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सारांशः आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एक ब्रोकरेज कंपनी है जो कई तरह की सेवाएं देती है और बड़े पैमाने पर ग्राहकों के साथ जुड़ी है. इसके पास अच्छे आंकड़े और लंबे समय से जुड़े ग्राहक हैं, लेकिन निगेटिव कैश फ़्लो जैसी रिस्क भी मौजूद हैं. देखते हैं कि इसका IPO लेना फ़ायदेमंद रहेगा या नहीं.
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स IPO (शुरुआती सार्वजनिक पेशकश) 23 सितंबर 2025 को खुलेगा और 25 सितंबर 2025 को बंद होगा. ये कंपनी पूरी तरह से नया इश्यू ला रही है, जिसकी कुल साइज ₹745 करोड़ है.
कंपनी के कामकाज, पैसों की स्थिति, मज़बूतियों, रिस्क और वैल्यूएशन को समझकर निवेश का फ़ैसला लेना आसान होगा.
कंपनी क्या करती है
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एक ब्रोकरेज कंपनी है, जिसके पास भारत के शेयर बाज़ार में 30 साल से ज़्यादा का अनुभव है. ये रिटेल से लेकर अमीर ग्राहकों और संस्थाओं तक सभी को सेवाएं देती है, जिनमें शेयर, डेरिवेटिव, कमोडिटी और करेंसी शामिल हैं.
कंपनी की मौजूदगी हर तरह के ग्राहकों में है और इसका नेटवर्क 54 शहरों तक फैला है, जिसमें 90 ब्रांच, 1,100 से ज़्यादा लोग और मज़बूत ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म शामिल हैं. आनंद राठी ग्रुप के सपोर्ट से ये कंपनी बड़े शहरों से छोटे शहरों तक ग्रोथ बढ़ाने के लिए काम कर रही है.
ट्रैक रिकॉर्ड और वैल्यूएशन
पैसों की स्थिति देखें तो आनंद राठी मज़बूत दिखती है. इसकी वजह है शेयर और म्यूचुअल फ़ंड्स में बढ़ता निवेश और लंबे समय से जुड़े ग्राहक.
FY23 से FY25 के बीच कंपनी का रेवेन्यू और टैक्स के बाद मुनाफ़ा (PAT) हर साल लगभग 35% और 66% की दर से बढ़ा.
मार्जिन भी अच्छे रहे, क्योंकि दो साल में कंपनी का EBIT मार्जिन लगभग 13 प्रतिशत तक बढ़ा.
प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर (₹414) पर, शेयर का वैल्यूएशन FY25 की कमाई का 25.1 गुना और बुक वैल्यू का 2.1 गुना होगा. तुलना में, आनंद राठी के मुकाबले वाली कंपनियां औसतन 17.4 गुना P/E और 3.4 गुना P/B पर ट्रेड हो रही हैं.
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स IPO डिटेल्स
| जानकारी | आंकड़े |
|---|---|
| कुल IPO साइज (₹ करोड़) | 745 |
| ऑफ़र फ़ॉर सेल (₹ करोड़) | – |
| फ़्रेश इश्यू (₹ करोड़) | 745 |
| प्राइस बैंड (₹) | 393–414 |
| सब्सक्रिप्शन की तारीख़ | 23–25 सितंबर 2025 |
| इश्यू का मक़सद | वर्किंग कैपिटल ज़रूरतें पूरी करना |
पोस्ट IPO
| जानकारी | आंकड़े |
|---|---|
| मार्केट कैप (₹ करोड़) | 2,596 |
| नेट वर्थ (₹ करोड़) | 1,249 |
| प्रमोटर होल्डिंग (%) | 69.9 |
| प्राइस/अर्निंग्स (P/E) | 25.1 |
| प्राइस/बुक (P/B) | 2.1 |
फ़ाइनेंशियल हिस्ट्री
| मुख्य आंकड़े | 2Y CAGR (%) | FY25 | FY24 | FY23 |
|---|---|---|---|---|
| रेवेन्यू (₹ करोड़) | 34.5 | 846 | 682 | 468 |
| EBIT (₹ करोड़) | 69.4 | 286 | 210 | 100 |
| PAT (₹ करोड़) | 65.7 | 104 | 77 | 38 |
| नेट वर्थ (₹ करोड़) | 37.8 | 504 | 393 | 265 |
| टोटल डेट | 60.2 | 769 | 633 | 299 |
| EBIT = ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई PAT = टैक्स के बाद मुनाफ़ा |
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रेशियो
| मुख्य रेशियो | 3Y एवरेज (%) | FY25 | FY24 | FY23 |
|---|---|---|---|---|
| ROE (%) | 20.3 | 23 | 24 | 14 |
| ROCE (%) | 23.0 | 25 | 27 | 18 |
| EBIT मार्जिन (%) | 28.6 | 34 | 31 | 21 |
| डेट-टू-इक्विटी | 1.4 | 2 | 2 | 1 |
| ROE = रिटर्न ऑन इक्विटी ROCE = निवेश की गई पूंजी पर रिटर्न |
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ताक़त
नीचे दी गई हैं आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की कुछ बड़ी अच्छी बातें.
