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अपने बच्चे के एजुकेशन पोर्टफ़ोलियो को क्रैश होने से कैसे बचाएं?

बाज़ार गिरते समय चेतावनी नहीं देते. सही फ़ंड चुनकर अपने बच्चे की पढ़ाई के पैसे को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं.

अपने बच्चे के एजुकेशन पोर्टफ़ोलियो को क्रैश होने से कैसे बचाएंAditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः आपके बच्चे का एजुकेशन बिल समय पर आ जाएगा. बाज़ार साथ दे, ऐसा ज़रूरी नहीं है. यह कहानी आम तौर पर 'सबसे अच्छे फ़ंड' की तलाश को टाइम-बेस्ड गेम प्लान में बदल देती है: कब ग्रोथ के पीछे भागना है, कब शांत रहना है और क्यों सही समय पर लोन लेना आखिरी मिनट के इक्विटी में दांव लगाने से बेहतर हो सकता है.

मेरा बेटा नौ साल का है. कृपया 18 साल की उम्र होने के बाद उसकी पढ़ाई के लिए सही म्यूचुअल फ़ंड बताएं – नरेश रेड्डी

लगभग हर माता-पिता अपने बच्चे को बेहतरीन शिक्षा देना चाहते हैं. कई लोगों के लिए म्यूचुअल फ़ंड एक स्वाभाविक विकल्प लगते हैं. वो काफ़ी किफ़ायती होते हैं, पेशेवर तरीके़ से मैनेज किए जाते हैं और समय के साथ चुपचाप कंपाउंडिंग का फ़ायदा दे सकते हैं. इसलिए इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि माता-पिता अक्सर एजुकेशन पोर्टफ़ोलियो बनाने के लिए “सबसे अच्छा म्यूचुअल फ़ंड” खोजने में घंटों लगा देते हैं.

लेकिन बाज़ार सीधी लाइन में नहीं चलता. गिरावट या क्रैश कभी भी आ सकते हैं. साथ ही, एजुकेशन का ख़र्च भी तेज़ी से बढ़ रहा है. असल रिस्क यह नहीं है कि दूसरे नंबर का फ़ंड चुन लिया. असल रिस्क एडमिशन के साल में यह पता चलना है कि मार्केट में गिरावट ने उस पैसे को ख़त्म कर दिया है जिसे आपने इतनी मेहनत से बनाया था.

इसीलिए एजुकेशन प्लानिंग सिर्फ़ टॉप रिटर्न वाले फ़ंड खोजने का खेल नहीं है. यह एक ऐसे पोर्टफ़ोलियो बनाने का काम है जो समय पर बढ़ सके और लक्ष्य पास आने पर पैसों की रक्षा कर सके.

इसी सोच ध्यान में रखते हुए, आइए देखें कि बच्चे की शिक्षा के लक्ष्य के लिए कितने साल बचे हैं और उसके आधार पर कौन-सी म्यूचुअल फ़ंड कैटेगरी सबसे बेहतर हो सकती है.

टाइमलाइन के आधार पर सही फ़ंड चुनना

नियम सीधा है. लॉन्ग-टर्म का निवेश उतार-चढ़ाव सह सकता है क्योंकि रिकवरी का वक़्त मिलता है. शॉर्ट-टर्म निवेश ऐसा नहीं कर सकता. इसलिए फ़ंड का चुनाव उम्मीद से नहीं, समय से तय होना चाहिए.

जब लक्ष्य कम से कम 10 साल दूर हो

अगर कम से कम 10 साल का समय है, तो पोर्टफ़ोलियो का आधार इक्विटी फ़ंड होना चाहिए. इक्विटी तुरंत रिटर्न नहीं देती, लेकिन लंबे समय में अच्छे रिटर्न दे सकती है.

फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज-कैप या इंडेक्स फ़ंड पर विचार किया जा सकता है. ये पूरे बाज़ार की ग्रोथ में हिस्सेदारी देते हैं, किसी एक थीम पर निर्भर नहीं रहते.

मिड-कैप और स्मॉल-कैप फ़ंड भी शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन सीमित हिस्सेदारी के साथ. पिछले 10 साल के औसत रिटर्न देखें तो मिड-कैप फ़ंड ने क़रीब 17.7 प्रतिशत और स्मॉल-कैप फ़ंड ने क़रीब 19.1 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिए. लेकिन ज़्यादा रिटर्न के साथ गिरावट भी गहरी होती है.

2008-09 की गिरावट में लार्ज-कैप फ़ंड औसतन क़रीब 54 प्रतिशत गिरे. मिड और स्मॉल-कैप फ़ंड क़रीब 60-64 प्रतिशत तक टूटे. उनकी रिकवरी भी लंबी रही. निफ़्टी 100 ने क़रीब 1.9 साल में वापसी की, जबकि निफ़्टी मिडकैप 150 और निफ़्टी स्मॉलकैप 250 को उसी गिरावट से उबरने में क़रीब 6.2 साल लगे.

संदेश साफ़ है. ग्रोथ से दूर नहीं भागना है. लेकिन मज़बूत और डायवर्सिफ़ाइड आधार पर ग्रोथ बनानी है.

जब लक्ष्य 5 से 10 साल दूर हो

समय कम हुआ है, लेकिन इक्विटी अभी भी ज़रूरी है. ग्रोथ के लिए वक़्त है, पर रिकवरी का समय पहले जितना नहीं.

