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Sagility India IPO: क्या आपके लिए निवेश का मौक़ा है?

निवेश से पहले सैगिलिटी इंडिया के IPO की हर ज़रूरी जानकारी पढ़ें

Is it good to invest in sagility india IPO? In HindiAI-generated image

Sagility India IPO: सैगिलिटी इंडिया IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग) 5 नवंबर 2024 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया. इसकी आख़िरी तारीख़ 7 नवंबर 2024 है. निवेश का फ़ैसला लेने में निवेशकों की मदद के लिए, यहां हम इस हेल्थकेयर सर्विस प्रोइवाडर कंपनी की ताक़त, कमज़ोरियों और ग्रोथ की संभावनाओं के बारे में बता रहे हैं.

Sagility India IPO: संक्षेप में

  • क्वालिटी: FY2022 और 2024 के बीच,कंपनी ने क्रमशः 2 और 3 फ़ीसदी का एवरेज रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) दर्ज़ किया.
  • ग्रोथ: FY22-24 के दौरान, कंपनी का रेवेन्यू और नेट प्रॉफ़िट क्रमशः 127 और 590 फ़ीसदी सालाना बढ़ा.
  • वैल्यूएशन: कंपनी का स्टॉक क्रमशः 67.5 और 1.9 गुना के P/E (प्राइस -टू-अर्निंग रेशियो) और P/B (प्राइस-टू-बुक रेशियो) पर कारोबार करेगा.
  • मार्केट में कंपनी की स्थिति: सैगिलिटी इंडिया अमेरिकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों और हेल्थकेयर प्रोवाइडर (अस्पताल, चिकित्सक और चिकित्सा उपकरण कंपनियों) को सर्विस देती है. 2022 में अमेरिका में प्रति व्यक्ति हेल्थकेयर ख़र्च ₹10 लाख से ज़्यादा था, जो मज़बूत अर्थव्यवस्था वाले देशों में सबसे ज़्यादा है. उम्रदराज़ लोगों की बढ़ती आबादी और गंभीर बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच, कंपनी को अमेरिकी हेल्थकेयर मार्केट की ग्रोथ से फ़ायदा होगा.

Sagility India के बारे में

2021 में इनकॉर्पोरेट हुई सैगिलिटी इंडिया एक IT कंपनी है जो अमेरिकी हेल्थकेयर सेक्टर में काम करती है. पांच देशों में 31 ब्रांच में चलने वाले ऑपरेशन के साथ, इंश्योरेंस कंपनियों को दी जाने वाली इसकी सर्विस में क्लेम मैनेजमेंट, एनरॉलमेंट, बेनिफिट प्लान बिल्डिंग, प्रीमियम बिलिंग और क्लीनिकल फंक्शन शामिल हैं. ये अस्पतालों को रेवेन्यू साइकिल मैनेजमेंट सर्विस देती है. FY24 तक, ये अपने रेवेन्यू का लगभग 90 फ़ीसदी हिस्सा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों (पेयर्स) से अर्जित कर रही थी. हेल्थकेयर ऑपरेशन आउटसोर्स मार्केट में, कंपनी का मार्केट शेयर लगभग 1.18 फ़ीसदी है.

ताक़त

  • ग्राहकों के साथ मजबूत जुड़ाव: सैगिलिटी इंडिया ने FY23 और FY24 के दौरान अपने 90 फ़ीसदी से ज़्यादा ग्राहकों को बनाए रखा. कंपनी ने FY24 में इन ग्राहकों से अपने रेवेन्यू में 10 फ़ीसदी की बढ़ोतरी भी की.

