
डेट फ़ंड ने हाल में इंडेक्सेशन का फ़ायदा गंवा दिया है. इंडेक्सेशन में निवेशकों को लंबे समय में कम टैक्स चुकाना पड़ता था. ऐसे में म्यूचुअल फ़ंड हाउस रिस्क से परहेज़ करने वाले निवेशकों को लुभाने के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं. मल्टी-एसेट फ़ंड फंड हाउस की इसी ज़रूरत को पूरा करते हैं.
एडेलवाइस ने अपने मल्टी-एसेट फ़ंड का न्यू फ़ंड ऑफर यानी NFO लाने की घोषणा की है. वहीं कुछ सप्ताह पहले व्हाइटओक कैपिटल ने भी ऐसी ही स्क़ीम लॉन्च की है.
इसकी वज़ह बहुत सरल है. इन फ़ंड्स को हाल में संशोधित किए गए टैक्स स्ट्रक्चर के बावजूद इंडेक्सेशन का फ़ायदा मिलता रहेगा.
मल्टी-एसेट एलोकेशन फ़ंड हाइब्रिड फंड हैं जो कम से कम तीन एसेट क्लास में निवेश करते हैं. और हर एक एसेट क्लास में न्यूनतम ऐलोकेशन कम से कम 10 प्रतिशत होता है. आम तौर पर, ऐसे फ़ंड इक्विटी, डेट और कमोडिटीज (सिल्वर या गोल्ड) में निवेश करते हैं.
क्या बदल गया
इस साल 1 अप्रैल को डेट फंड के लिए टैक्स की व्यवस्था बदल गई.
पहले शॉर्ट टर्म ( तीन साल से कम) कैपिटल गेन्स को इनकम में जोड़ा जाता था और निवेशक के इनकम स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता था.वहीं दूसरी तरफ लॉन्ग टर्म (3 साल से अधिक) कैपिटल गेन्स पर इंडेक्सेशन के बाद 20 प्रतिशत टैक्स लगता था.
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नए स्ट्रक्चर में 35 प्रतिशत से अधिक और 65 प्रतिशत से कम इक्विटी एक्सपोजर 3 साल से अधिक बनाए रखने पर 20 प्रतिशत का इंडेक्सेशन बेनेफिट मिलता रहेगा. हालांकि डेट इंस्ट्रुमेंट को ये बेनिफ़िट नहीं मिलेगा.
फ़ंड हाउस का जवाब
फ़ंड हाउस ने इसके जवाब में एक फ़ंड बनाया, जो फ़िक्स्ड इनकम स्क़ीम वाला फ़ंड है. इसे इंडेक्सेशन का फ़ायदा मिलेगा, क्योंकि इक्विटी और कमोडिटी का हिस्सा आर्बिट्राज किया जाएगा.
उदाहरण के लिए, एडेलवाइस म्यूचुअल फ़ंड का मल्टी एसेट ऐलोकेशन फ़ंड 35-40 प्रतिशत इक्विटी आर्बिट्राज में, 10-15 प्रतिशत गोल्ड और सिल्वर आर्बिट्राज में और बाकी 45-55 प्रतिशत फ़िक्स्ड इनकम में निवेश करेगा. इक्विटी के साथ-साथ गोल्ड और सिल्वर में कोई खुला एक्सपोज़र नहीं होगा. इसका मतलब है कि इनके पोर्टफ़ोलियो में कोई स्टॉक्स या कमोडिटी की यूनिट नहीं होगी.
इसी तरह से, व्हाइटओक मल्टी-एसेट एलोकेशन फ़ंड्स अपने इक्विटी वाले हिस्से के लिए आर्बिट्राज का इस्तेमाल करता है.
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आर्बिट्राज एक ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी है. इसके तहत फ़ंड मैनेजर अलग-अलग स्टॉक मार्केट में एक ही समय पर सिक्योरिटीज ख़रीद और बेचकर कीमतों में अंतर का फ़ायदा उठाता है.

हमारी राय
मल्टी-एसेट ऐलोकेशन फ़ंड द्वारा हासिल किया गया लॉन्ग टर्म रिटर्न बहुत उत्साहित करने वाला नहीं है.
पिछले 10 वर्षों में, फ़ंड की इस कैटेगरी ने औसत 10.48 प्रतिशत रिटर्न दिया है. यहां तक कि 5 साल की अवधि में, रिटर्न कुछ ख़ास अलग नहीं रहा है.
इसके अलावा, इन फ़ंड्स का काफ़ी एक्सपोज़र गोल्ड और सिल्वर में है और हम आमतौर पर निवेशकों को कमोडिटी से दूर रहने की सलाह देते हैं.
इसके बजाए, निवेशकों को फ़ंड की अग्रेसिव हाइब्रिड कैटेगरी पर विचार करना चाहिए. ये कैटेगरी इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करती है. इससे आपको लंबे समय में बेहतर रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी.
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