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गुरुवार, 15 मई 2025 की गिरावट को जोड़ लें तो पिछले 5 दिन में गोल्ड लगभग ₹6,000 सस्ता हो गया है. असल में, भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड टेंशन में नरमी जैसे फ़ैक्टर्स के चलते पीली धातु में गिरावट देखने को मिल रही है. गुरुवार की बात करें तो MCX शुरुआती कारोबार में (सुबह 9.40 बजे) गोल्ड ₹725 कमज़ोर होकर ₹91,540 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया. वहीं, सिल्वर ₹1034 कमज़ोर होकर ₹94,432 प्रति किग्रा पर आ गई है.
ख़ास बात ये है कि 5 दिन पहले गोल्ड ₹97,200 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था. गुरुवार को गोल्ड ने ₹91,461 का निचला स्तर छुआ है.
गोल्ड की क़ीमतों में गिरावट से जुड़े 4 अहम फ़ैक्टर्स
1. भू-राजनीतिक तनाव में कमी: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने पर घरेलू सोने की कीमतों में नरमी देखी गई. वहीं, अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक तनाव घटने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की मांग कम हुई.
2. अमेरिकी डॉलर की मजबूती: आमतौर पर सोने और अमेरिकी डॉलर के बीच विपरीत संबंध होता है. जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घट सकती है और कीमतें नीचे आ सकती हैं.
3. आर्थिक आंकड़ों में सुधार और इक्विटी बाजारों में तेजी: जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन करती है और शेयर बाजार में तेजी रहती है, तो निवेशक सोने जैसे सुरक्षित निवेशों से हटकर अधिक जोखिम वाले साधनों की ओर बढ़ते हैं ताकि उन्हें बेहतर रिटर्न मिल सके. इससे सोने की मांग घटती है और कीमतें नरम होती हैं. फिलहाल ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है.
4. मुनाफावसूली: सोने की कीमतों में एकतरफा तेजी के बाद अक्सर बाजार विशेषज्ञ करेक्शन की उम्मीद करते हैं. ऐसे में जिन निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की होती है, वे मुनाफावसूली के लिए बिकवाली करते हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बनता है और उनमें गिरावट देखी जा सकती है.
डिस्क्लेमर: यहां केवल सामान्य जानकारी दी गई है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें. यह समाचार विभिन्न वित्तीय स्रोतों और बाज़ार डेटा पर आधारित है.



