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Investment Portfolio 3: ये पड़ाव आख़िरी नहीं

निवेश पोर्टफ़ोलियो की 5 पार्ट सीरीज़ का ये तीसरा पार्ट है, और इसमें हम बता रहे हैं 50-60 साल के लोगों के लिए मॉडल पोर्टफ़ोलियो

Investment Portfolio 3: ये पड़ाव आख़िरी नहीं

पिछले लेख में हमने 35 से 50 साल की आयु के लोगों की ज़रूरतों के हिसाब से बनाई गई इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजी के बारे में बात की थी. इस बार हम 50-60 साल की उम्र वालों के लिए डिज़ाइन किए गए फ़ाइनेंशियल प्लान और मॉडल पोर्टफ़ोलियो की बात करेंगे. 50-60 साल के लोगों के लिए मॉडल पोर्टफ़ोलियो अनीश मैथ्यू और उनकी पत्नी रीता, जिनकी उम्र 50 साल के आस-पास है, हर महीने कुल मिलाकर ₹5 लाख कमाते हैं और वे रिटायरमेंट के कगार पर हैं. उन्होंने अपने जीवन की शुरूआती ज़िम्मेदारियों को अच्छे से निभाया है. उनकी बेटी अब अपने ख़र्च ख़ुद उठाती है, और उनका छोटा बेटा ग्रेजुएशन पूरी करने वाला है. फिर भी, उन्हें नहीं लगता कि वे अपने लिए एक शानदार रिटायरमेंट के बारे में सोच सकते हैं. मैथ्यू और उनकी पत्नी की उम्र के किसी भी व्यक्ति की ज़रूरतों और इच्छाओं में बदलाव आना एक सामान्य बात है. वे अपने जीवन के उस मोड़ पर हैं जहां उन्होंने एक स्वादिष्ट थाली का स्वाद चख लिया है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि वे आने वाले वक़्त में भी इसी तरह का आनंद ले पाएंगे या नहीं. सौभाग्य से, वे इसी तरह का आनंद आगे भी ले सकते हैं. हमारे टीम ने शेफ़ के तौर पर आपके लिए गरमागरम थाली परोसी है, जिसमें 50 साल से ज़्यादा उम्र के किसी भी व्यक्ति की ज़रूरतों, इच्छाओं और ज़िम्मेदारियों के हिसाब से फेरबदल किया जा सकता है. हर महीने का ख़र्च (इनकम का 30-35 फ़ीसदी) ऐसी चीज़ है जो जीवन भर चलता है, हालांकि इसमें वक़्त के साथ बदलाव होता रहता है. मिसाल के तौर पर, मैथ्यू और उनकी पत्नी अब अपने ही घर में रहते हैं. वे कोई किराया नहीं देते हैं. और उन्होंने अपना होम लोन भी चुका दिया है. हालांकि, अगर आप किराए पर रहते हैं, तो आपका महीने का ख़र्च हमेशा ज़्यादा रहेगा. अगर आप घर के मालिक हैं और अभी भी EMI दे रहे हैं, तो ये ख़र्च तब तक ज़्यादा रहेगा जब तक कि आप लोन पूरी तरह से चुका नहीं देते. कहने का मतलब है कि ये ख़र्च आपकी परिस्थितियों पर निर्भर करता है. प्राथमिकता: बहुत ज़्यादा. निवेश की अवधि: ये एक जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है. आप क्या करें: अपना पैसा बैंक सेविंग्स अकाउंट में रखें. मेडिकल इमरजेंसी (10-12 फ़ीसदी) आपको बुरा वक़्त दिखा

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