Mukul Ojha/AI-Generated Image
सारांशः एक बड़े स्मॉल कैप फ़ंड के 16 साल के पोर्टफ़ोलियो डेटा से पता चलता है कि उसकी कमाई कुछ ही शेयरों पर टिकी रही. सैकड़ों शेयरों में से सिर्फ़ 20 शेयरों ने कुल मुनाफ़े का करीब आधा हिस्सा दिया. दिलचस्प बात यह है कि 68 गुना बढ़ने वाला शेयर फ़ंड का सबसे बड़ा कमाऊ शेयर नहीं बना. असली फ़र्क़ इस बात से पड़ा कि शेयर कब चढ़ा और उस वक़्त फ़ंड ने उसमें कितना पैसा लगा रखा था.
हर सफल फ़ंड के पीछे कुछ ऐसे शेयर होते हैं, जो चुपचाप उसकी कमाई का बोझ उठाते हैं. निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फ़ंड भी इससे अलग नहीं है. सितंबर 2010 में लॉन्च होने के बाद से इस फ़ंड ने अलग-अलग समय पर 610 शेयरों में पैसा लगाया है. इन शेयरों से फ़ंड को कुल करीब ₹38,600 करोड़ का नेट प्राइस-गेन हुआ.
हमने फ़ंड के 16 साल के पोर्टफ़ोलियो डेटा को खंगालकर पता लगाया कि इस कमाई में किस शेयर का कितना योगदान रहा. नतीजे चौंकाने वाले हैं. जिन शेयरों ने सबसे ज़्यादा रिटर्न दिया, वे फ़ंड के सबसे बड़े कमाऊ शेयर नहीं निकले. असली हीरो वे बने, जिनकी तेज़ी सही वक़्त पर आई और जिनमें फ़ंड की पोज़िशन बड़ी थी. आइए जानते हैं कि ये हीरो शेयर कौन-से हैं.
फ़ंड के टॉप-10 हीरो शेयर
| शेयर | फ़ंड में एंट्री | फ़ंड को मुनाफ़ा (₹ करोड़)* | कुल मुनाफ़े में हिस्सा (%) | एंट्री के बाद रिटर्न (गुना) |
|---|---|---|---|---|
| MCX | फ़रवरी 2021 | 2,416 | 6.3 | 10.9 |
| Apar Industries | मार्च 2017 | 1,691 | 4.4 | 23.2 |
| BHEL | सितंबर 2022 | 1,131 | 2.9 | 6.9 |
| Radico Khaitan | जनवरी 2015 | 1,016 | 2.6 | 45.5 |
| Dixon Technologies | नवंबर 2018 | 941 | 2.4 | 32.1 |
| Deepak Nitrite | दिसंबर 2016 | 939 | 2.4 | 16.7 |
| KPIT Technologies | जून 2019 | 853 | 2.2 | 5.2 |
| Tube Investments | अप्रैल 2018 | 850 | 2.2 | 10.1 |
| Karur Vysya Bank | फ़रवरी 2017 | 842 | 2.2 | 3.8 |
| TD Power Systems | दिसंबर 2015 | 834 | 2.2 | 12.7 |
| *सितंबर 2010 से सितंबर 2026 तक, महीने के आख़िरी भाव के आधार पर अनुमानित प्राइस-गेन. डिविडेंड शामिल नहीं. स्रोत: वैल्यू रिसर्च. | ||||
निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फ़ंड 10 साल में 20.21 रिटर्न के साथ दूसरा सबसे ज़्यादा रिटर्न देने वाला इक्विटी फ़ंड है. सितंबर 2010 में लॉन्च होने के बाद से इसने अलग-अलग समय पर 610 शेयरों में पैसा लगाया है. इन शेयरों से फ़ंड को कुल करीब ₹38,600 करोड़ का नेट प्राइस-गेन हुआ. सवाल यह है कि इस कमाई के असली हीरो कौन हैं.
610 शेयर, पर कमाई कुछ ही से
आंकड़े दिखाते हैं कि फ़ंड की सफलता किसी एक जादुई शेयर पर नहीं टिकी, लेकिन यह सैकड़ों शेयरों में बराबर बंटी भी नहीं है. सिर्फ़ टॉप-20 शेयरों की कुल मुनाफ़े में करीब 48% हिस्सेदारी रही. टॉप-50 शेयरों तक जाएं तो यह हिस्सा करीब 77% हो जाता है.
बाक़ी तस्वीर इतनी चमकदार नहीं है. 610 में से 259 शेयरों पर फ़ंड को नुक़सान हुआ. यानी हर पांच में से दो दांव ग़लत निकले. फिर भी जो दांव सही लगे, उन्होंने बाक़ी सबकी भरपाई कर दी. स्मॉल कैप निवेश ऐसे ही काम करता है.
