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Tata समूह की हॉस्पिटैलिटी कंपनी Indian Hotels Company Ltd (IHCL) ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया. कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 25% बढ़कर ₹522 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹2,425 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया.
Indian Hotels के Q4 FY25 नतीजों पर एक नजर
| मैट्रिक | Q4 FY25 | Q4 FY24 | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू (₹ करोड़) | 2,425 | 1,905 | 27% |
| नेट प्रॉफिट (₹ करोड़) | 522 | 418 | 25% |
| EBITDA (₹ करोड़) | 918 | 706 | 30% |
| EBITDA मार्जिन | 36.9% | 36.2% | +0.8 ppt |
| डिविडेंड (₹ प्रति शेयर) | 2.25 | 1.75 | 29% |
अच्छे नतीजों के बावजूद, 6 मई 2025 को कंपनी का शेयर BSE पर करीब ₹774 के स्तर पर 3.5% तक गिर गया. असल में, निवेशक पिछली तिमाही की तुलना में मुनाफे में 10% और रेवेन्यू में 4.3% की गिरावट से चिंतित नजर आए.
क्या है नतीजों के पीछे की ताकत
IHCL की तिमाही परफॉर्मेंस को इन फैक्टर्स ने सहारा दिया:
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घरेलू मांग में मजबूती:
एक जैसे होटलों (same-store) में प्रति कमरे उपलब्ध आय (RevPAR) में 12% की वृद्धि.
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नए कारोबार की ग्रोथ:
Ginger, Qmin और amã Stays & Trails जैसे ब्रांड्स वाले New Businesses वर्टिकल का रेवेन्यू 40% बढ़कर ₹601 करोड़ हो गया.
- ऑपरेशनल एफिशिएंसी: EBITDA सालाना आधार पर 30% बढ़ा और मार्जिन्स 80 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 36.9% हो गए.
तो फिर शेयर क्यों टूटा?
मजबूत सालाना नतीजों के बावजूद कुछ वजहों से निवेशकों ने सतर्कता बरती:
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तिमाही गिरावट:
Q3 FY25 की तुलना में प्रॉफिट 10% और रेवेन्यू 4.3% घट गया.
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बढ़ती लागत:
कुल खर्च में सालाना 24% की बढ़ोतरी देखी गई, जिसका मुख्य कारण था कर्मचारियों और वित्त सहित अन्य लागतों में इजाफा.
- वैल्यूएशन को लेकर चिंता: 60 P/E के मौजूदा स्तर पर शेयर महंगा माना जा सकता है, जिससे निवेशक सतर्क हुए हैं.
वैल्यू रिसर्च ऑनलाइन रेटिंग्स
Value Research Stock Rating
के अनुसार Indian Hotels को कुल 5 में से 4 स्टार मिले हैं. रेटिंग्स इस प्रकार हैं:
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क्वालिटी स्कोर: 7/10
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ग्रोथ स्कोर: 7/10
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वैल्यूएशन स्कोर: 3/10
- मोमेंटम स्कोर: 10/10
अंतिम बात
IHCL की बुनियादी ताकत बरकरार है—डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो और स्थिर प्रदर्शन इसकी पहचान हैं. FY26 में कंपनी ₹1,200 करोड़ से अधिक का निवेश करेगी, जिसमें एसेट अपग्रेड्स और 30 नए होटल प्रोजेक्ट्स शामिल हैं.
मुश्किल हालातों में भी Indian Hotels ने लचीलापन और ग्रोथ दिखाई है. भले ही हाल की तिमाही में थोड़ी सुस्ती रही हो, लेकिन कंपनी की रणनीतिक पहलें और मज़बूत ब्रांड पोर्टफोलियो इसे दीर्घकालिक सफलता की दिशा में आगे ले जा रही हैं. निवेशकों को लागत के रुझानों और बाजार की स्थितियों पर नज़र रखनी चाहिए, लेकिन IHCL के भविष्य को लेकर आशावान रहा जा सकता है.
डिस्क्लेमर: यह स्टोरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से तैयार की गई है और केवल सूचना के लिए है. कृपया इस पर पूरी तरह निर्भर न रहें और निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें या किसी वित्तीय सलाहकार से राय लें.
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