एन.एफ़.ओ. रिव्यू

ICICI और SBI के निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 फ़ंड लॉन्च: क्या इनमें निवेश करना चाहिए?

दो निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स फ़ंड्स का NFO रिव्यू

ICICI और SBI ने निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स फंड लॉन्च किए: क्या आपको निवेश करना चाहिए?Anand Kumar

ICICI का फ़ंड 21 मई, 2025 को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और ये 4 जून, 2025 तक खुला रहेगा, जबकि SBI का फ़ंड इससे पहले 16 मई को लॉन्च हुआ और 29 मई, 2025 को बंद होगा.

दिलचस्प बात ये है कि दोनों फ़ंड हाउस पहले से ही इस इंडेक्स पर आधारित ETF (एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड्स) ऑफ़र करते हैं. हालांकि, अब इन इंडेक्स फ़ंड्स के लॉन्च होने से ये ज्यादा निवेशकों के लिए सुलभ हो गए हैं, ख़ासकर उन लोगों के लिए जिनके पास डीमैट खाता नहीं है या जो SIP के ज़रिए निवेश करना चाहते हैं.

NFO पर एक नज़र

NFO पीरियड ICICI प्रूडेंशियल निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स फ़ंड - 21 मई से 4 जून, 2025

SBI निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स फ़ंड - 16 मई से 29 मई, 2025
बेंचमार्क निफ़्टी 200 क्वालिटी 30
फ़ंड मैनेजर ICICI प्रू: निशित पटेल और अश्विनी शिंदे

SBI: विरल छाड़वा
एग्ज़िट लोड ICICI प्रूडेंशियल: ज़ीरो

SBI: 15 दिन से पहले बाहर निकलने पर 0.25 प्रतिशत
टैक्स ट्रीटमेंट अगर यूनिट एक साल के भीतर बेची जाती हैं, तो कैपिटल गेन्स पर 20 प्रतिशत टैक्स लगेगा. अगर यूनिट एक साल के बाद बेची जाती हैं, तो कैपिटल गेन्स पर 12.5 प्रतिशत टैक्स लगेगा. हालांकि, ₹1.25 लाख तक के फ़ायदे पर टैक्स नहीं लगेगा.

चूंकि दोनों फ़ंड निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स को पैसिव तरीक़े से ट्रैक करते हैं, तो आइए अब हमारा ध्यान इस इंडेक्स पर शिफ्ट करते हैं और देखते हैं कि ये क्या है और इसका प्रदर्शन कैसा रहा है.

इंडेक्स के बारे में: स्टॉक्स का चयन कैसे होता है?

निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स, निफ़्टी 200 की टॉप 30 कंपनियों को उनके 'क्वालिटी' स्कोर के आधार पर चुनता है. ये स्कोर तीन प्रमुख फ़ैक्टर्स के आधार पर तय किए जाते हैं:

  • रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE)
  • फ़ाइनेंशियल लीवरेज (डेट-टू-इक्विटी रेशियो)
  • पिछले पांच सालों में EPS ग्रोथ में स्थिरता, जिसे इसकी वैरिएबिलिटी से मापा जाता है.

इन क्वालिटी स्कोर के आधार पर कंपनियों को रैंक करने के बाद, इंडेक्स उन कंपनियों को ज़्यादा वेट देता है जिनका स्कोर बेहतर है और जिनकी मार्केट वैल्यू ज़्यादा है. हालांकि, किसी एक स्टॉक पर ज़्यादा निर्भरता से बचने के लिए, किसी भी कंपनी का वेट इंडेक्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होता.

इस इंडेक्स को हर छह महीने में, जून और दिसंबर में, रिबैलेंस किया जाता है.

इस इंडेक्स को ट्रैक करने वाले दूसरे फ़ंड्स या ETF

वर्तमान में, निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स को ट्रैक करने वाले दो इंडेक्स फ़ंड्स और तीन ETF हैं. नीचे दी गई टेबल में इन फ़ंड्स/ETF का जिक्र है.

