
कैपिटल गेन पर इंडेक्सेशन (indexation) की सुविधा खत्म होने से न सिर्फ डेट फंड्स (debt funds) के फ़ायदे कम हुए हैं, बल्कि इससे इंटरनेशनल फंड्स को भी झटका लगा है. दरअसल, वो भी भारतीय इक्विटीज में अपना 35 फ़ीसदी से कम पैसा निवेश करते हैं. यही वजह है कि हम आपके लिए विदेश में निवेश के दूसरे विकल्पों की खोज जारी रखेंगे. विकल्प 1: India INX BSE द्वारा लॉन्च किया गया India INX भारतीय इन्वेस्टर्स को दुनिया भर के देशों में निवेश के लिए एक गेटवे की पेशकश करता है. आप इस प्लेटफॉर्म के ज़रिये अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नैस्डैक-100 ईटीएफ (Nasdaq-100 ETF) भी खरीद सकते हैं. (कृपया ये बात ध्यान रखें कि हमारी 'बेस्ट बाई' लिस्ट में ऐसे फंड्स शामिल हैं जो सिर्फ नैस्डैक-100 इंडेक्स को ही ट्रैक करते हैं.) और भले ही इन्वेस्टमेंट की सीमा सालाना 2,50,000 डॉलर (लगभग ₹2 करोड़) है, लेकिन ज़्यादातर इन्वेस्टर्स के लिए यह पर्याप्त है. ख़ास बात यह है कि इन इन्वेस्टमेंट्स को अभी भी इंडेक्सेशन का फ़ायदा मिल रहा है और टैक्स के बाद रिटर्न के लिहाज़ से इन्हें इंटरनेशन म्यूचु
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