
मार्च में सेसेंक्स और निफ्टी अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए और इसके बाद से तीन चार माह की छोटी अवधि में बाजार काफी हद तक रिकवर भी हो गया। क्या आप निवेशकों को बाजार से निकलने की सलाह देंगे जब उनके फंड की एनएवी मार्च में गिरावट से पहले के स्तर पर आ जाए जिससे बाजार में एक और तेज गिरावट आने पर वे इससे बच जाएं ?
अज्ञात
पहले हम मान रहे हैं कि बाजार गिरेगा। बाजार में लंबे समय तक अनिश्चितता का माहौल रह सकता है। ऐसे में यह सोचना कि बाजार निश्चित तौर पर गिरेगा ही जरूरी नहीं है कि सच ही हो। आम तौर पर बाजार में जब तेज गिरावट या बढ़त देखी जाती है तो यह ऐसे समय में होती है जब इसकी उम्मीद बहुत कम होती है। मार्च में बाजार में बड़ी गिरावट चौंकाने वाली थी। इसी तरह से बड़ी गिरावट के बाद जब हर कोई बाजार से भागने लगा तो बाजार ऊपर चढ़ने लगा और ज्यदातर नुकसान को रिकवर कर लिया।
मेरी तो सलाह यही रहेगी कि आप बाजार से निवेश को मत निकालिए। अगर आपको बाजार से बाहर ही आना पड़ता है तो इसकी वजह यह होनी चाहिए कि आपको अगले एक दो सालों में रकम की जरूरत होगी। अगर आपके साथ ऐसा है तो आप आखिरी समय का इंतजार किए बिना इसके लिए तैयारी शुरू कर दें। अगर आपको अगले तीन सलों में रकम की जरूरत है तब भी आपको रकम का एक बड़ा हिस्सा निकाल लेना चाहिए। क्योंकि हम नहीं जानते हैं कि जब आपको रकम की जरूरत होगी तब बाजार किस स्थिति में होगा।
ऐसी रकम जिसकी जरूरत अगले पांच साल या इससे भी ज्यादा समय तक न हो तो वह रकम बाजार में होनी चाहिए। लेकिन अगर आपको अगले एक दो साल या पांच साल तक रकम की जरूरत पड़ सकती है तो आपको अनुमान लगाना होगा कि आपको कितनी रकम की जरूरत होगी और फिर सिस्टमेटिक तरीके से रकम को निकाल लें। आप अपना विद्ड्रॉअल प्लान शुरू कर दें जिस तरह से अपनी एसआईपी करते हैं।
ये लेख पहली बार अगस्त 18, 2020 को पब्लिश हुआ.