
DSP Mutual Fund: हमने DSP म्यूचुअल फ़ंड के इक्विटी हेड विनीत सांबरे (Vinit Sambre) से बात की, और उनके मिड-कैप फ़ंड के ख़राब परफ़ॉरमेंस, मुनाफ़ा बढ़ाने की स्ट्रैटेजी, और मिड-कैप, स्मॉल-कैप फ़ंड्स की बढ़ती लोकप्रियता पर उनके विचारों को जाना. DSP मिडकैप फ़ंड पिछले ढाई साल से कुछ अच्छा परफ़ॉर्म नहीं कर रहा है. ये पिछले दशक में ख़राब परफ़ॉरमेंस का सबसे लंबा समय है. हालांकि अंडरपरफ़ॉरमेंस का मार्जिन कम हो गया है, फ़ंड आख़िरी क्वार्टाइल यानी कैटेगरी की लिस्ट में नीचे के 25 फ़ीसदी फ़ंड में बना हुआ है. इस ख़राब परफ़ॉरमेंस से बाहर निकलने के लिए आपका क्या प्लान है? बेंचमार्क के मुक़ाबले 2017 में भी हमारा प्रदर्शन काफ़ी कमज़ोर रहा. ये स्मॉल और मिड-कैप स्पेस में भी काफ़ी उत्साह का दौर था. सभी तरह की कंपनियां (अच्छी या ख़राब क्वालिटी वाली) एक्सचेंज पर बहुत अच्छा परफ़ॉर्म कर रही थीं. हमने ख़राब परफ़ॉर्म किया, क्योंकि उस समय हमारे पास जो बिज़नस थे, वो कुछ निचले स्तर के चक्र (cyclical low phase) में थे. और जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे, हमने उनकी कुछ ख़ास बड़ी हिस्सेदारी नहीं ली थी. हालांकि, अगले साल हमने इन रुझानों में उलटफेर देखा. जिन बिज़नस में हमारा निवेश था, उन्होंने अच्छा परफ़ॉर्म करना शुरू कर दिया, जबकि बाक़ी नॉन-क्वालिटी स्टॉक्स में सुधार देखा गया. और इससे हमें 2018 और 2019 दोनों में परफ़ॉरमेंस के मामले में वापसी करने का मौक़ा मिला. 2020 में (कोविड के बाद), हम लगभग अक्टूबर तक अच्छा कर रहे थे. लेकिन उसके बाद, हमने बड़े स्तर पर ख़राब प्रदर्शन किया, मैं कह सकता हूं कि साल 2021 सबसे चुनौती भरा रहा. जिसने हमारे अल्फ़ा का एक बड़ा हिस्सा छीन लिया और पिछले दो साल में अलग तरह के नतीजे मिलने का एक बड़ा कारण ये भी रहा. इससे निपटना एक मुश्किल दौर था, जो हमने सेक्टोरल रोटेशन (परफ़ॉरमेंस में) देखा. और इसके अलावा ज़्यादा ख़रीदना और उसे बनाए रखना हमारा स्टाइल रहा है, जिसकी झलक आप हमारे टर्नओवर रेशियो में भी देख सकते हैं. इसलिए, आप कह सकते हैं कि हम पिछड़ गए और इसके चलते हमारा परफ़ॉरमेंस काफ़ी ख़राब रहा. इस दौरान, नॉन-क्वालिटी ने अच्छा प
ये लेख पहली बार अगस्त 14, 2023 को पब्लिश हुआ.
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