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जब जागो तभी सवेरा

देरी से बचत निवेश करने वाले भी एक हद तक नुकसान की भरपाई करने के साथ अपने भविष्‍य को बेहतर बना सकते हैं

 देरी से बचत निवेश करने वाले भी एक हद तक नुकसान की भरपाई करने के साथ अपने भविष्‍य को बेहतर बना सकते हैं

जब जागो तभी सवेरा। यह मुहावरा है तो आप सबने भी सुना होगा। इसका मतलब है कि अगर कोई काम करने में बहुत समय निकल गया है और इसका अहसास आपको देर से हुआ है तब भी कोई बात नहीं। अब से काम की शुरूआत करें। तो यह बात बचत और निवेश की दुनिया में भी बड़े काम की है। खास कर अगर बाजार या बाजार से जुड़े उत्‍पादों में निवेश की बात करें। जैसे म्‍युचुअल फंड, एसआईपी और शेयरों में।

हमारे एक दोस्‍त हैं। वे भी निवेश को लेकर देर से जागे। बात हुई तो कहने लगे कि कमाना शुरू किय तो बचत और निवेश पर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं दिया। फिर जब बचत और निवेश को लेकर थोड़ी बहुत समझ बनी तब तक शादी हो गई। खर्च बढ गए। अब ऐसे में बचत और निवेश शुरू करने में बहुत समय गवां दिया। तो एक तरह से वे बचत और निवेश देर से शुरू करने को लेकर अफसोस जाहिर कर रहे हैं। खैर अब मेरे मित्र अनुशासित निवेशक हैं और निवेश शुरू करने में हुई देरी की भरपाई करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। तो मेरे मित्र भले देर से जागे लेकिन जागे तो।

अब मुहावरे के बाद आपको शेर सुनाता हूं। मिल तो जाएगी मंजिल भटक कर ही सही गुमराह तो वो हैं जो घर से निकले ही नहीं। निवेश की दुनिया की लिहाज से इस शेर का मतलब है कि किसी ने भले ही देर से ही बचत और निवेश शुरू किया है लेकिन थोड़े पयास से अपनी जरूरतें काफी हद तक पूरी कर सकेंगे। उनको मंजिल तो मिल ही जाएगी। सवाल तो यह है कि उन लोगों का क्‍या होगा जो घर से निकले ही नहीं। यानी उनका क्‍या होगा जो लोग अपन आधी काम काजी जिंदगी बिता चुके हैं और बचत और निवेश शुरू ही नहीं किया। आप उनका अंजाम खुद ही समझ सकते हैं। कि उनका क्‍या होगा।

यह बात सही है कि अगर हम ऐसे परिवार से आते हैं जहां निवेश के लिए बैंक एफडी और पारंपरिक जीवन बीमा पॉलिसी ही पहली और आखिरी पसंद होती थी। तो ऐसे लोगों के लिए बाजार या बाजार से जुड़े उत्‍पादों में निवेश शुरू करना आसान नहीं होता है। और समय के साथ जब ऐसे उत्‍पादों में निवेश को लेकर एक समझ बनती है तब तक काफी समय निकल चुका होता है। लेकिन जब आपको इस बात का अहसास हो कि अरे बचत और निवेश शुरू करने में बहुत देर कर दी तो इसका मतलब है कि आपके पास अब भी समय है। और अगर जीवन के इस मोड़ पर भी आप बाजार से जुड़े उत्‍पादों में निवेश शुरू कर देते हैं तो एक हद तक नुकसान की भरपाई करने के साथ भविष्‍य को बेहतर बनाया जा सकता है। निवेश की दुनिया में कहा जाता है कि निवेश शुरू करने का सबसे अच्‍छा समय कल था और अब निवेश शुरू करने का सबसे अच्‍छा समय आज है।

ये लेख पहली बार अक्तूबर 04, 2020 को पब्लिश हुआ.

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