फंड वायर

26 लार्ज-कैप फ़ंड में से 9 ही बेंचमार्क को दे पाए मात. आपके पास कौन-सा है?

चलिए जानते हैं, कौन से एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड्स BSE 100 TRI को मात देने में क़ामयाब रहे

26 लार्ज-कैप फ़ंड्स में से सिर्फ़ 9 ही अपने बेंचमार्क को मात दे पाए. क्या आपके पास भी कोई है?Aditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः क़रीब ₹4 लाख करोड़ की धनराशि को मैनेज करने वाले लार्ज-कैप फ़ंड्स को इक्विटी निवेश के लिए "सुरक्षित दांव" माना जाता है. लेकिन हक़ीक़त ये है कि लंबे समय में सिर्फ़ 26 में से 9 फ़ंड्स ही लगातार BSE 100 TRI से बेहतर रहे. बाक़ी का क्या? ज़्यादा फ़ीस लेने के बावजूद वे पीछे रह गए. जानना चाहते हैं कि आपका फ़ंड इनमें है या नहीं?

लार्ज-कैप फ़ंड्स को अक्सर इक्विटी निवेश का "कम्फ़र्ट ज़ोन" माना जाता है. ये आपका पैसा रिलायंस, इन्फ़ोसिस, HDFC बैंक और TCS जैसी देश की 100 सबसे बड़ी कंपनियों में लगाते हैं. यानी ऐसे नाम जो जाने-पहचाने और सुरक्षित लगते हैं. कई निवेशकों के लिए यही पहचान भरोसे में बदल जाती है.

इसका असर दिखता भी है. जून 2025 तक, लार्ज-कैप फ़ंड्स ₹3.97 लाख करोड़ कर नेट एसेट मैनेज कर रहे हैं. ये फ्लेक्सी-कैप और मिड-कैप फ़ंड्स के बाद तीसरी सबसे बड़ी इक्विटी कैटेगरी है. इस वित्त वर्ष में अब तक इनमें ₹7,700 करोड़ का नया निवेश आया है.

लेकिन यहां एक असहज करने वाली सच्चाई है: इतना भरोसा और पैसा आने के बावजूद, ज़्यादातर एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड अपने बेंचमार्क को ही मात नहीं दे पाए हैं.

क्यों बेंचमार्क को मात देना मायने रखता है

एक्टिव इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वाले लार्ज-कैप फ़ंड्स को अपने निवेशकों का कम से कम 80 प्रतिशत पैसा भारत की 100 सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों में लगाना होता है. आइडिया सीधा है: सिर्फ़ Nifty 100 जैसे इंडेक्स की नक़ल करने की बजाय, फ़ंड मैनेजर सही स्टॉक सही समय पर चुनकर मार्केट को मात देने की कोशिश करता है.

अगर फ़ंड मैनेजर सफल रहा, तो निवेशक को इंडेक्स फ़ंड से ज़्यादा कमाई मिलनी चाहिए. अगर नहीं, तो आप ज़्यादा फ़ीस देकर भी कोई अतिरिक्त फ़ायदा नहीं उठा पाए.

तो कैसे पता करें कि फ़ंड मैनेजर क़ामयाब रहा या नहीं?

रोलिंग रिटर्न की समझ

हमने पिछले 5 सालों के डेली रोलिंग रिटर्न का एनालेसिस किया है.

ये सुनने में मुश्किल लगता है, पर असल में आसान है: मान लीजिए आपने 2 जनवरी 2020 को निवेश किया और 2 जनवरी 2025 तक निवेशित रहे. ये एक 5 साल का स्नैपशॉट हुआ. अब इसे एक दिन आगे बढ़ाते हैं, 3 जनवरी 2020 से 3 जनवरी 2025 तक. ये दूसरा स्नैपशॉट है. हम इसे हर कारोबारी दिन दोहराते रहे.

कुल मिलाकर, हमें 5 साल के 1,235 ऐसे स्नैपशॉट मिले. हरेक के लिए, हमने पूछा: क्या फ़ंड ने बेंचमार्क को पीछे छोड़ा या नहीं?

इस तरह पता चलता है कि क्या कोई फ़ंड ज़्यादातर समय जीत रहा था या सिर्फ़ कुछ मौक़ों पर क़िस्मत से अच्छा लग रहा था.

