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निवेश में ज़्यादा फ़ायदे के लिए क्या ज़रूरी है?

अगर अपने निवेश को ट्रैक नहीं करेंगे तो अनजाने में आप अपना पैसा बर्बाद कर बैठेंगे

निवेश में ज़्यादा फ़ायदे के लिए क्या ज़रूरी है?

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बिज़नस गुरु पीटर ड्रकर (Peter Drucker) कहते हैं, "जिसका आप आकलन नहीं कर सकते, उसे आप संभाल नहीं सकते." और हां, ड्रकर बड़े-बड़े बिज़नस के कंसल्टेंट हैं. जो बात वो कह रहे हैं, उसके उलट, बहुत से छोटे और मीडियम साइज़ के बिज़नस अपने मालिकों के सहज ज्ञान (instinct) के बूते पर चलते हैं और बहुत अच्छे नतीजे देते हैं. छोटे बिज़नस को चलाने में सहज ज्ञान पर आधारित आकलन ही बिज़नस चलाने का तरीक़ा बन जाता है, पर ये वो तरीक़ा है जिसका आधार अवचेतन (subconscious) मन होता है न कि तर्क पर आधारित कोई पैमाना.

पर ये तो पक्का पता है कि सहज ज्ञान से फ़ैसले लेने का तरीक़ा निवेश में किसी काम का नहीं होता, कम-से-कम एक आम बचत करने वाले के लिए तो बिल्कुल नहीं. निवेश में, हमेशा—बिना अपवाद—यही सही होता है अगर आप आकलन नहीं सकते, तो संभाल नहीं सकते. अगर आपके पास अपने कई निवेशों और संपत्तियों की ठीक-ठाक समझ नहीं है, तो ज़िंदगी के फ़ाइनेंशियल गोल पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा. उससे भी बुरा होगा कि आपको ये पता ही नहीं होगा कि आप अपना लक्ष्य पा सकेंगे या नहीं, और आप अपने उन लक्ष्यों के बारे में सुलझे हुए तरीक़े से सोच ही नहीं पाएंगे.

जब आप उस चीज़ का आकलन करते हैं जिसका पहले कभी नहीं किया होता, तो कभी आपको खुशी मिल सकती है, कभी दुख और कभी-कभार तो दोनों एक साथ मिल सकते हैं. मेरे कई परिचितों के साथ ये सब हो चुका है. इसकी एक बड़ी दिलचस्प मिसाल मेरे एक जानकार की है, जो गाहे-ब-गाहे अपनी पूरी कामकाजी ज़िंदगी के दौरान म्यूचुअल फ़ंड्स में निवेश करते रहे हैं. उनके कई निवेश टैक्स बचाने के लिए किए गए थे, जिनमें से ज़्यादातर ₹25,000-50,000 के बीच थे, और सभी इक्विटी फ़ंड में किए थे. मोटे तौर पर वो मानते थे कि उन्होंने क़रीब 15-20 लाख रुपए निवेश किए हैं, जिसकी वैल्यू क़रीब दोगुनी हो गई होगी.

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एक वक़्त था जब अपने सारे निवेशों को एनेलाइज़ करने के लिए बहुत सारी डेटा एंट्री या किसी महंगे सॉफ़्टवेयर को ख़रीदने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होता था. हालांकि, हाल ही में, वैल्यू रिसर्च की वेबसाइट लॉन्च होने के बाद, अब हमारे पास एक आसान तरीक़ा है (जो फ़्री है), जिससे आप अपने पिछले सभी निवेशों को कुछ ही क्लिक में एक ही जगह पर इंपोर्ट करके देख सकते हैं. मेरे मित्र ने भी ऐसा ही किया और कुछ ही मिनटों में उन्हें अपने सारे पुराने निवेशों की एक विस्तृत रिपोर्ट मिल गई. इस रिपोर्ट में शुरुआत से लेकर अब तक के सारे निवेश थे. उनके निवेशों का टोटल ₹1.75 करोड़ था, यानी उनकी उम्मीद से क़रीब छः गुना ज़्यादा.

लंबे समय का इक्विटी निवेश आसानी से इस तरह का बोनांज़ा दे सकता है. बदक़िस्मती से, मेरे मित्र का ये अमीरी का एहसास ज़्यादा लंबा नहीं चला. जब वो वैल्यू रिसर्च प्रीमियम की बनाई हुई रिपोर्ट देखने लगे, तो उन्हें एहसास हुआ कि वेबसाइट का अनालेसिस इंजन, उनके इन्वेस्टमेंट पोर्टफ़ोलियो की कई ख़ामियों को बता रहा था. उनके क़रीब एक तिहाई फ़ंड, बरसों पहले बेजान हो गए थे क्योंकि उन्होंने इन पर कोई ध्यान नहीं दिया था. और ऐसा इसलिए था कि उन्हें इस बात का पता ही नहीं चला था. कुछ बहुत अच्छा प्रदर्शन करने वाले फ़ंड भी थे जिनमें ज़्यादा निवेश किया जाना चाहिए था. यानी ऐसा बहुत कुछ था जिसे अगर पहले समझा गया होता तो काफ़ी कुछ किया जा सकता था. अगर ऐसा होता, तो उन्हें कम से कम ₹30-40 लाख और मिल गए होते. इतना ही नहीं, उन्हें ये भी दिखा कि महंगाई ने उनकी बचत को कितना घटा दिया था और अगर उन्होंने फ़िक्स्ड डिपॉज़िट जैसी एसेट क्लास में निवेश किया होता तो उसका नतीजा क्या होता.

