
Dividend Growth: अगर 10 साल पहले आपने क्रिसिल (CRISIL) में ₹10,000 निवेश किए होते, तो आज आपके निवेश की क़ीमत 3.6 गुनी बढ़ गई होती. अब, इसमें वो भी डिविडेंड भी शामिल कर लें, जो कंपनी ने नियमित रूप दिए हैं तो आपका कुल मुनाफ़ा 4.2 गुना हो जाएगा.
डिविडेंड ऐसा अकेला फ़ैक्टर है, जिससे ऊपर बताए गए दोनों आंकड़ों में ख़ासा अंतर पैदा हो गया है. ये डिविडेंड की ताक़त बताता है.
Wealth Insight के इस इश्यू में, हम डिविडेंड इन्वेस्टिंग से जुड़े हर पहलू की बात कर रहे हैं, यानी इसमें क्या शामिल है और क्या नहीं. साथ ही, आपको डिविडेंड के लिए अपना पोर्टफ़ोलियो तैयार करते समय किन बातों पर ग़ौर करना चाहिए इस सवाल का जवाब भी दे रहे हैं?
ख़ास बात ये है कि अगर डिविडेंड की रक़म लगातार या हर साल बढ़ रही है, तो डिविडेंड के लिए किया गया निवेश फ़ायदे का सौदा साबित हो सकता है. हालांकि, डिविडेंड इन्वेस्टिंग (Dividend Investing) की सफलता सिर्फ़ भारी भरकम डिविडेंड देने वाली कपनियों में पैसे लगाने से ही तय नहीं हो जाती. ये ग्रोथ सिर्फ़ ऐसी कंपनियों में पैसा लगाने से आती है, जिनकी कमाई (earnings) और डिविडेंड दोनों लगातार बढ़ रहे हों.
डिविडेंड ग्रोथ का बड़ा खिलाड़ी है
Asian Paints: यह कंपनी डिविडेंड ग्रोथ की एक बड़ी मिसाल रही है. मार्च, 2000 में एशियन पेंट्स का शेयर ₹18 था. अगर किसी ने उस समय इस शेयर में निवेश किया होता, तो ₹123 सिर्फ़ डिविडेंड के ज़रिये ही मिल गए होते. इस तरह से, इस समय के दौरान प्रति शेयर डिविडेंड (DPS) सालाना 14 फ़ीसदी के दर से बढ़ा.
इसके अलावा, शेयर की क़ीमत को शामिल कर लें, तो ये ग्रोथ सालाना 24.6 फ़ीसदी रही है, और इस तरह से इन सालों के दौरान आपकी वेल्थ क़रीब 157 गुना हो गई होती.
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डिविडेंड को रिइन्वेस्ट करने का फायदा
इस रणनीति का वास्तविक फ़ायदा उठाने के लिए आपको डिविडेंड ग्रोथ कंपनियों का पोर्टफ़ोलियो तैयार करने की जरूरत है. इससे न सिर्फ उन कंपनियों की भरपाई हो जाती है जिनकी शेयर प्राइस कम्पाउंडिंग सुस्त हो गई है, बल्कि इससे आपको डिविडेंड को फिर से निवेश करने का भी मौका मिलेगा.
इस प्रकार, इससे न सिर्फ रेग्युलर इनकम की तलाश करने वालों को, बल्कि कॉमन इन्वेस्टर्स को भी फ़ायदा होगा. साथ ही, डिविडेंड को फिर से इन्वेस्ट करके रिटर्न को और सुधारा जा सकता है.
डिविडेंड ग्रोथ इन्वेस्टिंग को पूरी तरह से समझने के लिए पढ़ें Wealth Insight का अप्रैल का इशू ज़रूर पढ़ें.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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