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सारांशः त्योहारों के दौरान बुकिंग, GST में कटौती और स्टॉक्स में तेज़ी ने मारुति सुज़ुकी को हमारे सिस्टम में परफ़ेक्ट 5-स्टार रेटिंग दिलाई. लेकिन इसके साथ ही वैल्यूएशन भी कुछ महंगी हो गई है. जानिए कि स्टॉक के वैल्यूएशन में सहजता की स्थिति कैसे खत्म हुई और क्या ये अभी भी ख़रीदने लायक है.
भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुज़ुकी फिर से तेज़ रफ्तार में लौट आई है. हाल के दिनों में, त्योहारों से जुड़ी मांग और छोटे कारों एवं SUV पर GST में कटौती के असर से इसका स्टॉक टॉप गियर में चला गया है.
इसके चलते ही, इस सोमवार यानि नवरात्रि के पहले दिन, मारुति ने लगभग 30,000 बुकिंग और करीब 80,000 इन्क्वायरीज़ हासिल कीं, जो कई वर्षों के दौरान त्योहारों के शुरुआती दिनों में सबसे अच्छा आंकड़ा है.
उसी दिन, सरकार ने मास-मार्केट से जुड़ी कारों पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया. मारुति ने अपने डिस्काउंट्स भी पेश किए, जिससे एंट्री-लेवल कार की मांग में वापसी की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
ऐसी ख़बरें बिक्री के जोश को दिखाती हैं, तो वहीं स्टॉक का प्रोफ़ाइल भी बदल गया है. लेकिन, कुछ और भी बदलाव हुआ जो हमारी वैल्यू रिसर्च स्टॉक रेटिंग्स पर दिखा.
रेटिंग्स में भी हुआ सुधार
अगस्त के अंत में, मारुति की रेटिंग 4-स्टार थी. अब ये 5-स्टार पर पहुंच गई है. क्या बदलाव हुआ? मोमेंटम. स्टॉक का मोमेंटम स्कोर 5 से बढ़कर परफ़ेक्ट 10 हो गया, जिससे कुल रेटिंग भी ऊपर गई. 1 अगस्त से, मारुति के शेयर प्राइस में 27% की बढ़त आई, जिससे इसने ऑटो सेक्टर के ज़्यादातर स्टॉक्स को पीछे छोड़ दिया.
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| कंपनी | स्टॉक रेटिंग | क्वालिटी | ग्रोथ | वैल्यूएशन | मोमेंटम स्कोर |
|---|---|---|---|---|---|
| मारुति सुजुकी | 5 | 8 | 7 | 4 | 10 |
| सभी स्कोर 10 में से दिए गए हैं; स्टॉक रेटिंग 5 में से दी गई है | |||||
वैल्यूएशन का बढ़ना
ये तेज़ उछाल स्टॉक की वैल्यूएशन अपील को घटा रहा है. इसका वैल्यूएशन स्कोर 5 से गिरकर 4 रह गया है, जिससे बढ़ते मल्टीपल्स का पता चलता है.
P/E रेशियो को ही लीजिए. पिछले साल ज़्यादातर समय में, मारुति का शेयर लगभग 27 गुने के P/E पर ट्रेड कर रहा था, जो इसके 5 साल के मीडियन 37.85 की तुलना में 29% डिस्काउंट पर था. लेकिन अगस्त से सिर्फ़ एक महीने में, ये मल्टीपल तेज़ी से बढ़ गया, डिस्काउंट का अंतर ख़त्म हो गया और अब ये लगभग 35 गुने पर है, जो इंडस्ट्री एवरेज से भी ऊपर है.
P/B रेशियो भी अपने 5 साल के मीडियन से ऊपर चला गया है, जो 1 अगस्त को 3.87 गुने पर था और अब 5 गुने से ऊपर है, जिससे स्टॉक प्रीमियम हो गया. दूसरे शब्दों में, मार्केट ने पिछले साल का ज़्यादातर वैल्यूएशन डिस्काउंट खत्म कर दिया है.
बोनट के नीचे की ताकत
इसके बावजूद, मारुति मूल रूप से मज़बूत है. इसके क्वालिटी और ग्रोथ स्कोर स्थिर हैं, जो मज़बूत बैलेंस शीट, कमाई का रिकॉर्ड और बाज़ार हिस्सेदारी पर आधारित हैं.
पिछले पांच वर्षों में, कंपनी ने मज़बूत सालाना PAT और रेवेन्यू में 21% ग्रोथ दर्ज की, जिससे भारतीय पैसेंजर व्हीकल मार्केट में इसके दबदबे का पता चलता है.
क्या मारुति को अपने पोर्टफ़ोलियो में जोड़ना चाहिए?
GST में कमी और त्योहारों की बुकिंग ने निश्चित रूप से मारुति के पक्ष में कहानी बदल दी है. मोमेंटम में सुधार के साथ, शॉर्ट-टर्म पिक्चर मज़बूत दिखती है. फिर भी, जब वैल्यूएशन अब सस्ती नहीं रही, तो रिस्क-रिवार्ड बैलेंस थोड़ा जटिल हो गया है.
लंबे समय के निवेशकों के लिए, ये कम अवधि में बिक्री में बढ़ोतरी का पीछा करने के बजाय ये देखना ज़्यादा महत्वपूर्ण है कि क्या मारुति की अर्निंग्स की ताक़त आने वाले वर्षों में बनी रह सकती है.
अगर आप जानना चाहते हैं कि मारुति सुज़ुकी- या कोई भी ऑटो स्टॉक-आपके पोर्टफ़ोलियो के लिए सही है या नहीं, तो हमारा वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र आपकी मदद कर सकता है. हम सिर्फ हेडलाइन नहीं ट्रैक करते; हम केवल उन्हीं स्टॉक्स की रेकमंडेशन करते हैं जिनमें लॉन्ग-टर्म कंपाउंडिंग देने की क्षमता है. हमसे जुड़ें और जानें कि कौन से ऑटो स्टॉक्स हमारी रेकमंडेशन की लिस्ट में हैं.
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