इसलिए बहुत केंद्रित या एग्रेसिव दांव से बचना बेहतर है. यहां उद्देश्य रिटर्न ज़्यादा करना नहीं, रिस्क को संभालना है. इस मामले में, फ़्लेक्सी-कैप और मल्टी-कैप जैसे डाइवर्सिफ़ाइड इक्विटी फ़ंड ज़्यादा सही रहते हैं.

जब लक्ष्य 3 से 5 साल दूर हो

अब समय और कम है. इस चरण में अक्सर जल्दी लक्ष्य हासिल करने की कोशिश में इक्विटी बढ़ा दी जाती है. लेकिन यही वह समय होता है जब इक्विटी बाज़ार निराश भी कर सकते हैं.

इस चरण में हाइब्रिड फ़ंड संतुलन देते हैं. पिछले पांच साल के औसत देखें तो एग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड ने क़रीब 11.8 प्रतिशत, बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड ने क़रीब 10.1 प्रतिशत और इक्विटी सेविंग्स फ़ंड ने क़रीब 8.7 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिए.

यहां मक़सद जल्दी अमीर बनना नहीं है. मक़सद यह है कि बड़ी गिरावट की संभावना कम हो. जैसे-जैसे समय नज़दीक आता है, निश्चितता छोटे अतिरिक्त रिटर्न से ज़्यादा मायने रखती है.

जब लक्ष्य तीन साल से कम दूर हो

आपका मक़सद सिर्फ़ पूंजी की सुरक्षा होना चाहिए. भले ही कुछ इक्विटी फ़ंड ने एक साल में अच्छे रिटर्न दिए हों, दो-तीन साल की अवधि में ख़ासकर जब समय सीमा सामने हो तो नतीजे भरोसेमंद नहीं रहते.

ऐसे में डेट फ़ंड बेहतर रहते हैं. वो इक्विटी जितना रिटर्न नहीं देते, लेकिन जोख़िम काफ़ी कम होता है और रिटर्न अपेक्षाकृत स्थिर रहता है.

लिक्विड और शॉर्ट-ड्यूरेशन फ़ंड इस चरण में सही होते हैं. पिछले तीन साल में लिक्विड फ़ंड का औसत रिटर्न क़रीब 6.7 प्रतिशत रहा है. इस समय 10 या 20 प्रतिशत की अचानक गिरावट से बचना, अतिरिक्त 1 प्रतिशत कमाने से कहीं ज़्यादा अहम है.

शॉर्ट टर्म के लिए इक्विटी में निवेश करने पर नेगेटिव रिटर्न का रिस्क ज़्यादा होता है

होल्डिंग पीरियड बढ़ने से नेगेटिव रिटर्न का रिस्क तेज़ी से कम होता है (%)

फ़ंड कैटेगरी
1 साल 2 साल 3 साल 5 साल 7 साल
लिक्विड 0 0 0 0 0
शॉर्ट ड्यूरेशन 0 0 0 0 0
इक्विटी सेविंग्स 3.8 1.9 0 0 0
फ़्लेक्सी-कैप 19.6 4.7 2.4 0.3 0
लार्ज & मिडकैप 20 5.9 2.8 0.3 0
लार्ज-कैप 20.8 5.2 2.1 0.5 0
मिड-कैप 20.2 10.2 3.9 0.6 0
स्मॉल-कैप 26.1 12.4 6.5 0.9 0
एग्रेसिव हाइब्रिड 14.7 3.5 1.9 0 0
आंकड़े कैटेगरी एवरेज फ़ंड्स के रोलिंग रिटर्न पर आधारित हैं. जनवरी 2013 से फ़रवरी 2026 तक का समय माना गया है.

किन बातों का ध्यान रखें

हो सकता है कि आप अपने बच्चे के एजुकेशन फ़ंड में लगातार निवेश कर रहे हों, लेकिन फिर भी आपके पास कमी रह जाए. ऐसे मामलों में, आप एजुकेशन लोन लेकर इस कमी को पूरा करने की कोशिश कर सकते हैं. यह आपके एसेट्स को ख़त्म किए बिना या गलत समय पर निवेश को लिक्विडेट करने के लिए मजबूर किए बिना कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है.

सीधी बात यह है. लोन का इस्तेमाल कमी को पूरा करने के लिए करें, सेविंग के विकल्प के तौर पर नहीं, और EMI को अपने कैश फ़्लो में आराम से रखें.

इस बात का ध्यान रखें

एक अच्छा एजुकेशन पोर्टफ़ोलियो हर कैटेगरी के टॉप फ़ंड्स का कलेक्शन नहीं होता. वह ऐसा पोर्टफ़ोलियो होता है जो समय मिलने पर लगातार बढ़ता है और मार्केट गिरने पर कैपिटल को बचाता है. मक़सद साफ़ है. यह पक्क़ा करें कि कुछ समय की मंदी आपकी बचत को हमेशा के लिए कम न कर दे या आपको अपने बच्चे के एजुकेशन प्लान से समझौता करने के लिए मजबूर न करे.

अगर यह जानना है कि कौन-से म्यूचुअल फ़ंड एक मज़बूत और गिरावट से सुरक्षित शिक्षा पोर्टफ़ोलियो बनाने में मदद कर सकता है, तो वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र को सब्सक्राइब करें. यहां एनालिस्ट के रेकमंड किए गए फ़ंड्स की लिस्ट और लक्ष्य के अनुरूप पोर्टफ़ोलियो प्लान मौजूद हैं.

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ये लेख पहली बार फ़रवरी 19, 2026 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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