#1 ग्राहकों से सबसे ज़्यादा कमाई
CARE के मुताबिक़, FY25 में आनंद राठी ने अपने मुक़ाबले वाली कंपनियों से ज़्यादा एवरेज कमाई प्रति ग्राहक (ARPC) दिखाई - ₹29,347, FY24 में ₹30,922 और FY23 में ₹26,012. ये लंबे ग्राहक संबंध, मैच्योर ग्राहक बेस और पर्सनल सर्विस की वजह से है. लगभग 59% ग्राहक तीन साल से ज़्यादा और 45% पांच साल से ज़्यादा से कंपनी के साथ जुड़े हैं (31 मार्च 2025 तक).
#2 अलग-अलग स्रोत से कमाई
आनंद राठी की कमाई सिर्फ़ ब्रोकिंग से नहीं आती, बल्कि मार्जिन फ़ंडिंग और प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन जैसी अन्य सेवाओं से भी होती है.
हाल के सालों में ग्रोथ ज़्यादातर नॉन-ब्रोकिंग बिज़नेस से आई है, जिसका रेवेन्यू FY23 में ₹1,050 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹1,926 करोड़ हो गया - 35% CAGR. इसके मुकाबले, ब्रोकिंग से कमाई 27% बढ़ी. म्यूचुअल फ़ंड का बढ़ता इस्तेमाल कंपनी के लिए अच्छा मौक़ा है.
#3 मज़बूत ट्रैक रिकॉर्ड
FY23 से FY25 के बीच, आनंद राठी का मुनाफ़ा ₹38 करोड़ से बढ़कर ₹104 करोड़ हो गया, यानी हर साल लगभग 66% की तेज़ी. इसी दौरान EBITDA मार्जिन भी 24.6% से बढ़कर 36.8% हो गया.
कमज़ोरियां
अच्छे आंकड़े और मज़बूत ग्राहक आधार होने के बावजूद कंपनी की कुछ कमज़ोरियां भी हैं.
#1 ब्रोकिंग इनकम पर भारी निर्भरता
ब्रोकिंग और उससे जुड़ी सेवाएं FY25 में कुल कमाई का लगभग 60% हिस्सा थीं. कंपनी मार्जिन ट्रेडिंग भी चलाती है, जिसमें ग्राहक अपने शेयर कोलेटरल रखकर पैसे उधार ले सकते हैं. लेकिन शेयर बाज़ार में गिरावट, बड़े ग्राहकों को रोकने में दिक़्क़त या सर्विस में कमी कंपनी की कमाई को नुक़सान पहुंचा सकती है.
#2 रोज़ाना के काम के लिए ज़्यादा वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत
कंपनी का बिज़नेस वर्किंग कैपिटल पर ज़्यादा निर्भर है. पैसे ज़्यादातर मार्जिन ट्रेडिंग, रिसीवेबल्स और बैंक बैलेंस में फंसे रहते हैं. इन्हें चलाना रोज़ाना के काम और कमाई बनाए रखने के लिए ज़रूरी है. कंपनी को उम्मीद है कि आंतरिक कमाई, लोन और IPO से जुटे पैसे इस ज़रूरत को पूरा करेंगे. लेकिन अगर इसमें कमी आई तो बिज़नेस और परफ़ॉर्मेंस प्रभावित हो सकते हैं.
IPO से जुटे पैसे कहां लगेंगे?
कुल ₹745 करोड़ के इश्यू में से कंपनी ₹550 करोड़ वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों में लगाएगी और बाकी पैसा कॉरपोरेट कामों में इस्तेमाल करेगी.
तो क्या आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स IPO लेना चाहिए?
IPO को लेकर जोश अक्सर असली तस्वीर छुपा देता है: लंबे समय की दौलत बनाना. छोटे मौकों के पीछे भागने के बजाय, मज़बूत बिज़नेस पर ध्यान देना बेहतर है जिनका ट्रैक रिकॉर्ड और नींव दोनों मज़बूत हों.
यही काम वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र करता है. हमारे एक्सपर्ट उन कंपनियों को चुनते हैं जिनमें निवेश सही रहता है और बताते हैं कि कब ख़रीदना, रोकना या बेचना है, ताकि लंबी अवधि की दौलत आसानी से बन सके.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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