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सारांशः बीते एक साल में सिल्वर ETF ने 200% से ज़्यादा रिटर्न देकर निवेशकों को चौंका दिया है, ऐसे में दिलचस्प सवाल यह है कि क्या यह चांदी का नया दौर है या बस बाज़ार का शोर? रैली के पीछे सोलर, EV और ग्रीन एनर्जी जैसी इंडस्ट्रीज़ से बढ़ती मांग की बात सामने आती है, लेकिन चांदी की क़ीमतों का तेज़ उतार-चढ़ाव इसे जोखिम भरा भी बनाता है. सिर्फ़ हालिया रिटर्न देखकर निवेश करना भारी पड़ सकता है. तो क्या अभी भी सिल्वर ETFs में निवेश का मौक़ा है. नीचे पूरी एनालेसिस पढ़िए.
पिछले एक साल के दौरान चांदी की कीमतों में दमदार रैली के दम पर उससे जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड्स (Silver ETFs) ने निवेशकों को चौंकाने वाला रिटर्न दिया है. जिस चांदी को लंबे समय तक सोने के मुकाबले कमतर आंका जाता रहा, उसने हालिया दौर में रिटर्न के मामले में न केवल सोने बल्कि कई इक्विटी निवेशों को भी पीछे छोड़ दिया है.
असल में, इस बार रिटर्न सिर्फ “अच्छे” नहीं, बल्कि असाधारण रहे हैं. बीते 12 महीनों में कई सिल्वर ETFs ने 200% से भी ज़्यादा रिटर्न दिया है. यानी जिन निवेशकों ने एक साल पहले चांदी में निवेश किया था, उनकी पूंजी कुछ मामलों में तीन गुना तक बढ़ चुकी है. यह प्रदर्शन हाल के वर्षों की सबसे तेज़ रैली में से एक माना जा रहा है. ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है-क्या सिल्वर ETFs में अभी निवेश करना सही रहेगा या यह सिर्फ़ एक अस्थायी उछाल है?
इस सवाल का जवाब तलाशने से पहले ज़मीनी हकीकत को आंकड़ों के ज़रिये समझना ज़रूरी है. नीचे दिए गए आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में टॉप सिल्वर ETFs का प्रदर्शन कैसा रहा है.
एक साल के टॉप 10 सिल्वर ETFs
| सिल्वर ETF | 1 साल का रिटर्न (%) |
|---|---|
| Tata Silver ETF | 227.16 |
| ICICI Prudential Silver ETF FoF | 216.66 |
| DSP Silver ETF | 216.26 |
| ABSL Silver ETF | 216.01 |
| Kotak Silver ETF | 215.9 |
| SBI Silver ETF FoF* | 215.64 |
| Mirae Asset Silver ETF | 215.2 |
| Axis Silver ETF | 215.16 |
| Nippon India Silver ETF | 214.96 |
| SBI Silver ETF | 214.81 |
| स्रोत: वैल्यू रिसर्च, रिटर्न का डेटा 22 जनवरी, 2026 का है. * डायरेक्ट प्लान |
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ये आंकड़े साफ बताते हैं कि सिल्वर ETFs का प्रदर्शन किसी एक फंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी कैटेगरी में तेज़ उछाल देखने को मिला है.
चांदी में अचानक इतनी तेज़ी क्यों आई?
मोटे तौर पर, चांदी की तेज़ी के पीछे केवल निवेश मांग नहीं है. इंडस्ट्री में इसका इस्तेमाल इसकी सबसे बड़ी ताक़त बनकर उभरा है. सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि सप्लाई उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ पा रही.
इसके साथ ही, जब महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित एसेट्स की ओर रुख करते हैं. इस माहौल में सोने के साथ-साथ चांदी एक वैकल्पिक सुरक्षित निवेश के रूप में उभरती है. फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि चांदी की क़ीमतें ज़्यादा उतार-चढ़ाव वाली होती हैं, जिससे रैली के दौरान रिटर्न भी ज़्यादा तेज़ दिखता है.
निवेश रणनीति: चांदी को कैसे देखें?
चांदी को मुख्य निवेश नहीं, बल्कि डाइवर्सिफ़िकेशन टूल के रूप में देखना चाहिए. चांदी पोर्टफ़ोलियो में स्थिरता और संतुलन लाने में मदद कर सकती है, लेकिन यह इक्विटी का विकल्प नहीं है.
आमतौर पर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
- सिल्वर ETFs को पोर्टफोलियो के 5–10% से ज़्यादा नहीं रखना चाहिए
- इसे लॉन्ग-टर्म एसेट एलोकेशन के हिस्से के रूप में देखें, न कि शॉर्ट-टर्म मुनाफ़े के लिए
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क्या कहते हैं धीरेंद्र कुमार?
Value Research के CEO धीरेंद्र कुमार चांदी पर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. उनका कहना है कि चांदी की क़ीमतों में तेज़ उछाल अक्सर निवेशकों में यह भ्रम पैदा करती है कि यह लंबे समय के लिए निवेश का विकल्प है या सिर्फ़ कुछ समय का शोर.
उनके मुताबिक, चांदी का इतिहास बताता है कि इसकी रैलियां अक्सर तेज़ होती हैं, लेकिन उतनी ही तेज़ी से ठंडी भी पड़ सकती हैं. इसलिए केवल हालिया रिटर्न देखकर निवेश करना खतरनाक हो सकता है. चांदी को पोर्टफ़ोलियो में जगह मिलनी चाहिए, लेकिन अनुशासन के साथ और सीमित मात्रा में.
निष्कर्ष
सिल्वर ETFs ने बीते एक साल में शानदार रिटर्न देकर निवेशकों का ध्यान खींचा है. लेकिन इतिहास गवाह है कि चांदी में उतार-चढ़ाव हमेशा ज़्यादा रहा है. समझदारी इसी में है कि आप इस चमक से प्रभावित होकर जल्दबाज़ी न करें.
धीरेंद्र कुमार की सलाह के मुताबिक, चांदी में निवेश तभी सार्थक है जब वह संतुलित, सीमित और लंबे समय की रणनीति का हिस्सा हो. सही मात्रा में, सही समय पर और सही उम्मीदों के साथ किया गया निवेश ही लंबे समय में काम आता है.
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ये लेख पहली बार जनवरी 23, 2026 को पब्लिश हुआ.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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