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सारांशः AUM के हिसाब से देश के 5 सबसे बड़े एक्टिव इक्विटी फ़ंड्स ने सितंबर 2026 में 7 शेयरों से पूरी तरह एग्ज़िट किया. अगस्त के आख़िर में इन होल्डिंग्स की कुल वैल्यू क़रीब ₹1,030 करोड़ थी. Bank of Baroda इकलौता शेयर है जिससे दो फ़ंड्स निकले. ज़्यादातर एग्ज़िट एक ही फ़ंड में हुए, जबकि दो फ़ंड्स ने कोई शेयर पूरी तरह नहीं बेचा. ये सभी पोज़िशन अपने फ़ंड के लिए बहुत छोटी थीं, इसलिए किसी फ़ंड का एग्ज़िट आपके लिए शेयर बेचने का संकेत नहीं है.
जब कोई बड़ा फ़ंड किसी शेयर को पूरी तरह बेच देता है, तो उस शेयर के निवेशकों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है. क्या फ़ंड मैनेजर को कुछ ऐसा दिख रहा है जो आपको नहीं दिख रहा?
हमने AUM के लिहाज से देश के 5 सबसे बड़े एक्टिव इक्विटी फ़ंड्स के अगस्त और सितंबर 2026 के पोर्टफ़ोलियो की तुलना की. ये फ़ंड हैं Parag Parikh Flexi Cap, HDFC Flexi Cap, HDFC Mid Cap, Nippon India Small Cap और ICICI Prudential Large Cap.
सितंबर में 7 शेयरों में कुल 8 पूरे एग्ज़िट हुए, जिनमें से 6 अकेले ICICI Prudential Large Cap Fund के हैं. और कोई भी एग्ज़िट अपने फ़ंड के AUM का 0.31% भी नहीं था.
सितंबर में किन शेयरों से हुआ पूरा एग्ज़िट
| फ़ंड | शेयर | अगस्त-अंत में होल्डिंग (शेयर) | अगस्त-अंत में होल्डिंग की वैल्यू (₹ करोड़) | प्राइस में बदलाव (31 अगस्त से 30 सितंबर) |
|---|---|---|---|---|
| ICICI Prudential Large Cap | Bank of Baroda | 97.75 लाख | 232.5 | -2.90% |
| ICICI Prudential Large Cap | United Breweries | 17.40 लाख | 228.1 | -11.60% |
| Parag Parikh Flexi Cap | Great Eastern Shipping | 12.74 लाख | 165.9 | 0.198 |
| ICICI Prudential Large Cap | Lupin | 6.18 लाख | 134.6 | -6.20% |
| HDFC Flexi Cap | Bank of Baroda | 38.50 लाख | 91.6 | -2.90% |
| ICICI Prudential Large Cap | Wipro | 46.67 लाख | 85 | -13.10% |
| ICICI Prudential Large Cap | Adani Ports | 3.00 लाख | 49 | 0.092 |
| ICICI Prudential Large Cap | National Aluminium | 11.25 लाख | 42.8 | -10.00% |
| स्रोत: वैल्यू रिसर्च. पोर्टफ़ोलियो 31 अगस्त और 30 सितंबर 2026 के. प्राइस महीने के आख़िरी कारोबारी दिन के हैं. | ||||
Bank of Baroda: दो फ़ंड्स एक साथ निकले
इस लिस्ट में Bank of Baroda अकेला शेयर है जिससे दो फ़ंड्स ने एक ही महीने में पूरी तरह एग्ज़िट किया. ICICI Prudential Large Cap Fund ने अपने 97.75 लाख शेयर बेचे, जिनकी अगस्त-अंत में वैल्यू ₹232.5 करोड़ थी. ये इस लिस्ट का सबसे बड़ा एग्ज़िट है. HDFC Flexi Cap Fund ने भी ₹91.6 करोड़ की अपनी पूरी होल्डिंग बेच दी.
सितंबर में शेयर का प्राइस क़रीब 3% ही फिसला, यानी ये फ़ैसला किसी बड़ी गिरावट के बाद का नहीं दिखता.
