
नया साल शुरू हो गया है। यह समय बीते साल की अच्छी-बुरी यादों को पीछे छोड़ कर नए जोश के साथ आगे बढ़ने का समय है। नए वादों और संकल्पों का है। निवेश के लिहाज से भी आप नए साल में नई शुरूआत कर सकते हैं। अगर आप म्युचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं या निवेश करने की योजना बना रहें तो आपको 5 बातों पर अमल जरूर करना चाहिए। इन पांच बातों पर अमल करके आप अपने निवेश को ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद बना सकते हैं।
1- प्रोडक्ट के बारे में बेसिक जानकारी जुटाएं
अभी कुछ समय पहले मेरी एक निवेशक से बात हुई। उन्होंने 12 फंड खरीद रखे थे। और इन 12 फंडों में कई सारे फंड एक ही तरह के थे। यानी उनको और ज्यादातर फंड उन्होंने एजेंट के कहने पर खरीदे थे। उनको यह पता ही नहीं था कि इतने सारे फंड खरीदने से उनको कोई अतिरिक्त फायदा नहीं होने वाला है। बल्कि उनको रिटर्न के मोर्चे पर नुकसान ही होने वाला है। इसी तरह से अगर आप एजेंट के जरिए रेग्युलर फंड में निवेश कर रहे हैं तो थोड़ी रिसर्च और पढ़ाई से आप सही फंड चुनने का तरीका जान सकते हैं। वैल्यू रिसर्च ऑनलाईन पर आपको फंड चुनने के तरीके और निवेश से जुड़ी सारी जानकारी मिल सकती है। इस तरह से आप रेग्युलर फंड से डायरेक्ट फंड की ओर स्विच कर सकते हैं। डायरेक्ट फंड आपको रेग्युलर फंड से बेहतर रिटर्न दे सकता है क्योंकि डायरेक्ट फंड में निवेश का खर्च रेग्युलर फंड की तुलना में कम होता है।
2-फंड के प्रदर्शन पर रखें नजर
म्युचुअल फंड में निवेश करते हुए समय समय पर अपने पोर्टफोलियो के प्रदर्शन की समीक्षा करना बेहद अहम होता है। ऐसे में नए साल में आपको अपने पोर्टफोलियो के हर एक फंड के बारे में अच्छी तरह से रिसर्च करनी चाहिए जिससे आपको पता चल सके हर फंड में क्या हो रहा है। आपका निवेश चाहे इक्विटी में हो या डेट में ऐसा करना जरूरी है। आपको फंड के पिछले सालों का प्रदर्शन देखना चाहिए और अगर फंड लंबे समय से लगातार खराब प्रदर्शन कर रहा है तो आपको इस फंड को बेच कर किसी दूसरे अच्छे फंड में निवेश करना चाहिए।
3-लंबी अवधि के लिए करें निवेश
म्युचुअल फंड में निवेश हमेशा लंबी अवधि के नजरिए से करना चाहिए। इसके लिए आपको एसआईपी की मदद लेनी चाहिए। जब आप एसआईपी के जरिए लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं तो कम अवधि में बाजार में होने वाला उतार चढ़ाव एक तरह से फायदे में बदल जाता है। इसका कारण यह है कि बाजार में गिरावट आने पर आपको उतनी ही कीमत में ज्यादा यूनिट मिलती है। और बाद में बाजार में तेजी आने पर आपका रिटर्न बढ़ता है। इसके अलावा आपके निवेश की कीमत भी औसत हो जाती है। इसके अलावा एसआईपी के जरिए निवेश करने से आपको एक फायदा यह होता है कि आपको यह सोचने की जरूरत ही नहीं पड़ती है कि बाजार में निवेश का सही समय कब है। क्योंकि एसआईपी के जरिए एक तय राशि नियमित अंतराल पर निवेश की जाती है।
4-हर साल बढ़ाते रहें निवेश की रकम
आपने म्युचुअल फंड में निवेश करना शुरू कर दिया है या करने जा रहे हैं तो यह बहुत अच्छी बात है। म्युयुअल फंड लंबी अवधि में थोड़ी थोड़ी रकम निवेश करते हुए बड़ी रकम बनाने में आपकी मदद कर सकता है। लेकिन आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आपकी कितनी बड़ी रकम बना पाएंगे यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी रकम निवेश कर रहे हैं। आज आप भले ही आप छोटी रकम से एसआईपी शुरू करें लेकिन आप हर साल एसआईपी की रकम बढ़ाते रहें। इससे आपको लंबी अवधि में बड़ी रकम बनाने में मदद मिलेगी। वहीं अगर आप समय समय पर निवेश की रकम नहीं बढ़ाते हैं तो हो सकता है कि 10 या 20 साल के बाद आप बड़ी रकम तो बना लें। लेकिन महंगाई बढ़ने की वजह से यह रकम शायद आपकी जरूरतें न पूरी की पाए।
5- निवेश का डायवर्सीफिकेशन जरूरी
एक कहावत है कि सारे अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखने चाहिए। निवेश के लिहाज से इसका मतलब है कि आपको सारी रकम एक जगह पर या निवेश के एक ही तरह के विकल्पों में नहीं लगानी चाहिए। जैसे आपको इक्विटी के साथ कुछ रकम डेट फंडों में भी लगानी चाहिए। या अगर आपने पूरी रकम इक्विटी में लगाई है तो वह अपनी रकम को दो तीन अच्छे फंडों में लगा कर डावर्सीफाई कर सकता है। एक सामान्य बात है कि एक ही समय पर जरूरी नहीं है कि आपके सारे फंड अच्छा प्रदर्शन करें। ऐसे में दो तीन फंडों में निवेश करने से आपका कोई एक फंड अगर बहुत खराब प्रदर्शन कर रहा है तो दूसरा फंड इस नुकसान की भरपाई कर सकता है। डायवर्सीफिकेशन करते समय आपको यह ध्यान रखना होगा कि आपके सभी फंड अलग अलग तरह के हों और उनका निवेश अलग अलग सेक्टर में हो।
ये लेख पहली बार जनवरी 14, 2020 को पब्लिश हुआ.