
निवेशकों को भारी नुकसान से बचाने के लिए शेयरों में सर्किट ब्रेकर होता है। क्या म्युचुअल फंड में भी सर्किट ब्रेकर काम करता है ?
अमित
म्युचुअल फंड में सर्किट ब्रेकर नहीं होता है। शेयरों में सर्किट ब्रेकर का इस्तेमाल शेयर कीमतों में असामान्स उतार चढ़ाव में स्थिरता लाने के लिए किया जाता है। वहीं, दूसरी तरफ म्युचुअल फंड में कोई सर्किट ब्रेकर नहीं होता है क्योंकि आप म्युचुअल फंड मौजूदा कीमत पर नहीं खरीद सकते हैं जबकि शेयर आप उसकी मौजूदा कीमत पर खरीद सकते हैं।
म्युचुअल फंड की जहां तक बात है तो आप बाजार एक तय फीसदी तक चढ़ने या गिरने पर नेट असेट वैल्यू यानी एनएवी बढ़ने या घटने का अनुमान लगा सकते हैं। अगर आप दिन में 3.30 पीएम के पहले म्युचुअल फंड खरीदते हैं तो आपको उस दिन की एनएवी मिलेगी। और यह बाजार बंद होने के बाद ही तय होती है। इसी तरह से अगर आप 3.30 पीएम के बाद म्युचुअल फंड खरीदते हैं तो आपको अगले कारोबारी दिन की एनएवी मिलेगी, जो आपको नहीं पता चलेगी।
म्युचुअल फंड में सर्किट हाउस न होने का एक और कारण है कि म्युचुअल फंड में कई कंपनियों के शेयर होते हैं। एक तरह से यह डायवर्सीफाइड पोर्टफोलियो है। ऐसे में आपको म्युचुअल फंड में असामान्य उतार चढ़ाव देखने को नहीं मिलता है जैसा कि शेयरों में होता है। हा, यह जरूर है कि अगर बहुत सारे निवेशक किसी फंड को अचानक बेचना शुरू कर दें तो इससे फंड अस्थिर हो जाएगा। ऐसे में फंड निवेश बेचने या नए निवेश पर रोक लगा सकता है। लेकिन सामन्य तौर पर ऐसा नहीं होता है।
ये लेख पहली बार नवंबर 12, 2019 को पब्लिश हुआ.
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