फंड वायर

फ़ैक्टर फ़ंड लड़खड़ा सकते हैं. साल 2025 इसका सबूत है

शानदार प्रदर्शन के बाद, मोमेंटम, क्वालिटी और अल्फ़ा फ़ंड 2025 में जूझ रहे हैं

फ़ैक्टर फ़ंड लड़खड़ा सकते हैं, 2025 इसका सबूत हैAditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः 2023 - 24 की तेज़ रफ़्तार के बाद फ़ैक्टर फ़ंड फिसले हैं. ये स्टोरी बताती है कि कमतर प्रदर्शन की वजहें क्या हैं, इसमें साइक्लिकल बनाम स्ट्रक्चरल क्या है और फ़िलहाल निवेशकों को किस तरह पोज़िशन लेनी चाहिए.

भारतीय म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री में कभी सीज़न के पसंदीदा बने फ़ैक्टर फ़ंड - जो मोमेंटम, क्वालिटी और अल्फ़ा जैसे तरीक़ों पर आधारित होते हैं - अब मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. एक्टिव प्रोडक्ट और ETF तथा इंडेक्स फ़ंड जैसे पैसिव व्हीकल के रूप में पेश किए जाते रहे इन फ़ंड्स ने साधारण इंडेक्स निवेश के बजाय एक वैज्ञानिक, नियम-आधारित विकल्प देने का वादा करके लोकप्रियता हासिल की थी.

पर बाज़ार हमेशा एक जैसा नहीं रहता. दो साल के दबदबे के बाद, ये थीम अब रफ़्तार खो रही हैं.

तेज़ दौर से अचानक गिरावट तक

ये आंकड़े स्थिति में बदलाव को दर्शाते हैं. 2023 में निफ़्टी 500 TRI ने 27% का दमदार रिटर्न दिया. लेकिन, लगभग 48% तक रिटर्न देकर निफ़्टी 500 मोमेंटम 50 TRI ने बाज़ी मारी. पूरे 2023 - 24 में, निफ़्टी 200 मोमेंटम 30 और निफ़्टी 500 मोमेंटम 50 जैसे फ़ैक्टर इंडेक्स अपने मूल इंडेक्स को लगातार बड़े फ़ासले से पछाड़ते रहे.

ये जीत का सिलसिला 2025 में उलट गया. 15 सितंबर तक Aditya Birla Sun Life निफ़्टी 200 मोमेंटम 30 ETF एक साल में 15.3% नीचे था, जबकि निफ़्टी 200 के लिे ये आंकड़ा - 1.5% रहा. Bandhan निफ़्टी अल्फ़ा 50 इंडेक्स फ़ंड 15% फिसला. DSP निफ़्टी स्मॉल कैप 250 क्वालिटी 50 इंडेक्स फ़ंड भी 12.3% गिरा और निफ़्टी स्मॉल कैप 250 इंडेक्स की 6.3% गिरावट से भी कमतर साबित हुआ.

मैनेजर इसे साइक्लिकल मानते हैं

फ़ंड मैनेजर गिरावट को लेकर ज़्यादा चिंता करने से मना करते हैं.

एक्सिस म्यूचुअल फ़ंड कार्तिक कुमार कहते हैं, “स्ट्रैटेजी के तौर पर मोमेंटम पिछले आठ-नौ महीनों से राहत की सांस ले रहा है, पर ऐसा दो अच्छे सालों के बाद हुआ है. “मोमेंटम मज़बूत दौर के बाद अपने आप रुकता है. हाल की गिरावट तकलीफ़देह है, पर ये इसका हिस्सा है - रैलियों में तेज़ चढ़ता है, तो गिरावटें भी तेज़ आती हैं.”

क्वालिटी ने भी नरम दौर देखा, हालांकि मोमेंटम जितना मुश्किल नहीं. DSP Mutual Fund के हेड (पैसिव इन्वेस्टमेंट एंड प्रोडक्ट्स) अनिल घेलानी कहते हैं, “निफ़्टी स्मॉल कैप 250 के मुक़ाबले क्वालिटी पिछड़ा क्योंकि निवेशक सिर्फ़ अच्छी क्वालिटी के नहीं, बल्कि हर स्मॉल कैप के पीछे भाग रहे थे. हर फ़ैक्टर अपने साइकल से गुजरता है. क्वालिटी हाल में कमतर रहा है, पर धीरे-धीरे संभल रहा है.”

निवेशकों के लिए सबक़

सीख साफ़ है: फ़ैक्टर फ़ंड साइक्लिकल होते हैं. मोमेंटम तब अच्छा करता है जब बाज़ार लगातार ऊपर जा रहे हों. क्वालिटी तब बेहतर करती है जब निवेशक ज़्यादा सतर्क होते हैं. अल्फ़ा स्ट्रैटजी तब चमकती है, जब विनर्स और लूज़र्स में साफ़ फ़र्क दिखता है.

मतलब ये कि फ़ैक्टर फ़ंड सहायक होल्डिंग रहें, नींव नहीं. बड़े इंडेक्स फ़ंड या अलग-अलग इक्विटी फ़ंड ही मुख्य आधार बने रहने चाहिए. फ़ैक्टर स्ट्रैटजी स्वाद जोड़ती है, लेकिन बस छोटे हिस्से में.

सब्र भी उतना ही ज़रूरी है. फ़ैक्टर फ़ंड्स एक साल के रिटर्न के आधार पर कोई फ़ैसला करना ठीक नहीं. इन स्ट्रैटजीस को तीन से पांच साल में परखना चाहिए, क्योंकि कम अवधि का कमतर प्रदर्शन इनके स्वभाव में शामिल है. इसका उपाय यही है कि होल्डिंग सीमित रखी जाए, साइकल्स को स्वीकार किया जाए और इन्हें लंबे समय तक सहायक भूमिका निभाने दी जाए.

ऐसा पोर्टफ़ोलियो बनाने में मदद चाहिए जहां हर फ़ंड की भूमिका साफ़ और तय हो? वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपकी मदद कर सकता है. साफ़ लक्ष्य वाली फ़ंड रेकमंडेशन और अनुशासित तरीक़ों के साथ, हर दौर में टिके रहने में मदद मिलती है. 

ये कोई हाइप नहीं. बस साफ़ तस्वीर है.

आज ही फ़ंड एडवाइज़र को एक्सप्लोर करें

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

इमरजेंसी फ़ंड की समस्या

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

20% रिटर्न, हर महीने ₹1 लाख: क्या ऐसी उम्मीद लगाना सही है?

पढ़ने का समय 6 मिनटअभिषेक राणा

मिडिल ईस्ट में युद्ध और असर आपकी जेब पर

पढ़ने का समय 6 मिनटउदयप्रकाश

क्या आपका म्यूचुअल फ़ंड सच में आपके लिए काम कर रहा है?

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

‘मेरे पोर्टफ़ोलियो में 25 फ़ंड हैं. शुरुआत कहां से करूं?’

पढ़ने का समय 5 मिनटउदयप्रकाश

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

SEBI का नया कैटेगराइज़ेशन से जुड़ा सर्कुलर पुराने मसलों को ठीक करता है, लेकिन इंडस्ट्री को प्रोडक्ट के लिहाज़ से अगले दौर की भीड़ के लिए नया सामान भी दे देता है

दूसरी कैटेगरी