ICICI Prudential Large Cap: सबसे ज़्यादा फेरबदल
8 में से 6 एग्ज़िट अकेले इस फ़ंड के हैं. Bank of Baroda के अलावा इसने United Breweries (₹228.1 करोड़), Lupin (₹134.6 करोड़), Wipro (₹85.0 करोड़), Adani Ports (₹49.0 करोड़) और National Aluminium (₹42.8 करोड़) से भी पूरी तरह किनारा किया.
इसी महीने फ़ंड ने Shriram Finance, Muthoot Finance, Polycab और Hindustan Zinc समेत 5 नए शेयर भी जोड़े.
Adani Ports का मामला दिलचस्प है. ICICI Prudential Large Cap ने इसे पूरी तरह बेचा, जबकि Nippon India Small Cap Fund ने सितंबर में भी इसके 15.94 लाख शेयर अपने पास रखे.
Parag Parikh Flexi Cap: चढ़ते प्राइस के बीच एग्ज़िट
देश के सबसे बड़े एक्टिव फ़ंड ने सितंबर में Great Eastern Shipping से पूरी तरह एग्ज़िट किया. अगस्त के आख़िर में फ़ंड के पास इसके 12.74 लाख शेयर थे, जिनकी वैल्यू ₹165.9 करोड़ थी. ₹1.47 लाख करोड़ के AUM वाले फ़ंड के लिए ये सिर्फ़ 0.11% की पोज़िशन थी.
इस लिस्ट में ये अकेला शेयर है जिसका प्राइस सितंबर में तेज़ी से, क़रीब 20%, चढ़ा. हालांकि, फ़ंड ने ये शेयर किस प्राइस पर बेचे, ये पोर्टफ़ोलियो डेटा से पता नहीं चलता.
दो फ़ंड्स जिन्होंने कुछ भी पूरी तरह नहीं बेचा
HDFC Mid Cap Fund और Nippon India Small Cap Fund ने सितंबर में किसी शेयर से पूरी तरह एग्ज़िट नहीं किया, जबकि Nippon India Small Cap के पोर्टफ़ोलियो में 250 से ज़्यादा शेयर हैं.
हालांकि कुछ शेयरों में होल्डिंग लगभग ख़त्म कर दी गई. HDFC Mid Cap Fund ने KNR Constructions में होल्डिंग 44.20 लाख शेयरों से घटाकर 5 लाख कर दी, यानी क़रीब 89% की कटौती. Parag Parikh Flexi Cap Fund ने Ashok Leyland के 13.45 लाख शेयरों में से सिर्फ़ 5,000 अपने पास रखे हैं.
निवेशक क्या करें
अगर इनमें से कोई शेयर आपके पोर्टफ़ोलियो में है, तो सिर्फ़ इस ख़बर पर उसे बेचने का फ़ैसला न करें. फ़ंड्स बेचने की वजह नहीं बताते, और ये वजह शेयर की कमज़ोरी के बजाय रीबैलेंसिंग या किसी दूसरे बेहतर मौक़े की भी हो सकती है. ये सभी पोज़िशन अपने फ़ंड के लिए बहुत छोटी थीं और Adani Ports की तरह उसी शेयर पर दूसरे फ़ंड की राय अलग भी हो सकती है.
अपने शेयर को उसके कारोबार, कमाई और वैल्यूएशन के आधार पर परखें. बड़े फ़ंड्स की चाल को अपनी रिसर्च शुरू करने का इशारा मानें, फ़ैसला नहीं.
ध्यान रखें
म्यूचुअल फ़ंड्स अपना पोर्टफ़ोलियो महीने में एक बार जारी करते हैं. ये डेटा बताता है कि महीने के आख़िर में फ़ंड के पास क्या था, न कि उसने कब और किस प्राइस पर बेचा. ये विश्लेषण सिर्फ़ 5 फ़ंड्स पर आधारित है, पूरी इंडस्ट्री के रुख़ पर नहीं.
आगे क्या
किसी शेयर को रखने या बेचने का फ़ैसला रिसर्च पर आधारित होना चाहिए. वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र में आपको ऐसे शेयरों की रेकमेंडेशन मिलती है जिन्हें कारोबार और वैल्यूएशन, दोनों की कसौटी पर परखा गया है.
और अगर आप फ़ंड्स के ज़रिए निवेश करना पसंद करते हैं, तो वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपके लक्ष्य के हिसाब से सही फ़ंड चुनने में मदद करता है.
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