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निवेश में सफलता का रहस्‍य

एक सफल निवेशक बनने का रहस्‍य क्‍या है ? रहस्‍य क्‍या है यह पता करने का रहस्‍य क्‍या है

एक सफल निवेशक बनने का रहस्‍य क्‍या है ? रहस्‍य क्‍या है यह पता करने का रहस्‍य क्‍या है

निवेशक के तौर पर सफलता हासिल करने का कोई रहस्‍य नहीं है। ठीक उसी तरह से जैसे अपनी सेहत की के वायरस के समय में जब हम लोग अचानक गंभीर बीमारी के डर का सामना कर रहे हैं तो ऐसे समय में अच्‍छी देखभाल करने का कोई रहस्‍य नहीं है। जैसे अपनी बचत की अच्‍छी तरह देख रेख करने का कोई छिपा हुआ रहस्‍य नहीं है। इसके लिए आपको जिस जानकारी की जरूरत है वह मुफ्त में उपलब्‍ध है। सिर्फ कुछ विशेषाधिकार प्राप्‍त लोगों के पास ही कुछ रहस्‍य छिपा हुआ है जो वे हम लोगों से छिपा रहे हैं।

चीन स्‍वस्‍थ रहने के बहुत से गुप्‍त फार्मूले सामने आ रहे हैं। अगर आप अमेजन इंडिया पर जाएं और इम्‍युनिटी शब्‍द के लिए उत्‍पाद सर्च करें तो आपको 10,000 से अधिक नतीजे मिलेंगे। मेरा अनुमान है कि यह नतीजे 10000 इसलिए हैं क्‍योंकि अमेजन प्रोडक्‍ट सर्च अधिकतम इतने ही नतीजे दिखा सकता है। इम्‍युनिटी के लिए बहुत से उत्‍पादों की पेशकश की जा रही है। क्‍या यह काम करता है ? आपका अनुमान उतना ही अच्‍छा हो सकता है जितना मेरा। लेकिन मैं आपको एक सलाह दे सकता हूं कि आप एक एंटी वायरस सीलिंग फैन भी खरीद सकते हैं। अब मैं यह कह कर इससे अलग होना चाहता हूं कि यह विषय मेरी विशेषज्ञता में नहीं आता है।

मेरा मानना है कि समस्‍या तथ्‍यों और आसानी से उपलब्‍ध जानकारी में गहरा विश्‍वास और यह भरोसा है कि कोई राज की बात है जो सिर्फ कुछ लोगों को मालूम है। मैं सालों से देख रहा हूं कि निवेश में और जीवन के दूसरे क्षेत्र में बार बार यही कहानी चल रही है। स्‍टॉक मार्केट कैसे काम करता है इसको लेकर आप क्‍या सोचते हैं। स्‍टॉक मार्केट ऐसी जगह है जहां लोग स्‍टॉक्‍स खरीदते और बेचते हैं। मेरा मतलब है कि स्‍टॉक कीमते किस तरह से तय होती हैं इस पर आप क्‍या सोचते हैं। कीमतें किस तरह से तय होती है इसके बारे में आपकी सोच क्‍या है ?

एक बात काफी फैली हुई है वह है कि ऐसे लोग हैं जो यह जानते हैं कि स्‍टॉक्‍स की कीमतें कब बढ़ने वाली हैं ? अगर इनमें से कोई मुझे यह बता देता है तो मैं रकम बना सकता हूं। यह स्‍टॉक मार्केट का डिपा हुआ गुप्‍त मॉडल है। दुर्भाग्‍य से यह सोच आम है। ऐसा लगता है कि बहुत से लोग यह मानते हैं कि कुछ लोग हैं जो जानते हैं कि चीजें किस तरफ जाएंगी और सब कुछ इस बात पर निर्भर है कि इस रहस्‍य को कैसे हासिल किया जाए।

इसके बाद आता है कांसिपिरेसी मॉडल। इस मॉडल के तहत लोग मानते हैं कि कुछ लोग यानी ऑपरेटर हैं जो स्‍टॉक्‍स के साथ छेड़छाड़ करते हैं और यह पता करने की जरूरत है कि ये ऑपरेटर क्‍या कर रहे हैं और इसके बाद किसी तरह से उन स्‍टॉक्‍स पर दांव लगाया जाए जिसे ऑपरेटर आगे बढ़ा रहे हैं। यह मॉडल वास्‍तव में यथार्थवादी है। कथित ऑपरेटर्स बहुत से स्‍टॉक्‍स के साथ नियमित तौर पर छेड़छाड़ करते है। कम से कम कम अवधि के लिए यह बात सही है। हालांकि यह मॉडल सिर्फ ऑपरेटर्स के लिए फायदेमंद है। एक सामान्‍य बचतकर्ता के लिए यह मॉडल नुकसानदायक है।

सवाल उठता है कि अब आपके पास क्‍या विकल्‍प बचता है। इसका जवाब है वह सब कुछ जो आपके लिए काम कर सकता है। सब कुछ जो उपलब्‍ध है। अगर आप कोई रहस्‍य या साजिश के बारे में नहीं जानते हैं तो इससे आपका कोई नुकसान नहीं होने वाला है। आपको सिर्फ अनिश्चितता को स्‍वीकार करना है। जब आप लोगों को किसी छिपे हुए रहस्‍य के मॉडल या कांसिपिरेसी मॉडल का पीछा करते हुए देखते हैं तो वे वास्‍तव में जोखिम को कम करने का प्रयास कर रहे होते हैं। अगर यह मॉडल सही है तो दूसरे लोग भी हैं जो यह जानते हैं कि क्‍या होने जा रहा है। इसमें कोई जोखिम नहीं है।

हम जानते हैं कि यह सच नहीं है। ऐसे निवेशक जो इक्विटी या इक्विटी स‍मर्थित निवेश में निवेश का फायदा उठाना चाहते हैं उनके लिए अनिश्चितता से बचने का कोई रास्‍ता नहीं है। मजबूत फंडामेंटल वाले निवेश का चुनाव करना सीखना, निवेश की बेसिक बातों जैसे खुद से असेट अलॉकेशन तय करना, असेट रीबैलेसिंग और डायवर्सीफिकेशन करना अहम है। और इसमें कोई रहस्‍य नहीं है।

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