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सारांशः 5 साल पहले किसी ने इन तीन मिड-कैप शेयरों में ₹10,000 लगाए होते तो आज ₹3.4 से ₹3.6 लाख बन गए होते. ये तीन कंपनियां पिछले पांच साल में इस कैटेगरी की सबसे ज़्यादा पैसा बनाने वाली रही हैं. नीचे इनके मज़बूत और कमज़ोर पहलू जानिए.
मिड-कैप शेयर अक्सर बेहतर स्थिति में होते हैं. इतने कि उनका बिज़नेस मॉडल साब़ित हो चुका होता है और इतने छोटे कि तेज़ रफ़्तार से बढ़ सकें. यही संतुलन पिछले पांच साल में तीन कंपनियों में साफ़ दिखा, जिन्होंने अपनी कैटेगरी में सबसे ज़्यादा रिटर्न दिया. पांच साल के विनर्स के लिए हमारी स्क्रीनिंग में ये नाम सामने आए जो तेज़ी से आगे बढ़े और निवेशकों का भरोसा जीता. साथ ही, बड़े मल्टीबैगर साबित हुए. आइए इन्हें नज़दीक से देखें:
तीन दिग्गज
1) HBL Engineering
डिफे़ंस, रेलवे और टेलीकॉम सेक्टर के लिए बैटरी और पावर सॉल्यूशंस देने वाली HBL इंजीनियरिंग ने 5 साल में 102.9 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिया. यानी ₹10,000 आज ₹3.44 लाख में बदल जाते. मज़बूत ऑर्डर-फ़्लो और बाज़ार में अच्छी मौजूदगी ने FY20–25 के दौरान कंपनी के टैक्स के बाद मुनाफ़े में सालाना 60 प्रतिशत की रफ़्तार से बढ़ने में मदद की है.
2) Gravita India
मेटल रीसाइक्लिंग और नॉन-फे़रस मेटल्स की स्पेशलिस्ट ग्रेविटा ने ग्लोबल कमोडिटी साइकिल का फ़ायदा उठाया है और लगातार अपने ऑपरेशन बढ़ाए हैं. पांच साल पहले स्टॉक में ₹10,000 लगाए होते तो आज क़रीब ₹3.45 लाख होते. इसका ग्रोथ स्कोर 8 है. पिछले 5 सालों में टैक्स के बाद मुनाफ़ा सालाना 54 प्रतिशत की मज़बूत दर से बढ़ा है. हालांकि कंपनी कुछ क्षेत्रों में अपनी बुनियाद और मज़बूत कर सकती है. EBIT मार्जिन 7–8 प्रतिशत के मामूली स्तर पर हैं और कैश-कन्वर्ज़न कमज़ोर है, जिसमें FY20–24 के दौरान CFO-से-EBITDA सिर्फ़ 39 प्रतिशत रहा है.
3) PG Electroplast
PG इलेक्ट्रोप्लास्ट बड़े कंज्यूमर-इलेक्ट्रॉनिक्स और होम-अप्लायंस ब्रांड्स के लिए कंपोनेंट्स और तैयार प्रोडक्ट्स डिज़ाइन और बनाती है. इसका लगभग 60 प्रतिशत रेवेन्यू रूम एयर-कंडीशनर्स से आता है. AC की ज़बरदस्त डिमांड ने कंपनी को ख़ासा सपोर्ट किया, जिसका स्टॉक पांच साल में 36 गुना बढ़ा है. अगर किसी ने पांच साल पहले इस शेयर में ₹10,000 का निवेश किया होता तो आज ये रक़म ₹3.64 लाख हो जाती. लेकिन बुनियादी स्थिति कमज़ोर है: इसके सभी वैल्यू रिसर्च स्कोर कम हैं, और Q1 FY26 अपडेट में, इसने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 30 प्रतिशत से घटाकर 17–18 प्रतिशत कर दिया. इससे मैनेजमेंट की क्षमता पर सवाल उठे हैं.
| शेयर | 5 साल का सालाना रिटर्न (% में) | P/E | स्टॉक रेटिंग | क्वालिटी स्कोर | ग्रोथ स्कोर | वैल्यूएशन स्कोर | मोमेंटम स्कोर |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Gravita India | 103.06 | 36.58 | 3 | 6 | 8 | 4 | 6 |
| HBL Power Systems | 102.87 | 34.92 | 3 | 4 | 7 | 3 | 10 |
| PG Electroplast | 105.23 | 62.03 | 1 | 3 | 3 | 4 | 2 |
| स्टॉक रेटिंग 5 में से हैं. स्कोर 10 में से हैं. | |||||||
क्या आप स्क्रीन से आगे जाना चाहते हैं?
इस तरह की स्क्रीन बड़ी दुनिया में से विनर्स को खोजने के लिए अच्छी होती हैं. लेकिन सिर्फ़ शेयर की कीमत बढ़ना ही काफ़ी नहीं है. अगर आप ध्यान से रिसर्च किए हुए, भरोसे वाले स्टॉक आइडिया पसंद करते हैं जो पुराने रिटर्न से आगे देखें और सालों तक चलने वाले फ़ंडामेंटल्स और ड्यूरेबिलिटी पर ध्यान दें, तो वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र आपकी मदद कर सकता है. हमारे एनालिस्ट पिछले रिटर्न से भी ज़्यादा गहराई से जांच करके क्वालिटी, ग्रोथ विज़िबिलिटी और सही वैल्यूएशन वाली कंपनियों का पता लगाते हैं.
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