SIP सही है

सिंगल पैरेंट्स के लिए एसआईपी

सिंगल पैरेंट्स के सामने अलग तरह की चुनौती होती है और एसआईपी उनकी मदद कर सकती है

शादी, बच्‍चे और बच्‍चों को बड़ा करना। सोचने में यह सब बहुत अच्‍छा लगता है। इसीलिए हम सब बहुत स्‍वाभाविक तरीके से इस ओर खिंचे चले जाते हैं। हालांकि जीवन काफी जटिल है। बहुत से लोग ऐसे है जो मौत या अलगाव की वजह से अपने साथी को गवां चुके हैं। ऐसे में इन लोगों को अब बच्‍चों को पढ़ाने लिखाने और बड़ा करने की जिम्‍मेदारी अकेले उठानी होगी। यह काम भावनात्‍मक और वित्‍तीय दोनों मोर्चों पर कठिन हो सकता है।

सिंगल पैरेंट्स के लिए सबसे पहले उस पार्टनर को खोने के गम से उबरना होगा। अगली चुनौती आय और फाइनेंस की है। पार्टनर के न रहने पर के बाद हो सकता है कि सिंगल पैरेंट्स की आय बहुत कम हो या बिल्‍कुल न हो। अगर निवेश के मामले पार्टनर देख रहा था तो हो सकता है कि सिंगल पैरेंट्स को निवेश को लेकर बहुत कम जानकारी हो। अब उसे बच्‍चों का पालन पोषण करना है और उनको अच्‍छी परवरिश करनी है। ये चुनौतियां आसान नहीं हैं। लेकिन एक उम्‍मीद है। आपको एक समय में एक कदम उठाना होगा। आप को यह देखना होगा कि कम आय या बचत से आप अपने खर्चे कैसे पूरे कर सकते हैं। जमा रकम से खर्च चलाना बहुत लंबे समय तक संभव नहीं होगा। ऐसे में अगर सिंगल पैरेंट्स पहले से काम नहीं कर रही है तो जॉब की तलाश की जा सकती है।

सिंगल पैरेंट्स को अपने रिटायरमेंट और बच्‍चों की एजुकेशन के लिए प्‍लानिंग बंद नहीं करनी चाहिए। ये ऐसे गोल या जरूरतें हैं जिनको टाला नहीं जा सकता है और इसके लिए बड़ी रकम की जरूरत होती है। ऐसे में हमें इनके लिए काफी पहले से ही प्‍लानिंग शुरू कर देनी चाहिए। लंबी अवधि के गोल के लिए इक्विटी म्‍युचुअल फंड में एसआईपी करना बेहतर होगा। पारदर्शी व्‍यवस्‍था और नियम कानून की वजह से म्‍युचुअल फंड निवेशकों के हितों के लिहाज से सही विकल्‍प हैं। म्‍युचुअल फंड हर तरह की जरूरतों के हिसाब से प्रोडक्‍ट मुहैया कराते हैं।

एसआईपी सिंगल पैरेंट्स के लिए खास तौर पर फायदेमंद है। इसके कई कारण हैं। सिंगल पैरेंट्स 500 रुपए जैसी बहुत छोटी रकम से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। इससे उन पर रकम का लेकर ज्‍यादा दबाव नहीं पड़ता है। हां आगे चल कर उनको एसआईपी में निवेश बढ़ाना होगा जिससे वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के लायक रकम बना सकें। दूसरा, इक्विटी फंड में एसआईपी सिंगल पैरेंट्स के निवेश में अनुशासन ला सकती है। तीसरा फायदा यह है कि एसआईपी बहुत सरल प्रोडक्‍ट है और इसके लिए बहुत विशेषज्ञता की जरूरत नहीं है। इसके लिए बस आपको एक अच्‍छा फंड चुनने की जरूरत है। और इसके लिए एक्‍सपर्ट की मदद ली जा सकती है जो लंबी अवधि की फाइनेंशियल प्‍लानिंग में मदद कर सकता है। फंड चुनने के बाद गोल पूरा होने तक निवेश बनाए रखें। आप समय समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा कर सकते हैं और इसके जरिए यह देख सकते हैं कि आप सही राह पर हैं या नहीं।

बहुत से लोग इक्विटी के कम अवधि के उतार चढ़ाव के साथ सहज नहीं होते हैं। एसआईपी आपके निवेश की लागत को औसत करने में मदद करती है और इस तरह से बाजार के उतार चढ़ाव का असर कम हो जाता है। कम से मध्‍यम अ‍वधि में इक्विटी में तेज उतार चढ़ाव आ सकता है लेकिन यह लंबी अवधि में बड़ी रकम बनाने के लिहाज से शानदार विकल्‍प है। बस इसके लिए आपको लंबे समय तक निवेश करना होगा।

सिंगल पैरेंट्स के लिए एसआईपी लंबी अवधि के लिए भरोसेमंद साथी हो सकती है।

ये लेख पहली बार दिसंबर 01, 2020 को पब्लिश हुआ.

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