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अपने निवेशों पर ध्यान नहीं देने और समय रहते उनमें फेरबदल कर, ज़्यादा-से-ज़्यादा फ़ायदा न उठाने की उन्होंने एक बड़ी क़ीमत चुकाई थी. इसके लिए उन्हें हर महीने बस एक-आध घंटा ही देने की ज़रूरत थी कि उनका पैसा कहां जा रहा है और उसका क्या हश्र हो रहा है. ख़ैर, फिर भी उनका बहुत नहीं बिगड़ा—उन्होंने पैसा बनाया, उतना तो नहीं जितना बना सकते थे पर फिर भी काफ़ी बना लिया. भारत के अनगिनत लोग पैसा कमाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, बचत भी कर रहे हैं पर उसे ठीक से मैनेज नहीं कर रहे और इसीलिए अपने फ़ाइनेंशियल गोल पाने से चूक जाते हैं. मुझे ग़लत मत समझिए—मैं अपने दोस्त को दोष नहीं दे रहा या किसी और को भी, जो अपने निवेशों का पूरा फ़ायदा नहीं ले पाते. दरअसल ये काम आसान भी नहीं; इसमें काफ़ी सीखने और समझने की ज़रूरत पड़ती है. बशर्ते...

बशर्ते आप सही टूल्स का इस्तेमाल करें. ठीक उसी तरह के टूल धनक ने आपके लिए तैयार किए हैं. इस तरह के अनालेसिस के लिए धनक प्रीमियम आपके लिए बिल्कुल सही है. इसे बनाने का मक़सद ही यही था.

धनक प्रीमियम आपको काम के बहुत से टूल्स देता है, बिना शक़, ये भारतीय म्यूचुअल फ़ंड निवेशक के लिए सबसे बेहतरीन रिसोर्स है. आइए इनकी कुछ ख़ूबियों की बात करते हैं:

पोर्टफ़ोलियो प्लानर: प्रीमियम मेंबरशिप के तौर पर आपको कस्टम पोर्टफ़ोलियो के सुझाव दिए जाते हैं. इसके लिए जो एल्गोरिदम हमने तैयार की है वो कई बातों को ध्यान में रखती है, जैसे - आपके गोल, इनकम, बचत करने की क्षमता और इसके अलावा भी कई दूसरे फ़ैक्टर.

पोर्टफ़ोलियो अनालेसिस: हमारे कुछ ही मेंबर अपने निवेश की शुरुआत कर रहे होते हैं. ज़्यादातर लोगों का सवाल होता है कि क्या उनके पहले के निवेश उनके गोल के लिए सही हैं या नहीं. अक्सर इसका जवाब मुश्किल होता है, क्योंकि पुराने निवेशों को बदलने के कई नतीजे हो सकते हैं, जिसमें टैक्स की देनदारियां भी शामिल हैं. प्रीमियम सिस्टम में, आपको एक वैलुएशन मिलती है और साथ ही हमारी टीम द्वारा तैयार किए सुझावों की एक फ़िक्स लिस्ट भी मिलती है.

एनेलिस्ट की पसंद: अक्सर, निवेशक किसी ख़ास मक़सद के लिए अपने निवेश के फ़ंड चुनना चाहते हैं. इसमें आपके लिए 43 फ़ंड मौजूद हैं, और हमारे रेटिंग सिस्टम की मदद के बावजूद इसमें से अपने लिए सही फ़ंड चुनना काफ़ी मेहनत का काम हो सकता है. हालांकि, आपको इसमें ज़रा भी मुश्किल नहीं होगी, क्योंकि एक प्रीमियम मेंबर के तौर पर, आपके पास एनेलिस्ट की पसंद वाले फ़ंड्स की लिस्ट होगी. बजाए 35 कैटेगरी के ऑफ़िशियल फ़ंड के, हमने निवेशकों की ज़रूरत के मुताबिक़ आठ कैटेगरी बनाई हैं, जो आपके हर तरह के फ़ाइनेंशियल गोल से बिल्कुल मेल खाती हैं. इनमें से हरेक में, हमारे एनेलिस्ट ने ध्यान से चुन कर ऐसे फ़ंड रखे हैं जो आपको सबसे अच्छे नतीजे दें.

पर हां, प्रीमियम में और भी बहुत कुछ है. तो आप dhanak.com/premium, पर जाकर इन फ़ीचर्स के बारे में और पढ़ सकते हैं, झलक देख सकते हैं कि इसमें आपको और क्या-क्या मिलेगा. आप हमारे मेंबरों के अनुभव भी पढ़ सकते हैं और 30 प्रतिशत तक का डिस्काउंट भी पा सकते हैं.

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