वैल्यू रिसर्च से पूछें

Index Fund या ETF: वेल्थ बनाने के लिए कौन-सा विकल्प आपके लिए बेस्ट है?

हम यहां आपको निवेश के दो पैसिव विकल्प के बारे में विस्तार से बता रहे हैं

ETF या Index Fund: निवेश के लिए कौन-सा विकल्प सही है?AI-generated image

रिटायरमेंट के लिए मैं वर्ष 2040 तक हर महीने ₹25,000 निवेश कर सकता हूं. वेल्थ बनाने के लिए म्यूचुअल फ़ंड या ETF में से कौन सा विकल्प बेहतर है? - एक सब्सक्राइबर

ETF vs Index Fund: एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड (ETF) सेंसेक्स या निफ़्टी 50 जैसे किसी ख़ास इंडेक्स को ट्रैक करते हैं और स्टॉक एक्सचेंज पर स्टॉक की तरह ही ट्रेड करते हैं. असल में, इनमें स्टॉक का एक निश्चित सेट यानी समूह शामिल होता है. इसलिए ETF के ज़रिए किए जाने वाले निवेश को 'पैसिव' निवेश भी कहते हैं. ETF की एक ख़ूबी ये भी है कि ये कम ख़र्च वाले इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट होते हैं.

ये भी पढ़िए - म्यूचुअल फ़ंड इन्वेस्टमेंट को होल्ड करने का बेहतर तरीक़ा

म्यूचुअल फ़ंड के दायरे में उनसे सबसे ज़्यादा मिलती जुलता विकल्प इंडेक्स फ़ंड है. दरअसल, SIP की सरलता के कारण ये बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं. और, ETF के साथ सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) संभव नहीं है, क्योंकि वो स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होते हैं. इसलिए एक निवेशक को हर बार उन्हें ख़रीदना पड़ता है. दूसरी ओर, SIP आपके मंथली निवेश को ऑटोमेट करने में मदद करती हैं, जिससे आपके निवेश में स्थिरता और अनुशासन दोनों आते हैं.

जहां तक पैसिव फ़ंड (चाहे वो इंडेक्स फ़ंड हो या ETF) का सवाल है, तो लार्ज-कैप स्पेस में एक्टिव फ़ंड के मुक़ाबले ये ज़्यादा बेहतर होते हैं. तो, आप निवेश में सरलता को ध्यान में रखते हुए इंडेक्स फ़ंड का चुनाव कर सकते हैं. लेकिन, ये पक्का कर लें कि सैलरी बढ़ने के साथ SIP की रक़म भी बढ़ती रहे.

निष्कर्ष

ये सवाल हमारे एक प्रीमियम सब्सक्राइबर द्वारा पूछा गया था, और हमारी ख़ास सीरीज़ सब्सक्राइबर्स हेल्पलाइन पर दिखाया गया था. अगर आप इसी तरह के सवालों के जवाब पाना चाहते हैं, तो संबंधित एपिसोड देख सकते हैं.

ये भी पढ़िए - आपको वैल्यू रिसर्च स्टॉक रेटिंग क्यों चुननी चाहिए

ये लेख पहली बार अगस्त 28, 2024 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

20% रिटर्न, हर महीने ₹1 लाख: क्या ऐसी उम्मीद लगाना सही है?

पढ़ने का समय 6 मिनटअभिषेक राणा

मिडिल ईस्ट में युद्ध और असर आपकी जेब पर

पढ़ने का समय 6 मिनटउदयप्रकाश

‘मेरे पोर्टफ़ोलियो में 25 फ़ंड हैं. शुरुआत कहां से करूं?’

पढ़ने का समय 5 मिनटउदयप्रकाश

इमरजेंसी फ़ंड की समस्या

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

क्या आपका म्यूचुअल फ़ंड सच में आपके लिए काम कर रहा है?

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

SEBI का नया कैटेगराइज़ेशन से जुड़ा सर्कुलर पुराने मसलों को ठीक करता है, लेकिन इंडस्ट्री को प्रोडक्ट के लिहाज़ से अगले दौर की भीड़ के लिए नया सामान भी दे देता है

दूसरी कैटेगरी