
आर श्रीनिवासन, मई 2009 में एक सीनियर फ़ंड मैनेजर के रूप में SBI म्यूचुअल फ़ंड के साथ जुड़े और उनका ये सफ़र, चीफ़ इन्वेस्टमेंट ऑफ़िसर (CIO) - इक्विटी बनने तक जारी रहा. अब वो अलग-अलग सात फ़ंड्स में ₹1.6 लाख करोड़ की बड़ी राशि के एसेट्स मैनेज करते हैं. श्रीनिवासन को लोगों की पूंजी मैनेज करने का अच्छा ख़ासा अनुभव है, और वो एक दशक से भी ज्यादा वक़्त से SBI के स्मॉल कैप, फ़ोकस्ड इक्विटी और इक्विटी हाइब्रिड फ़ंड के चीफ़ के तौर पर काम कर रहे हैं. पिछले कुछ सालों में उनके फ़ंड्स के प्रदर्शन में गिरावट देखी गई, पर इन फ़ंड्स की लॉन्ग-टर्म कहानी बिलकुल अलग है. लॉन्ग-टर्म में ये फ़ंड्स बेंचमार्क और अपने साथी खिलाड़ियों को लगातार पछाड़ रहे हैं, और वो भी एक अच्छे मार्जिन के साथ. इसलिए, ये उनसे बात करने का बिलकुल सही वक़्त था. हमने फ़ंड्स के ख़राब प्रदर्शन की वजह समझने के लिए और भविष्य में रिटर्न की बढ़ती उम्मीदों को लेकर श्रीनिवासन से हाल ही में चर्चा की. जैसा कि आपने कहा था कि SBI स्मॉल कैप फ़ंड का पिछला प्रदर्शन अभी के साइज़ के हिसाब से दोहराया नहीं जा सकता है. इस वक़्त फ़ंड के रिटर्न को लेकर आपकी क्या उम्मीदें हैं? हमने इसे साल 2013 में एक स्मॉल-कैप स्ट्रैटेज़ी के रूप में मैनेज करना शुरू किया था और तब से 28 फ़ीसदी या 12.5x के CAGR के साथ 10 साल पूरे कर लिए हैं. अब हमारा लक्ष्य लगभग
ये लेख पहली बार जनवरी 17, 2024 को पब्लिश हुआ.
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