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सारांश: अच्छी ख़बर ये है कि आप अपने ₹1 करोड़ के रिटायरमेंट फ़ंड को 30 साल तक खींच सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपका मासिक ख़र्च कितना होना चाहिए? आइए कुछ गणित के साथ इसका जवाब खोजते हैं...
54 साल की उम्र में शशांक श्रीनिवासन को गर्व और पछतावे का मिलाजुला अहसास हुआ. गर्व इसलिए, क्योंकि सालों की मेहनत के बाद उन्होंने आखिरकार ₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फ़ंड जोड़ लिया. पछतावा इसलिए, क्योंकि उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने बचत शुरू करने में बहुत देर कर दी.
ज़्यादातर लोगों की तरह, श्रीनिवासन के 30 और 40 के दशक EMI, स्कूल फ़ीस, करियर में बदलाव और जिंदगी की भागदौड़ में निकल गए. ऐसा नहीं था कि वे बचत नहीं करना चाहते थे. बात बस इतनी थी कि उन्होंने इसे प्राथमिकता नहीं दी. फिर अचानक उन्हें एहसास हुआ कि रिटायरमेंट अब सिर्फ छह साल दूर है.
ख़र्चों में कटौती और SIP बढ़ाने की भागदौड़ के बाद, 60 की उम्र तक उन्होंने ₹1 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया. अब असली चुनौती थी: इसे लंबे समय तक चलाना.
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इसे कामयाब बनाने की गणित
श्रीनिवासन का गोल साफ़ था: अगले 30 साल तक एक शांतिपूर्ण रिटायरमेंट. आधुनिक चिकित्सा के चमत्कारों की वजह से उम्र बढ़ रही है, इसलिए ये मान लेना बेहतर है कि श्रीनिवासन 90 साल तक जीवित रहेंगे.
इसके लिए, शशांक को अपने फ़ंड को इक्विटी और डेट में बराबर-बराबर, यानी 50-50 प्रतिशत बांटना होगा. ये बैलेंस उन्हें ग्रोथ और स्थिरता दोनों देगा. इक्विटी महंगाई को मात देने में मदद करती है, वहीं इससे डेट मार्केट के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलती है.
मान लीजिए, एक संतुलित पोर्टफ़ोलियो सालाना 8 प्रतिशत रिटर्न देता है और 6 प्रतिशत सालाना महंगाई को ध्यान में रखते हुए, शुरुआती सुरक्षित मासिक निकासी क़रीब ₹38,500 होगी. आप इस राशि को हर साल 6 प्रतिशत बढ़ा सकते हैं, ताकि आपकी ख़रीदारी की क्षमता बनी रहे. तो, दूसरे साल में आप ₹40,810 प्रति माह निकालेंगे, तीसरे साल में ₹43,259 और इसी तरह आगे.
कागज पर ये रणनीति अच्छी लगती है. इक्विटी की स्थिर ग्रोथ और अनुशासित निकासी के साथ ₹1 करोड़ का फ़ंड 30 साल तक चल सकता है और अंत में आपके पास क़रीब ₹11.5 लाख का बफ़र भी बचेगा.
लेकिन, अगर आपका शुरुआती मासिक ख़र्च ₹38,500 से बढ़कर ₹40,000 हो जाए, तो आपका पैसा 29वें साल में खत्म हो जाएगा. और अगर आप आज ₹45,000 प्रति माह ख़र्च करते हैं, तो ₹1 करोड़ का फ़ंड 24.5 साल में खत्म हो जाएगा.
स्प्रेडशीट जो नहीं बताती
उपरोक्त गणना दिखाती है कि भले ही श्रीनिवासन ₹1 करोड़ के रिटायरमेंट फ़ंड के साथ रिटायर हो सकते हैं, लेकिन अगर असल हालात कुछ अलग हुए तो सबसे अच्छा निकासी प्लान भी ताश के पत्तों की तरह ढह सकता है.
- अचानक होने वाला मेडिकल ख़र्च: भले ही आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस हो, लेकिन कुछ इलाज में जेब से ख़र्च करना पड़ता है या कुछ चीज़ें कवर नहीं होतीं. ग़लत शहर या ग़लत समय पर अस्पताल में भर्ती होने से आपका फ़ंड तेज़ी से कम हो सकता है.
- बच्चों की ज़रूरतें: बच्चे की विदेश में उच्च शिक्षा या शादी जैसे मौक़े अचानक आपके फ़ंड से कुछ लाख रुपये निकाल सकते हैं.
- हाउसिंग ख़र्च: ये मॉडल मानता है कि श्रीनिवासन के पास अपना घर है. अगर आप किराए पर रहते हैं या बाद में असिस्टेड लिविंग में जाने की योजना बनाते हैं, तो गणित पूरी तरह बदल जाएगा. किराया और रखरखाव में हर महीने ₹15,000 से ₹30,000 अतिरिक्त ख़र्च हो सकते हैं, जिससे आपकी सुरक्षित निकासी दर काफ़ी कम हो जाएगा.
- लाइफ़स्टाइल की चाहत: कोई भी रिटायरमेंट में कंजूसी की जिंदगी नहीं जीना चाहता. यात्रा, त्योहार, गिफ्ट-ये छोटी-छोटी खुशियां भी जुड़कर बड़ा ख़र्च बन जाती हैं. और इनका हर रुपये तक हिसाब लगाना हमेशा मुमकिन नहीं होता.
तो, क्या ₹1 करोड़ आज 30 साल तक चल सकते हैं?
हां, लेकिन तभी अगर आप इसे एक सर्वाइवल बजट की तरह इस्तेमाल करें. और इसके लिए आपको चाहिए:
- एक अनुशासित विदड्रॉल प्लान
- ख़र्चों पर सख्त कंट्रोल
- कोई बड़ा एकमुश्त ख़र्च नहीं
- आदर्श रूप से, कोई किराया या EMI नहीं
- थोड़ी किस्मत का साथ
आपको क्या अलग करना चाहिए?
अगर आप अपने 30 या 40 के दशक में ये पढ़ रहे हैं, तो 55 की उम्र में घबराहट शुरू होने का इंतज़ार न करें. जल्दी शुरू करें. कम्पाउंडिंग को आपके लिए काम करने दें. ₹1 करोड़ छोटी रकम नहीं है, लेकिन ये अब उतनी बड़ी भी नहीं रही जितनी पहले थी.
तो, आज से ही निवेश शुरू करें.
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कोई भी SIP शुरू कर सकता है. लेकिन हर कोई असल वैल्थ के साथ फिनिश लाइन तक नहीं पहुंचता. फ़र्क़ क्या लाता है? पहले दिन से सही फ़ंड चुनना. यहीं पर वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपकी मदद करता है.
हम सिर्फ़ म्यूचुअल फ़ंड की लिस्ट नहीं देते, बल्कि दशकों के मार्केट रिसर्च और परफ़ॉर्मेंस डेटा के आधार पर अच्छी क्वालिटी वाले, अच्छी तरह से प्रबंधित फ़ंड की एक छोटी लिस्ट चुनते हैं. चाहे आप रिटायरमेंट, बच्चे की शिक्षा या लंबे समय तक वैल्थ बनाने के लिए निवेश कर रहे हों, ये आपका सही रास्ता है.
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ये लेख पहली बार अगस्त 06, 2025 को पब्लिश हुआ.
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