कमज़ोरियां

  • अमेरिकी मार्केट पर निर्भरता: सैगिलिटी इंडिया अपना सारा रेवेन्यू अमेरिकी हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काम करने वाले ग्राहकों से कमाती है. अमेरिकी हेल्थकेयर इंडस्ट्री की ग्रोथ में गिरावट या अमेरिकी पेयर्स और प्रोवाइडर्स द्वारा आउटसोर्सिंग में कमी से कंपनी पर काफ़ी ख़राब असर पड़ेगा.
  • तगड़ी प्रतिस्पर्धा: हेल्थकेयर इंडस्ट्री बहुत ज़्यादा प्रतिस्पर्धी है. सैगिलिटी इंडिया को Accenture, Cognizant, EXL, CorroHealth, Shearwater Health और Omega Healthcare जैसे बड़े ब्रांड बीच प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है. तगड़ी प्रतिस्पर्धा से प्राइसिंग का दबाव रहता है और संभावित ग्राहकों का नुक़सान भी हो सकता है.

Sagility India IPO की डिटेल

IPO का कुल साइज़ (करोड़ ₹) 2,107
ऑफर फॉर सेल (करोड़ ₹) 2,107
नए इशू (करोड़ ₹) -
प्राइस बैंड (₹) 28 - 30
सब्सक्रिप्शन की तारीख़ 5 - 7 नवंबर, 2024
उद्देश्य ये इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है

IPO के बाद

मार्केट कैप (करोड़ ₹) 14,044
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 7,608
प्रमोटर होल्डिंग (%) 85.0
प्राइस/अर्निंग रेशियो (P/E) 67.5
प्राइस/बुक रेशियो (P/B) 1.9

फ़ाइनेंशियल हिस्ट्री

फ़ाइनेंशियल्स (करोड़ ₹) 2 साल की ग्रोथ (% सालाना) TTM FY24 FY23 FY22
रेवेन्यू 126.9 4,861 4,754 4,218 923
EBIT 208.2 385 399 383 42
PAT 589.9 208 228 144 -5
नेट वर्थ 26.5 7,608 6,443 6,207 4,027
कुल डेट -27 1,514 2,532 2,896 4,788
EBIT-- अर्निंग बिफ़ोर इंटरेस्ट एंड टैक्स
PAT -- प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स

प्रमुख रेशियो

रेशियो 3 साल का औसत TTM FY24 FY23 FY22
ROE (%) 2.1 3.0 3.6 2.8 -0.1
ROCE (%) 3.1 4.2 4.4 4.3 0.5
EBIT मार्जिन (%) 7.4 7.9 8.4 9.1 4.6
डेट-टू-इक्विटी 0.7 0.2 0.4 0.5 1.2
ROE -- रिटर्न ऑन इक्विटी
ROCE -- रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड

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Sagility India की रिस्क रिपोर्ट

कंपनी और बिज़नस

  • क्या पिछले 12 महीनों में सैगिलिटी इंडिया की टैक्स के पहले की कमाई (profit before tax) ₹50 करोड़ से ज़्यादा है?
    हां. कंपनी ने FY2024 में ₹242 करोड़ की ‘टैक्स के पहले की कमाई’ दर्ज़ की.
  • क्या कंपनी अपना बिज़नस बढ़ा पाएगी?
    हां. हेल्थकेयर सेगमेंट अमेरिका की नॉमिनल GDP में 17 फ़ीसदी योगदान देता है, जिससे एक बड़ी मार्केट अपॉर्चुनिटी मिलती है.
  • क्या सैगिलिटी इंडिया का कस्टमर बेस काफ़ी वफ़ादार है और क्या ये कंपनी किसी जाने-माने ब्रांड से जुड़ी है?
    हां. इसने टॉप-टियर ग्राहकों के साथ लॉन्ग-टर्म कनेक्शन बनाए रखा है, जिनमें टॉप 10 अमेरिकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों में से पांच शामिल हैं. FY24 तक, कंपनी ने अपने पांच सबसे बड़े क्लाइंट के साथ 17 साल का औसत कार्यकाल बनाए रखा था.
  • क्या कंपनी के पास कॉम्पिटेटिव एडवांटेज़ है?
    नहीं. हेल्थकेयर BPO और टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड हेल्थकेयर सर्विस सेक्टर में कई कंपनियां काम करती हैं.

