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आख़िरी परत इंसानी है

निवेश से जुड़ा ऐप फ़ंड चुनने में मदद कर सकता है, लेकिन बाज़ार के निचले स्तर पर उसे बेचने से आपको रोक नहीं सकता

निवेश से जुड़ा ऐप फ़ंड चुनने में मदद कर सकता है, लेकिन बाज़ार के निचले स्तर पर उसे बेचने से आपको रोक नहीं सकताAnand Kumar/AI-Generated Image

सारांशः आज निवेश से जुड़े ऐप आपको बेहतर निवेशक बनाने का दावा करते हैं और इनमें से कुछ जो काम करते हैं, वाक़ई उपयोगी हैं. लेकिन किसी निवेश की यात्रा तीन चरणों से गुजरती है और ये टूल लगभग पूरी तरह उनमें से दो चरणों के लिए बनाए गए हैं. जिस चरण को ये छोड़ देते हैं, वही तय करता है कि आपको वास्तव में कितना रिटर्न मिलेगा.

पिछले कुछ महीनों में ‘AI Rollup’ नाम की बिज़नेस स्ट्रैटिजी पर कई लेख और सोशल मीडिया पोस्ट आए हैं. इसका कॉन्सेप्ट यह है कि कोई सामान्य, स्थिर लेकिन बहुत आकर्षक न दिखने वाला बिज़नेस ख़रीदा जाए. फिर उसके कामकाज में AI की एक परत जोड़कर लागत घटाई जाए और मार्जिन बढ़ाया जाए. इसके बाद मुनाफ़ा बढ़ने पर उसे बेच दिया जाए. इससे भी बेहतर यह है कि ऐसे कई मिलते-जुलते बिज़नेस ख़रीदकर उन्हें एक साथ मिला दिया जाए और ऊपर AI की एक ही परत लगा दी जाए. ऐसा लगता है कि प्राइवेट इक्विटी और इस तरह के दूसरे निवेशकों के लिए ‘बिज़नेस ख़रीदो और उसमें AI लागू करो’ अब नई रणनीति बन गई है.

इस कॉन्सेप्ट में कुछ कमियां साफ़ दिखाई देती हैं. लेकिन इस तरह के काम का अनुभव रखने वाले एक व्यक्ति ने इसका बहुत अच्छा विश्लेषण किया. उनका कहना था कि बिज़नेस के कामकाज को बेहतर बनाने में AI की भूमिका वास्तविक है. अगर इसे सही तरीक़े से लागू किया जाए, तो यह प्रशासनिक काम कम कर सकता है और इससे मार्जिन बढ़ सकता है. लेकिन ये फ़ायदे तब मिलते हैं, जब आप किसी बिज़नेस में शुरुआत करते हैं. लंबे समय तक बिज़नेस चलाने में इंसानी भूमिका, यानी हर कारोबारी की रोज़ की छोटी-बड़ी समस्याओं से निपटने का काम, मशीन नहीं कर सकती.

यही बात छोटे निवेशकों के अपने निवेश पर भी लागू होती है. आज निवेशकों के सामने कई ऐसे (कथित) AI टूल आ गए हैं, जो उन्हें बेहतर निवेश करने में मदद करने का दावा करते हैं. यह समझने के लिए कि ये AI टूल आपके लिए क्या कर सकते हैं और क्या नहीं, आइए किसी निवेश के पूरे लाइफ़साइकिल को देखें.

पहला चरण है निवेश करना, यानी आप फ़ंड चुनते हैं और उसमें पैसा लगाते हैं. इसके बाद लंबे समय तक निवेश बनाए रखने का दौर आता है. उम्मीद होती है कि यही निवेश की बढ़त का चरण होगा, जिसमें रिटर्न बढ़ता और कंपाउंड होता रहेगा. फिर किसी समय आप फ़ंड बेचते हैं-या तो आपको पैसे की ज़रूरत होती है या फ़ंड का प्रदर्शन गिर गया होता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि आज निवेशकों को बेचे जा रहे AI टूल लगभग पूरी तरह पहले और तीसरे चरण पर ध्यान देते हैं.

मिसाल के लिए, कोई सॉफ़्टवेयर कुछ ही पल में हजारों फ़ंड का विश्लेषण करके बता सकता है कि जिन तीन-चार फ़ंड पर आप विचार कर रहे हैं, उनके पोर्टफ़ोलियो लगभग एक जैसे हैं. या फिर वह किसी फ़ंड कंपनी की ढेर सारी मार्केटिंग की भाषा को पढ़कर उसे आपकी पसंद की भाषा में आसान और समझने लायक शब्दों में लिख सकता है. ऐसे बहुत से उदाहरण हैं और ये वाक़ई उपयोगी हैं.

लेकिन निवेशक की असली चुनौती भी बिज़नेस ख़रीदने वाले व्यक्ति की तरह बीच वाले चरण में होती है. अच्छा फ़ंड चुनना आसान हिस्सा है, क्योंकि बाज़ार में कई अच्छे फ़ंड हैं. अच्छे और ख़राब फ़ंड में अंतर करना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है और न ही यह अनुमान के भरोसे होता है.

मुश्किल तब आती है, जब बाज़ार तेज़ी से गिरता है और आपको अपनी SIP जारी रखनी होती है. मुश्किल तब भी होती है, जब कोई आपको बताता है कि आपने जिस फ़ंड में निवेश किया है, उससे थोड़ा बेहतर प्रदर्शन करने वाला दूसरा फ़ंड ख़रीद लेना चाहिए. या फिर दुनिया में युद्ध और अस्थिरता का माहौल बनता है और आप घबराने लगते हैं कि आपके निवेश का क्या होगा.

यहीं आकर ‘AI टूल आपको शानदार निवेशक बना देंगे’ वाली बात कमज़ोर पड़ने लगती है. जब आपका हाथ ऐप में Sell बटन दबाने के लिए रुकता है, तब AI का कोई हाथ आगे बढ़कर आपको ऐसा करने से नहीं रोकने वाला.

निवेश की असली चुनौती इंसानी पहलू में है-यानी आपकी अपनी भावनाओं और सोच में. और यह सिर्फ़ मेरी राय नहीं है. एक के बाद एक कई अध्ययनों से यह साबित हुआ है. हाल में Value Research की मेरी टीम के एक अध्ययन ने भी दिखाया कि निवेशकों को वास्तव में मिलने वाला रिटर्न हमेशा उन फ़ंड के रिटर्न से कम रहता है, जिनमें वे निवेश करते हैं. निवेशक अच्छे समय के बाद बाज़ार में आते हैं और बुरे समय में बाहर निकल जाते हैं.

यही AI से जुड़े निवेश के बढ़ते दावों की सबसे बड़ी कमी है. रोबोट आपको फ़ंड चुनने में मदद कर सकते हैं, लेकिन असली चुनौती वहां नहीं है.

इसलिए इन टूल का इस्तेमाल ज़रूर करें. लेकिन याद रखें कि अनुशासन और धैर्य ही असली निवेश के औज़ार हैं और ये सिर्फ़ आप ही ला सकते हैं.

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