
प्लेटिनम इंडस्ट्रीज़, भारत की तीसरी सबसे बड़ी PVC स्टेबलाइज़र निर्माता ने 27 फ़रवरी 2024 को अपना IPO लॉन्च कर दिया है. हम यहां कंपनी की क्षमताओं, कमज़ोरियों और ग्रोथ की संभावनाओं के बारे में बता रहे हैं, जिससे निवेशकों को सही फ़ैसला लेने में मदद मिलेगी.
एक नज़र में IPO
क्वालिटी: इसका तीन साल का औसत ROE और ROCE क्रमशः 120 और 61 फ़ीसदी रहा है. हालांकि, इसने FY22 में ऑपरेशन में इसका नेगिटिव कैश फ़्लो रहा है.
ग्रोथ: FY21 और FY23 के बीच इसका रेवेन्यू और टैक्स के बाद का लाभ सालाना 61 से 181 फ़ीसदी तक बढ़ा है.
वैल्युएशन: स्टॉक की वैल्यू क्रमशः 24.8 और 2.9 गुना P/E और P/B पर है. इसकी तुलना में कोई समकक्ष (peers) लिस्टिड नहीं है, क्योंकि इस जगह में लिस्टिड ज़्यादातर प्लेयर काफ़ी बड़े स्तर के हैं.
मोटे तौर पर: निर्माण क्षेत्र में PVC की बढ़ती मांग को देखते हुए ये कंपनी आने वाले कुछ सालों में अच्छी ग्रोथ कर सकती है. इसके नॉन-लीड पर आधारित PVC स्टेबलाइज़र्स की भी काफ़ी डिमांड है. हालांकि इस कंपनी को कई बड़ी कंपनियों के साथ कॉम्पिटीशन का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इसकी ग्रोथ में असर पड़ सकता है. इसके अलावा PVC इंडस्ट्री ज़्यादा साइक्लिकल है.
प्लेटिनम इंडस्ट्रीज़ के बारे में
बिक्री के मामले में (CRISIL रिपोर्ट के अनुसार) प्लैटिनम इंडस्ट्रीज भारत की तीसरी सबसे बड़ी PVC स्टेबलाइज़र निर्माता है. जिसका FY23 में इसका 13% मार्केट शेयर था. अनजान लोगों के लिए PVC स्टेबलाइज़र को सड़ने और ऑक्सीडेशन से बचाता हैं. इसके 4 ख़ास रेवेन्यू सोर्स है:
-
PVC स्टेबलाइज़र्स - FY23 का रेविन्यू 51 फ़ीसदी
-
CPVC एडिटिव्स - 8 फ़ीसदी
-
लुब्रिकेंट - 27 फ़ीसदी
- ट्रेडिंग सेल - 14 फ़ीसदी
ये भी पढ़िए- एक ऐसा फ़ंड जिससे IPO में निवेश सही लग सकता है
प्लेटिनम इंडस्ट्रीज़ की ताक़त
FY23 में 13% बाज़ार हिस्सेदारी के साथ भारत की तीसरी सबसे बड़ी PVC स्टेबलाइजर निर्माता है.
प्लेटिनम इंडस्ट्रीज़ की कमज़ोरियां
रेविन्यू कंसंट्रेटेशन, सितंबर 2023 तक इसके टोटल रेविन्यू में टॉप 3 क्लाइंट का योगदान 75 फ़ीसदी तक था. और ये देखते हुए कि इसका अपने क्लाइंट्स के साथ कोई भी लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट नहीं है. क्लाइंट संबंधी किसी भी तरह की गिरावट से इसके ओपरेशन पर काफ़ी असर पड़ सकता है. इसके अलावा, ये अपने रारेविन्यू का 54% पश्चिमी भारत से जेनरेट करता है.
PVC इंडस्ट्री ज़्यादा साइक्लिकल है.
