लंबे समय तक सपाट रहता है, तो SIP कम क़ीमतों पर यूनिट्स जमा करती रहती रता है, जो स्मॉल-कैप रैली शुरू होने पर बड़ा फ़ायदा देता है.
  • टाइमिंग के जोखिम को कम करता है: एकमुश्त निवेश इस बात पर बहुत निर्भर करता है कि आपने कब निवेश किया. SIP आपके निवेश के एंट्री प्वाइंट्स बेहतर बनाता है.

हमारी राय

अगर आप तीन साल की अवधि देख रहे हैं और आपको स्मॉल-कैप रैली पर भरोसा है, तो एकमुश्त निवेश फ़ायदेमंद हो सकता है. लेकिन ये एक जोखिम भरा दांव है, जो बाज़ार के सही समय पर निर्भर करता है. वैल्यू रिसर्च में हम हमेशा मानते हैं कि निरंतरता समय से ज़्यादा मायने रखती है. यहां तक कि सबसे अच्छे निवेशक भी बाज़ार की चाल को भरोसेमंद ढंग से नहीं भांप सकते.

यही वजह है कि हम स्मॉल-कैप जैसी अस्थिर कैटेगरी के फ़ंड्स के लिए लंबी अवधि की SIP रणनीति की सलाह देते हैं. SIP आपकी निवेश की कॉस्ट को औसत करता है और बाज़ार के उतार-चढ़ाव में अनुशासित रहने में मदद करता है. 10 साल में ये अनुशासित नज़रिया हर बार एकमुश्त निवेश से बेहतर प्रदर्शन करता है. वास्तव में, पांच साल की अवधि में भी SIP ने सभी फ़ंड्स में एकमुश्त निवेश को मात दी है.

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आपके फ़ंड का चुनाव मायने रखता है. यहीं पर वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र काम आता है. हमारे पास स्मॉल-कैप फ़ंड्स की एक अनुशंसित सूची है, जो दशकों के शोध पर आधारित है.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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