असली हीरो रहा MCX
फ़ंड की कमाई में सबसे बड़ा योगदान कमोडिटी एक्सचेंज MCX का रहा. फ़ंड ने इसे फ़रवरी 2021 में ख़रीदना शुरू किया था. तब से यह शेयर करीब 11 गुना बढ़ा है और फ़ंड को करीब ₹2,416 करोड़ का मुनाफ़ा दे चुका है. यह फ़ंड की कुल कमाई का 6% से ज़्यादा है.
दूसरे नंबर पर Apar Industries है. फ़ंड इस शेयर में मार्च 2017 से है और तब से यह 23 गुना बढ़ा है. इससे फ़ंड को करीब ₹1,691 करोड़ मिले. तीसरे नंबर पर सरकारी कंपनी BHEL है. फ़ंड ने इसे सितंबर 2022 में ख़रीदा था, और इसके करीब 7 गुना बढ़ने से फ़ंड को ₹1,100 करोड़ से ज़्यादा का फ़ायदा हुआ.
ज़्यादा गुना रिटर्न का मतलब ज़्यादा कमाई नहीं
इस विश्लेषण की सबसे दिलचस्प बात यही है. फ़ंड के इतिहास में सबसे ज़्यादा रिटर्न देने वाला शेयर Navin Fluorine रहा. फ़ंड ने इसे मार्च 2011 में ख़रीदा और जनवरी 2024 में बेचने तक यह करीब 68 गुना बढ़ चुका था. फिर भी फ़ंड को इससे करीब ₹815 करोड़ ही मिले, और कमाई के मामले में यह 13वें नंबर पर है.
Atul का मामला और भी साफ़ है. यह शेयर फ़ंड के पास रहते हुए 31 गुना बढ़ा, लेकिन फ़ंड को इससे सिर्फ़ करीब ₹167 करोड़ मिले.
वजह फ़ंड का साइज़ है. जब ये शेयर सबसे तेज़ चढ़ रहे थे, तब फ़ंड छोटा था और इनमें लगी रक़म भी कम थी. MCX और BHEL की तेज़ी तब आई, जब फ़ंड हज़ारों करोड़ का हो चुका था और इनमें बड़ी पोज़िशन थी. इसी वजह से Karur Vysya Bank सिर्फ़ 3.8 गुना बढ़कर भी टॉप-10 में है.
टाइमिंग ने बनाई बड़ी कमाई
फ़ंड की कुल कमाई का करीब 86% हिस्सा 2021 से 2024 के चार सालों में आया. अकेले 2023 में फ़ंड के शेयरों से करीब ₹12,900 करोड़ का मुनाफ़ा हुआ. इसके उलट 2018 और 2025 ऐसे साल रहे, जब फ़ंड के शेयरों पर कुल मिलाकर नुक़सान हुआ.
हीरो के साथ विलेन भी
दिलचस्प है कि फ़ंड को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुंचाने वाले शेयरों में कई बड़े नाम हैं. HDFC Bank से फ़ंड को करीब ₹292 करोड़ का नुक़सान हुआ. Emami (₹226 करोड़), ITC (₹198 करोड़) और Infosys (₹153 करोड़) भी इस सूची में हैं.
निवेशकों के लिए सबक
कुछ शेयर ही रिटर्न बनाते हैं: अगर एक बड़े फ़ंड को 610 शेयरों में से 20 शेयरों से आधी कमाई मिली, तो 10-15 स्मॉल कैप शेयर चुनने वाले निवेशक के लिए सही शेयर पकड़ना कितना मुश्किल है, यह समझा जा सकता है. स्मॉल कैप में डाइवर्सिफ़िकेशन ही असली ढाल है.
धैर्य ज़रूरी है: कई हीरो शेयर फ़ंड के पास पांच से 10 साल तक रहे. बीच में 2018 और 2025 जैसे मुश्किल साल भी आए. जो निवेशक ऐसे दौर में घबराकर निकल जाते हैं, वे बाद की तेज़ी से चूक जाते हैं.
रिस्क को समझें: स्मॉल कैप शेयरों में उतार-चढ़ाव बहुत ज़्यादा होता है. 259 शेयरों पर नुक़सान इसी जोखिम का सबूत है. पिछला प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं है. स्मॉल कैप फ़ंड में कम से कम सात साल के नज़रिए से और पोर्टफ़ोलियो के एक सीमित हिस्से के तौर पर ही निवेश करें.
आप क्या कर सकते हैं?
आपके लिए कौन-सा स्मॉल कैप फ़ंड सही है? वैल्यू रिसर्च Fund Advisor आपके लक्ष्य और जोखिम के हिसाब से फ़ंड चुनने में मदद करता है.
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नोट- तरीक़ा: हर महीने के लिए "पिछले महीने के शेयर × भाव में बदलाव" जोड़कर मुनाफ़ा निकाला गया; स्प्लिट/बोनस एडजस्ट किए गए. सितंबर 2012 तक पोर्टफ़ोलियो तिमाही आधार पर उपलब्ध है. डीमर्जर वाले शेयर (Aditya Birla Lifestyle Brands, Raymond Lifestyle, NIIT Learning) विलेन सूची से बाहर रखे गए.
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