डेटा से क्या पता चला

हमने कम से कम 10 साल के इतिहास वाले सभी 26 एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड्स की स्टडी की. हालांकि इनके बेंचमार्क अलग-अलग हैं - कुछ Nifty 100 TRI, तो कुछ BSE 100 TRI को फ़ॉलो करते हैं - लेकिन स्थिरता के लिए हमने BSE 100 TRI का इस्तेमाल किया.

हमने पाया कि BSE 100 TRI का औसत 5 साल का रोलिंग रिटर्न 15.5 प्रतिशत सालाना रहा है.

BSE 100 TRI के प्रदर्शन के आधार पर ये नतीजे निकले:

26 में से सिर्फ़ 9 ही एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड बेंचमार्क से बेहतर रहे.

और टॉप 3 थे:

बाक़ी लार्ज-कैप फ़ंड्स जिन्होंने बेंचमार्क को हराया: Axis (15.51 प्रतिशत), Baroda BNP Paribas (15.97 प्रतिशत), Edelweiss (16.1 प्रतिशत), Invesco India (15.65 प्रतिशत), Kotak (16.01 प्रतिशत) और Mirae Asset (15.58 प्रतिशत).

Direct vs Regular: एक छोटा सा फ़र्क

हर म्यूचुअल फ़ंड दो तरह के होते हैं: Direct और Regular.

  • Direct: सीधे फ़ंड हाउस से से ख़रीदे जाते हैं और इनकी लागत कम होती है.
  • Regular: एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर से ख़रीदे जाते हैं और इनमें उनका कमीशन जुड़ा होता है.

लंबे समय में ये फ़र्क़ हमेशा Direct प्लान के रिटर्न को थोड़ा बेहतर बना देता है.

टॉप 3 फ़ंड्स पर गहराई से नज़र

  • Canara Robeco Large Cap: ये सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला फ़ंड है. इसने 87 प्रतिशत मौक़ों पर बेंचमार्क को पीछे छोड़ा. जैसा कि हमने हाल ही में बताया था. निवेशक इसी तरह की निरंतरता का सपना देखते हैं.
  • Nippon India Large Cap: इसका औसत रिटर्न 16.26 प्रतिशत है के साथ अच्छा लग रहा है, लेकिन इसका सफ़र असमान रहा है. इसने बेंचमार्क को सिर्फ़ 45 प्रतिशत मौक़ों पर ही मात दी, यानी 1,235 कारोबारी दिनों में से 555 दिनों में इसने BSE 100 TRI से ज़्यादा रिटर्न दिया.
  • ICICI Prudential Large Cap: 16.24 प्रतिशत औसत रिटर्न के साथ, ये कागज़ी तौर पर ठोस दिखता है. इसने बेंचमार्क को सिर्फ़ 41 प्रतिशत मौक़ों पर पछाड़ा यानी 1,234 रोलिंग पीरियड में से 516 बार बेहतर प्रदर्शन किया है.

हमारी राय

नतीजा साफ़ है: ज़्यादातर एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड्स अपने मैनेजमेंट फ़ीस को सही नहीं ठहरा पाए. अगर आप किसी प्रोफ़ेशनल को मार्केट हराने के लिए पैसा दे रहे हैं, तो क्या आपको लगातार बेहतर नतीजे नहीं मिलने चाहिए?

इसीलिए फ़ंड चुनते समय बहुत सावधानी चाहिए. वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र में हम वही मुश्किल काम करते हैं. उन एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड्स की पहचान जो सच में रखने लायक़ हैं, जहां मज़बूत रिटर्न मिले और मज़बूत भरोसा भी हो.

और अगर आप बिल्कुल भी रिस्क नहीं लेना चाहते, तो पैसिव लार्ज-कैप फ़ंड्स पर ग़ौर कर सकते हैं, जो बस बेंचमार्क की नक़ल करते हैं. ये मार्केट को नहीं हराएंगे, पर पीछे भी नहीं रहेंगे. और इनका ख़र्च भी बहुत कम होता है. फ़ंड एडवाइज़र में हम इन विकल्पों की भी सलाह देते हैं.

आज ही फ़ंड एडवाइज़र देखें!

ये भी पढ़ें: लार्ज-कैप फ़ंड में किसे निवेश करना चाहिए

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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