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कम मार्जिन = ख़राब बिज़नस? डीमार्ट का 6 गुना रिटर्न दूसरी कहानी ही कहता है

क्यों कम मार्जिन हमेशा खराब प्रदर्शन का संकेत नहीं देते

कम मार्जिन = खराब कारोबार? डीमार्ट की 6 गुना तेज़ी इसके उलट संकेत करती हैAditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः क्या आपको लगता है कि कम मार्जिन किसी बिज़नस को कमज़ोर बनाते हैं? एक बार फिर से सोचिए. डीमार्ट ने पिछले आठ सालों में कम मार्जिन के बावजूद शानदार रिटर्न दिए हैं और ऐसा करने वाली वो अकेली नहीं है. एक और “बोरिंग” कम मार्जिन वाला स्टॉक चुपके से निवेशकों की वैल्थ को तेज़ी से बढ़ा रहा है. उन्होंने ये कैसे किया? और आप ऐसे और विनर स्टॉक्स को कैसे खोज सकते हैं? आइए जानते हैं.

मार्जिन किसी कंपनी के फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में सबसे ज़्यादा जांचे जाने वाले नंबरों में से एक हैं. सीधे शब्दों में कहें, तो ये बताते हैं कि कंपनी के रेवेन्यू का कितना हिस्सा मुनाफ़े में बदलता है. अगर कोई कंपनी ₹10,000 करोड़ का रेवेन्यू कमाती है और उसका ऑपरेटिंग ख़र्च, टैक्स और ब्याज में ₹9,600 करोड़ ख़र्च होते हैं, तो उसका मुनाफ़ा ₹400 करोड़ होता है-यानी ये केवल 4 प्रतिशत का मामूली मार्जिन रह जाता है.

इस हिसाब से, ज़्यादा मार्जिन का मतलब है बेहतर दक्षता और कम मार्जिन का मतलब है अक्षमता. सही है ना?

हमेशा ऐसा नहीं होता. मार्जिन अक्सर इंडस्ट्री के स्वरूप पर निर्भर करते हैं, न कि सिर्फ़ प्रबंधन की काबिलियत पर. कुछ सेक्टरों में कम मार्जिन के साथ काम करना बस खेल का हिस्सा होता है. और, ये ज़रूरी नहीं कि ऐसे बिज़नस ख़राब ही हों.

डीमार्ट: कम मार्जिन पर बड़ी जीत

एवेन्यू सुपरमार्ट्स (डीमार्ट) को ही लें. 2017 में लिस्टिंग के बाद से इस रिटेलर ने 26 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिया है-यानी सिर्फ आठ सालों में 6 गुना की उछाल, वो भी मामूली मार्जिन के साथ. इसके नेट मार्जिन 3-4 प्रतिशत के आसपास और ऑपरेटिंग मार्जिन 5-6 प्रतिशत के क़रीब रहते हैं.

फिर भी इसका स्टॉक क्यों चमका? असल में, ये वॉल्यूम का खेल बखूबी खेलती है. डीमार्ट इतनी बड़ी मात्रा में सामान बेचती है कि प्रति यूनिट कम मुनाफ़े की भरपाई हो जाती है. इतना ही नहीं, ये बिक्री (एसेट टर्नओवर क़रीब 3 गुना) के लिए अपनी एसेट्स का इस्तेमाल कुशलता के साथ करती है और इन्वेंट्री को भी तेज़ी (इन्वेंट्री टर्नओवर क़रीब 15 गुना) से बदलती है. ये शानदार दक्षता डीमार्ट को स्केल हासिल करने में मदद करती है, जिससे कम मार्जिन की कमी की भरपाई करने में मदद मिलती है.

रेडिंगटन: कमोडिटाइज्ड इंडस्ट्री में कमाई

रेडिंगटन ऐसा एक और उदाहरण है, जो IT प्रोडक्ट्स और सॉफ्टवेयर की डिस्ट्रीब्यूटर है. ये एक ऐसा बिज़नस है, जहां मार्जिन और भी कम हैं. नेट प्रॉफ़िट मार्जिन सिर्फ़ 1.5-2 प्रतिशत के आसपास रहता है, फिर भी इस कंपनी ने पिछले एक दशक में निवेशकों की दौलत को 16 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ाया है और पिछले पांच सालों में तो 44 प्रतिशत सालाना की रफ्तार से.

डीमार्ट की तरह, रेडिंगटन भी प्रोडक्ट्स को तेज़ी से बेचकर बढ़त हासिल करती है. इसकी इन्वेंट्री साल में करीब 15 बार साइकल पूरा करती है और इसका एसेट बेस साल में चार बार बदल जाता है. यही इसका वॉल्यूम गेम है.

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क्या याद रखना चाहिए

कम मार्जिन का मतलब ये नहीं कि बिज़नस कमज़ोर है. कुछ उद्योगों में, ख़ासकर रिटेल और डिस्ट्रीब्यूशन में, मार्जिन स्वाभाविक रूप से कम होते हैं. जो मायने रखता है, वो ये है कि कंपनी:

  • अपने एसेट्स और इन्वेंट्री को तेज़ी से टर्नओवर करे
  • प्रति यूनिट कम मार्जिन के बावजूद लगातार मुनाफ़ा दे
  • समय के साथ इक्विटी और पूंजी पर स्थिर रिटर्न दे

जब ये काम हो जाते हैं, तो कम मार्जिन वाला बिज़नस उतना ही मज़बूत, या शायद उससे भी ज़्यादा मज़बूत हो सकता है, जितना कि ज़्यादा मार्जिन वाला बिज़नस.

तो अगली बार जब आप किसी कंपनी के सिंगल डिजिट वाले मार्जिन देखें, तो उसे तुरंत खारिज न करें. गहराई से देखें कि वो अपने संसाधनों का इस्तेमाल कैसे करती है, उसका बिज़नस मॉडल कितना स्थिर है और निवेशकों की दौलत को बढ़ाने की उसकी क्षमता क्या है.

तो, क्या आपको डीमार्ट और रेडिंगटन में निवेश करना चाहिए?

वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र में हम हाइप के पीछे नहीं भागते. हम गहराई तक देखते हैं ताकि ऐसी कंपनियां खोज सकें जो साल-दर-साल आपकी वैल्थ को बढ़ाने की ताक़त रखती हों, भले ही वो पहली नज़र में रोमांचक न लगें.

डीमार्ट और रेडिंगटन इस बात के शानदार उदाहरण हैं कि किसी बिज़नस को सिर्फ़ उसके मार्जिन के आधार पर जज नहीं करना चाहिए. लेकिन क्या ये दोनों वो सारे मानदंड पूरे करती हैं, जो हम स्टॉक की रेकमंडेशन करने से पहले देखते हैं?

जानने के लिए स्टॉक एडवाइज़र पर जाएं. वहां आपको हमारे रेकमंड किए गए स्टॉक्स की लिस्ट मिलेगी, जिनके बारे में हमें लगता है कि वो आपके लिए लंबे समय तक वैल्थ बना सकते हैं.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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