मैनेजर स्पीक

आपके ₹1.90 लाख करोड़ संभालने वाले फ़ंड मैनेजर ने बताई अपनी निवेश स्ट्रैटजी

ICICI प्रूडेंशियल के एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ़ इन्वेस्टमेंट ऑफ़िसर, शंकरन नरेन के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

आपके ₹1.90 लाख करोड़ संभालने वाले फ़ंड मैनेजर ने बताई अपनी निवेश स्ट्रैटजी

शंकरन नरेन ICICI प्रूडेंशियल AMC में एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) और चीफ़ इन्वेस्टमेंट ऑफ़िसर (CIO) हैं. दूसरे जिस रास्ते को कम चुनते हैं, वो उन रास्तों पर चलने के लिए जाने जाते हैं. वैल्यू इन्वेस्टमेंट उनकी आदत में शुमार है. नरेन एक अनुभवी प्रबंधक हैं और इस समय इक्विटी और हाइब्रिड फ़ड्स में फैले एक्टिव निवेशकों के ₹1.90 लाख करोड़ से ज़्यादा की देखरेख कर रहे हैं. इस इंटरव्यू में उन्होंने मार्केट और दूसरे कई विषयों पर अहम बातें बताईं, और AMC के वैल्यू डिस्कवरी फ़ंड के परफ़ॉर्मेंस पर अपने विचार साझा किए. यहां पेश हैं इंटरव्यू के मुख्य अंश. क़रीब एक दशक बाद, इन्वेस्टमेंट की वैल्यू स्टाइल कोविड के ख़त्म होने पर वापस प्रचलन में आई और यह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है. इस शैली पर आपका छोटे अर्से में क्या नज़रिया है? भारत को एक ग्रोथ मार्केट माना जाता है; इसलिए, लोगों का मानना है कि भारत जैसे ग्रोथ मार्केट में वैल्यू इन्वेस्टिंग की ज़्यादा भूमिका नहीं है. हमारा मानना है कि वैल्यू इन्वेस्टिंग इस बात पर निर्भर नहीं करती कि यह एक ग्रोथ मार्केट है या कुछ और. पिछले दो दशकों के हमारे अनुभव से पता चलता है कि तीन-तीन साल की दो क़िश्तों को छोड़कर, एक स्ट्रेटजी के तौर पर वैल्यू ने बड़े पैमाने पर भारतीय निवेशकों के लिए अच्छा काम किया है. हमारा दृढ़ विश्वास है कि इस रणनीति से धीरज रखने वाले निवेशकों के लिए वैल्यू स्ट्रेटजी का अनुभव अच्छा रहता है, क्योंकि वैल्यू इन्वेस्टिंग मार्केट के हर फ़ेज़ में अच्छा काम नहीं कर सकती है. जो निवेशक लॉन्ग-टर्म वाले नज़रिए से निवेश मे

ये लेख पहली बार अप्रैल 01, 2024 को पब्लिश हुआ.

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