Sagility India का मैनेजमेंट

  • क्या कंपनी के संस्थापकों में से किसी के पास अभी भी कंपनी में कम से कम 5 फ़ीसदी हिस्सेदारी है? या क्या प्रमोटरों के पास कंपनी में 25 फ़ीसदी से ज़्यादा हिस्सेदारी है?
    हां. IPO के बाद, प्रमोटरों की हिस्सेदारी 85 फ़ीसदी तक हो जाएगी.
  • क्या टॉप 3 मैनजरों के पास कंपनी में काम करते हुए कुल मिलाकर 15 साल से ज़्यादा का लीडरशिप अनुभव है?
    नहीं. कंपनी जुलाई 2021 में बनी थी, जिसमें चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश गोपालन जनवरी 2022 में शामिल हुए थे.
  • क्या मैनेजमेंट पर भरोसा किया जा सकता है? क्या कंपनी SEBI दिशानिर्देशों के तहत साफ़-सुथरी रिपोर्ट जारी करती है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या Sagility India की अकाउंटिंग पॉलिसी ठीक है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या कंपनी प्रमोटरों के शेयर गिरवी होने मुक्त है?
    हां. कोई शेयर गिरवी नहीं रखे हैं.

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Sagility India के फ़ाइनेंशियल

  • क्या कंपनी का वर्तमान और तीन साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15 फ़ीसदी से ज़्यादा और औसत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 18 फ़ीसदी से ज़्यादा है?
    नहीं. इसका तीन साल का औसत ROE और ROCE क्रमशः 2 और 3 फ़ीसदी है. FY2024 में, इसका ROE और ROCE क्रमशः 3.6 और 4.4 फ़ीसदी के क़रीब रहा है.
  • क्या पिछले तीन साल के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ़्लो पॉज़िटिव रहा है?
    नहीं. इसने FY22 में नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ़्लो दर्ज किया.
  • क्या कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1 से कम है?
    हां. Q1FY25 तक, कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.15 था.
  • क्या कंपनी रोज़मर्रा के कामों के लिए बड़ी वर्किंग कैपिटल पर निर्भरता से मुक्त है?
    हां. कंपनी सर्विस इंडस्ट्री में काम करती है और इसे रोज़मर्रा के कामों के लिए बड़ी वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत नहीं होती.
  • क्या कंपनी अगले तीन साल में बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर हुए बिना अपना बिज़नस चला सकती है?
    हां. FY23-24 के दौरान पॉज़िटिव फ़्री कैश फ़्लो के साथ, सैगिलिटी इंडिया प्रॉफ़िटेबल रही है. इसके अलावा, कंपनी का capex ज़्यादा नहीं है, इसलिए भविष्य में इसे बाहरी फ़ंडिंग की ज़रूरत नहीं होगी।
  • क्या कंपनी बड़ी आकस्मिक देनदारी से मुक्त है?
    हां. Q1FY25 तक, कंपनी बड़ी आकस्मिक देनदारी से मुक्त थी.

Sagility India का वैल्यूएशन

  • क्या स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देता है?
    नहीं. लिस्ट होने के बाद, ये स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 2.5 फ़ीसदी ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देगा.
  • क्या स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग रेशियो अपनी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत से कम है?
    इस सेक्टर में कोई लिस्टेड साथी नहीं है जो इसी डोमेन में काम करता हो. स्टॉक का P/E 67.5 गुना है.
  • क्या स्टॉक की प्राइस-टू-बुक वैल्यू अपनी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत स्तर से कम है?
    इस सेक्टर में कोई लिस्टेड साथी नहीं है जो इसी डोमेन में काम करता हो. स्टॉक का P/B 1.9 गुना है.

डिस्क्लेमर: ये निवेश का सुझाव नहीं है. निवेश करने से पहले ज़रूरी जांच-पड़ताल ज़रूर करें.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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