इंडीविजुअल निवेशकों में SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। देश में जनवरी 2022 में SIP अकाउंट की संख्या 5 करोड़ को पार कर गई है। अप्रैल, 2021 में देश में कुल SIP अकाउंट की संख्या लगभग 3 करोड़ 80 लाख थी। यानी अप्रैल से जनवरी के बीच लगभग 9 माह में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक SIP अकाउंट बढ़े हैं।
2 करोड़ से अधिक नए SIP अकाउंट खुले
अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 के बीच लगभग 2 करोड़ 22 लाख नए SIP खुले। हालांकि इसी अवधि में लगभग 90 लाख अकाउंट बंद हो गए या उनका टेन्योर पूरा हो गया। और इस अवधि में 1 लाख 8 सौ करोड़ रुपए SIP के जरिए निवेश किए गए। वहीं अप्रैल 2020- मार्च 2021 के बीच 96 हजार 80 करोड़ रुपए SIP के जरिए निवेश किए गए थे।

क्या है SIP
SIP म्यूचुअल फंड का इन्वेस्टमेंट प्लान है। इसके जरिए आप एक तय रकम तय अंतराल पर म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश कर सकते हैं। जैसे माह में एक बार एक तय रकम निवेश कर सकते हैं। आपका हर माह का SIP कंट्रीब्यूशन 500 रुपए जितनी छोटी रकम के तौर पर भी हो सकता है। SIP रेकरिंग डिपॉजिट की तरह से जहां आप हर माह एक छोटी रकम डिपॉजिट करते हैं।
निवेश में सहूलियत
SIP के जरिए निवेश करना बहुत आसान है। आप अपने बैंक को इस बात का इंस्ट्रक्शन दे सकते हैं कि आपके अकाउंट से हर माह एक तय रकम SIP अकाउंट में जमा करा दी जाए। और बैंक इसे ऑटो मोड पर डाल देता है। इस तरह से हर माह एक तय तारीख को एक तय रकम आपके SIP अकाउंट में चली जाती है।
SIP म्यूचुअल फंड निवेशकों में काफी लोकप्रिय है। यह निवेश की लागत को औसत करता है। और इससे बाजार में उतार-चढ़ाव की चिंता किए बिना अनुशासित तरीके से निवेश करने में मदद मिलती है।
ये लेख पहली बार मार्च 01, 2022 को पब्लिश हुआ.