Platinum Industries IPO की डिटेल
IPO डिटेल
| कुल IPO साइज़ (करोड़ ₹) | 235 |
| ऑफ़र फ़ॉर सेल (करोड़ ₹) | 0 |
| नए इशू (करोड़ ₹) | 235 |
| प्राइस बैंड (₹) | 162 - 171 |
| सब्स्क्रिप्शन डेट | 27 फ़रवरी से 29 फ़रवरी 2023 |
| उद्देश्य | अपने खर्चों को मैनेज करना और वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत |
Platinum Industries IPO के बाद
IPO के बाद
| मार्केट कैप (करोड़ ₹) | 939 |
| नेट वर्थ (करोड़ ₹) | 320 |
| प्रमोटर होल्डिंग (%) | 71 |
| प्राइस/ अर्निंग रेशियो (P/E) | 24.8 |
| प्राइस/ बुक रेशियो (P/B) | 2.9 |
Platinum Industries की फ़ाइनेंशियल हिस्ट्री
फ़ाइनेंशियल हिस्ट्री
| फ़ाइनेंशियल्स | 2 ईयर ग्रोथ (% pa) | 6M सितंबर 2023 | FY23 | FY22 | FY21 |
|---|---|---|---|---|---|
| रेवेन्यू (करोड़ ₹) | 61 | 123 | 231 | 188 | 89 |
| EBIT (करोड़ ₹) | 176.2 | 31 | 52 | 24 | 7 |
| PAT (करोड़ ₹) | 180.5 | 23 | 38 | 18 | 5 |
| नेट वर्थ (करोड़ ₹) | 85 | 62 | 22 | 4 | |
| कुल क़र्ज़ | 16 | 22 | 26 | 5 | |
|
EBIT यानी ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई
PAT यानी टैक्स के बाद का मुनाफ़ा |
|||||
Platinum Industries के अहम रेशियो
अहम रेशियो
| रेशियो | 3 साल का औसत (%) | 6M सितंबर 2023 | FY23 | FY22 | FY21 |
|---|---|---|---|---|---|
| ROE (%) | 120.3 | 31.4 | 90 | 132.4 | 138.6 |
| ROCE (%) | 61.2 | 28.8 | 56.9 | 52.5 | 74.3 |
| EBIT मार्जिन (%) | 14.4 | 25.2 | 22.5 | 13 | 7.6 |
| डेट-टू-इक्विटी | 0.9 | 0.2 | 0.3 | 1.2 | 1.1 |
|
ROE यानी इक्विटी पर रिटर्न ROCE यानी लगाई गई कैपिटल पर रिटर्न |
|||||
रिस्क रिपोर्ट
कंपनी और बिज़नस
क्या पिछले 12 महीनों में Platinum Industries की (अर्निंग्स बिफ़ोर टैक्स) ₹50 करोड़ से ज़्यादा है?
हां. FY23 में प्रॉफ़िट बिफ़ोर टैक्स ₹51 करोड़ था.
क्या Platinum Industries अपना बिज़नस बढ़ा पाएगी?
हां. बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन क्षेत्र से PVC स्टेबलाइजर्स की बढ़ती मांग के चलते इसकी ग्रोथ को और मदद मिलेगी.
क्या Platinum Industries के पास क्लाइंट्स को जोड़े रखने के लिए जाने पहचाने ब्रांड हैं?
हां. ये 13 फ़ीसदी मार्केट शेयर के साथ भारत की तीसरी सबसे बड़ी PVC स्टेबलाइजर्स निर्माता है.
क्या कंपनी के पास सुरक्षा घेरा (credible moat) है?
नहीं, इसे ऑर्गनाइज़्ड और अनऑर्गनाइज़्ड दोनों प्लायर्स से कॉम्पिटीशन का सामना करना पड़ता है.
मैनेजमेंट
क्या कंपनी के संस्थापकों में से किसी के पास अभी भी कंपनी में कम से कम 5 फ़ीसदी हिस्सेदारी है? या क्या प्रमोटर्स के पास कंपनी में 25 फ़ीसदी से ज़्यादा हिस्सेदारी है?
हां. IPO के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 71.0 फ़ीसदी होगी.
क्या Platinum Industries टॉप 3 मैनेजर्स के पास 15 साल से ज़्यादा की लीडरशिप का अनुभव है?
