
ऐसी बहुत सी कथित कंपनियां हैं जो क्रिप्टोकरंसी खरीदने और बेचने के लिए एक्सचेंज होने का दावा करती हैं। लेकिन मैं उनको एक्सचेंज नहीं मानता क्योंकि उनके पास किसी कोई ऑपरेटिंग फ्रेमवर्क नहीं है। एक्सचेंज फैसिलेटर है जहां खरीदार और विक्रेता बातचीत करते हैं और डिपॉजिटिरी सिक्योरिटीज रखता है। लेकिन क्रिप्टोकरंसी के मामले में आपको डिपॉजिटरी की जरूरत नहीं है। क्योंकि यह डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर है और बड़ी संख्या में इंडीविजुअल बहुत कम मात्रा में कुछ खरीद रहे हैं। इसके वेरीफिकेशन पर बहुत से सवाल हैं।
तो कुछ वैध एक्सचेंज होंगे और कुछ रैकेटयिर्स होंगे और रैकैटियर बड़े पैमाने पर फल फूल सकते हैं क्योंकि बहुत से लोग रकम लगाना चाहते हैं। कोई व्यक्ति कहीं से क्रिप्टो लाइव के प्राइस सीरीज से कनेक्ट हो सकता है और लोग खरीदारी और बिक्री शुरू कर सकते हैं। तो यह एक डब्बा ट्रेडिंग हो सकती है क्योंकि इसमें कुछ नहीं है। लोग कीमत को देख कर बिक्री और खरीद शुरू कर सकते हैं। इसके लिए हम किसी चीज पर सट्टा लगाना शुरू कर सकते हैं सकते हैं अगर हम ऐसा करना चाहते हैं। मैं ऐसे लोगों को जानता हूं जो क्रिकेट टूर्नामेंट में अगली बॉल पर क्या होगा इस पर सट्टा लगाते हैं। बात यह है कि लोग मानते हैं कि क्रिप्टोकरंसी एक वैध फ्रेमवर्क में काम कर रही है और यह बहुत खतरनाक है। यह लोगों को गलत दिशा में ले सकता है। तो इसके बारे में सावधान रहें।
IPO से कैसे कमाएं
अब IPOके बारे में बात करते हैं। इससे रकम बनाने के दो तरीके हैं। एक तरीका यह है कि IPOमें तेजी से निवेश कर रहे हैं। यानी IPOमें निवेश करना, अलॉटमेंट हासिल करना, इसे बेचना और इसके बाद अगले IPOमें निवेश करना।
हालांकि आपको बहुत चुनिंदा IPO में निवेश करना चाहिए और ऐसे IPO नजरअंदाज करना चाहिए जिन पर कई तरह के सवाल हैं। Value Research online में हम IPOइन्फॉर्मेशन एनॉलिसिस करते हैं। इसके तहत हम हर एक IPOको 28 प्रासांगिक सवालों के दायरे में लाते हैं और इनके जवाब पर गौर करते हैं। आप पहले के सभी IPOके इन्फॉर्मेशन एनॉलिसिस पर गौर कर सकते हैं। रकम बनाने का एक और तरीका यह है कि आप ज्यादातर को नजरअंदाज करें और इन कंपनियों के बारे में पढ़ें और जानें। इससे यह होगा कि कभी आपको एक अच्छी कंपनी आकर्षक कीमत पर मिल जाएगी। कोई अच्छी कंपनी छूट जाने का डर ऐसी चीज है जिससे हर निवेशक को उबरना होगा। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि यह आखिरी मौका है जब वे स्टॉक खरीद पाएंगे। लेकिन सच में ऐसा नहीं होता है। अगर आपमें धैर्य है तो कुछ अच्छी कंपनियों के स्टॉक्स बहुत कम कीमत पर खरीदे जा सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप म्यूचुअल फंड निवेशक हैं तो आप IPOको पूरी तरह से नजर अंदाज कर सकते हैं क्योंकि आपका म्यूचुअल फंड मैनेजर इसे देख लेगा। वे अच्छे IPOमें निवेश करेंगे और खराब IPOको नजरअंदाज करते हुए रकम का अलॉकेशन मैनेज करेंगे। कोई म्यूचुअल फंड मैनेजर 30 फीसदी रकम IPOमें निवेश नहीं करेगा, जबकि एक इंडीविजुअल इन्वेस्टर ऐसा कर सकता है। तो ज्यादातर निवेशक इन IPOको नजरअंदाज कर सकते हैं लेकिन अगर आप समझदार स्टॉक इन्वेस्टर हैं और आप IPOमें निवेश करना चाहते हैं तो बहुत सावधानी से और चुनिंदा IPOमें निवेश करें।
ये लेख पहली बार दिसंबर 13, 2021 को पब्लिश हुआ.