
निवेश के लिहाज़ से 2023 एक शानदार साल रहा. इक्विटी बाज़ार से जुड़ने वाली हर चीज़ गोल्ड में बदल गई. मिड-कैप और स्मॉल-कैप फ़ंड्स में शानदार रैली देखने को मिली. लार्ज-कैप फ़ंड्स के लिए भी ख़ासकर साल की दूसरी छमाही कुछ ऐसी ही रही. हां, यहां तक कि एक्टिव फ़ंड भी पैसिव फ़ंड्स पर ख़ासे भारी पड़े. इक्विटी मार्केट में मजबूती की वजह महंगाई में नरमी, ख़पत और पूंजीगत ख़र्च में बढ़ोतरी रही है. इस तरह से 2023 म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए एक बेहतरीन साल साबित हुआ. इसमें कोई हैरानी की बात नहीं कि एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMCs) पिछले साल स्पष्ट तौर से 99 फ़ंड्स लॉन्च हुए. हालांकि, ये आंकड़ा वर्ष 2022 के 104 न्यू फ़ंड ऑफ़र्स (NFOs) की तुलना में थोड़ा कम है. फंड हाउसेज के जोश की वजह, निवेशकों के रुझान में बढ़ोतरी, बाज़ारों में तेजी और बाज़ार में मौजूद अवसरों तक पहुंच बढ़ना रही है. NFOs में, थीमैटिक फ़ंड (thematic funds) विशेष रूप से पसंद किए गए. यही कारण था की नए थीमैटिक फ़ंड्स को ₹9,000 करोड़ से ज़्यादा निवेश जुटाने में सफलता मिली. दूसरी ओर, PSU (पब्लिक सेक्टर अन्डरटेकिंग्स) फ़ंड की भी मांग ज़्यादा रही. लेकिन NFO की कहानियों से इतर भी काफ़ी कुछ अच्छा रहा. ये पहले ही बताया जा चुका है कि 2023 समग्र रूप से इक्विटी फ़ंड्स के लिए एक शानदार साल रहा है. तो चलिए, हाल के सबसे पॉपुलर फ़ंड्स के बारे में जानते हैं. ये भी पढ़िए- 2023 में ये 4 Mutual Funds बने 'ज़ीरो से हीरो' जिनमें रही सबसे ज़्यादा बढ़त पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप काफ़ी पॉपुलर रहा. हालांकि, 2021 और 2022 में इसके फ़ंड तीसरे स्थान पर