हाँ. टॉप 2 मैनेजर 2016 में इसकी स्थापना के बाद से ऑपरेशन में शामिल रहे हैं.
क्या मैनेजमेंट भरोसेमंद है? क्या ये अपने खुलासों में ट्रांसपरेंट है, जो SEBI गाइडलाइंस के अनुरूप है?
हां. इससे इतर सुझाव देने के लिए कोई जानकारी नहीं है.
क्या कंपनी की अकाउंटिंग पॉलिसी टिकाऊ है?
हां. इससे इतर सुझाव देने के लिए कोई जानकारी नहीं है.
क्या कंपनी के किसी प्रमोटर ने अपने शेयर गिरवी नहीं रखे हैं?
हां. कोई शेयर गिरवी नहीं रखा गया है.
फ़ाइनेंशियल
क्या कंपनी ने इक्विटी पर वर्तमान और तीन साल का औसत रिटर्न 15 फ़ीसदी से ज़्यादा और लगाई गई कैपिटल पर 18 फ़़ीसदी से ज़्यादा रिटर्न कमाया?
हां. इसका तीन साल का औसत ROE और ROCE क्रमश: 120 और 61 फ़ीसदी है. इसका FY23 ROE और ROCE क्रमशः 90 और 57 फ़ीसदी था.
क्या पिछले तीन साल के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ़्लो पॉज़िटिव था?
नहीं, इसने FY22 में ऑपरेशन में इसका नेगिटिव कैश फ़्लो रहा है.
क्या कंपनी का नेट डेट टू इक्विटी रेशियो एक से कम है?
हां. 30 सितंबर 2023 तक इसका नेट कैश पॉज़िटिव है.
क्या Platinum Industries रोज़मर्रा के मामलों के लिए बड़ी कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) पर निर्भरता से मुक्त है?
नहीं, इसमें वर्किंग कैपिटल की काफ़ी ज़्यादा ज़रूरत है. इसके अलावा, पिछले तीन फ़ाइनेंशियल ईयर में इसके कैश फ़्लो में भी काफ़ी उतार-चदाव रहे है.
क्या कंपनी अगले तीन साल में बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर हुए बिना अपना क़ारोबार चला सकती है?
नहीं, यह मिस्र और महाराष्ट्र में विनिर्माण सुविधा के लिए कुल पैसों का लगभग 59 फ़ीसदी का उपयोग करेगा. इसके ख़राब कैश फ़्लो की हिस्ट्री को देखते हुए, इसे आगे बढ़ने के लिए बाहरी फंडिंग की ज़रूरत पड़ सकती है.
क्या Platinum Industries बड़ी आकस्मिक देनदारियों से मुक्त है?
हां, 30 सितंबर, 2023 तक इक्विटी के प्रतिशत के रूप में आकस्मिक देनदारियाँ 5.1 फ़ीसदी रही है.
वैल्युएशन
क्या स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड प्रदान करता है?
नहीं, स्टॉक अपनी एंटरप्राइज वैल्यू पर 5.6 फ़ीसदी ऑपरेटिंग अर्निंग्स यील्ड प्रदान करेगा.
क्या स्टॉक का PE उसकी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत से कम है?
इसकी तुलना में कोई समकक्ष (peers) लिस्टेड नहीं है, क्योंकि वो काफ़ी बड़े स्तर में हैं. इसके स्टॉक की वैल्यू 24.8 गुना के प्राइस-टू-अर्निंग्स के रेशियो पर है.
क्या स्टॉक की प्राइस टू बुक (PB) वैल्यू उसकी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत से कम है?
इसकी तुलना में कोई समकक्ष (peers) लिस्टेड नहीं है, क्योंकि वो काफ़ी बड़े स्तर में हैं. इसके स्टॉक की वैल्यू 2.9 गुना के प्राइस टू बुक के रेशियो पर है.
डिस्क्लेमर: ये स्टॉक रेकमंडेशन नहीं है. निवेश करने से पहले पूरी छानबीन करें.
ये भी पढ़िए- क्या IPO के लिए इस होड़ में फंसना चाहिए?
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
शिकायतों के लिए संपर्क करें: [email protected]