Funds/ETFs tracking the Nifty 200 Quality 30 index

फ़ंड/ETF लॉन्च डेट एक्सपेंस रेशियो (%) एक साल की ट्रैकिंग एरर (%) लॉन्च से अब तक रिटर्न (%) फ़ंड/ETF के लॉन्च से अब तक इंडेक्स का रिटर्न (%) AUM (करोड़ ₹ में)
आदित्य बिड़ला सन लाइफ़ निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 ETF 12 अगस्त, 2022 0.29 0.09 13.7 15.6 31
बंधन निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स फ़ंड 4 दिसंबर, 2024 0.32 - -4.4 -1.9 10
ICICI प्रूडेंशियल निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 ETF 7 अगस्त, 2023 0.30 0.05 15.8 17.9 176
SBI निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 ETF 10 दिसंबर, 2018 0.50 0.07 13.8 16.4 125
UTI निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स फ़ंड 20 सितंबर, 2024 0.44 -11.4 -8.3 581
एक्सपेंस रेशियो और AUM का डेटा 30 अप्रैल, 2025 तक का है

ट्रैकिंग एरर यहां चिंता की बात नहीं है, क्योंकि ये इंडेक्स को ट्रैक करने वाले सभी फ़ंड्स और ETF में काफ़ी कम है. हालांकि, जो बात ध्यान खींचती है, वो ये है कि इन सभी फ़ंड्स और ETF ने अपने लॉन्च के बाद से पैरेंट इंडेक्स की तुलना में कम रिटर्न दिए हैं.

सेक्टर और स्टॉक कम्पोजिशन

निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स काफ़ी कॉन्सेंट्रेटेड है.

महज तीन सेक्टर्स FMCG (30.3 प्रतिशत), इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (23.3 प्रतिशत) और कैपिटल गुड्स (12.5 प्रतिशत) की कुल वेट में 66 प्रतिशत (दो-तिहाई) हिस्सेदारी है, जबकि टॉप पांच सेक्टर्स का वेट 83 प्रतिशत है. ये रेगुलर निफ़्टी 200 इंडेक्स के 65 प्रतिशत की तुलना में काफ़ी ज़्यादा है, जो इस इंडेक्स की ज्यादा कॉन्सेंट्रेटेड रणनीति को दर्शाता है.

निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स के टॉप 10 मेंबर

कंपनी वेट (%)
नेस्ले इंडिया 5.9
हिंदुस्तान यूनिलीवर 5.3
कोल इंडिया 5.1
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज़ 5.0
एशियन पेंट्स 4.7
ITC 4.7
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 4.6
कोलगेट पामोलिव (इंडिया) 4.4
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 4.4
HCL टेक्नोलॉजीज़ 4.4
स्रोत: NSE फ़ैक्टशीट्स. 30 अप्रैल, 2025 तक का डेटा.

ये भी पढ़ेंः NFO में निवेश से पहले खुद से पूछें ये 3 सवाल

रिटर्न

भले ही, निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स आधिकारिक तौर पर अप्रैल 2018 में अस्तित्व में आया, लेकिन इसका बैक-टेस्टेड डेटा 2005 तक जाता है. तो, हमने पिछले 10 साल के फ़ाइव-ईयर रोलिंग रिटर्न (हर दिन कैलकुलेट किए गए) का एनालिसिस किया और इसके पैरेंट इंडेक्स, निफ़्टी 200 TRI के साथ इसकी तुलना की.

इसका नतीजा क्या रहा? काफ़ी प्रभावशाली. क्वालिटी इंडेक्स ने अपने पैरेंट को लगभग 79 प्रतिशत बार पीछे छोड़ा, जिसमें औसतन 1.8 प्रतिशत प्वाइंट्स की बेहतर परफॉर्मेंस रही. ये बिल्कुल भी बुरा नहीं है.

लेकिन यहां एक पेंच है: ये बैक-टेस्टेड नंबर हैं, रियल-टाइम रिजल्ट्स नहीं. इससे पता चलता है कि ये स्ट्रैटेजी पहले कैसे काम कर सकती थी, लेकिन इंडेक्स के लॉन्च के बाद के लाइव रिटर्न ज़्यादा भरोसेमंद तस्वीर पेश करते हैं.

और वो तस्वीर काफ़ी अलग है. 2018 के बाद से, क्वालिटी इंडेक्स ने फ़ाइव-ईयर रोलिंग रिटर्न में निफ़्टी 200 TRI को सिर्फ 30 प्रतिशत बार ही मात दी है. और गहराई में जाने के लिए, हमने इस अवधि को बुलिश और बेयरिश फेज में बांटा ताकि देख सकें कि अलग-अलग मार्केट मूड में ये इंडेक्स अपने पैरेंट के मुकाबले कैसा रहा.

बेयरिश फेज को उन अवधियों के रूप में परिभाषित किया गया है जब ब्रॉडर मार्केट, यानी निफ़्टी 50 TRI, 15 प्रतिशत या उससे ज़्यादा गिरा. बुल फेज का मतलब है मार्केट के निचले स्तर से अगले पीक तक की अवधि.

निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 TRI: बुलिश फेज में रिटर्न

अवधि निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 TRI (%) निफ़्टी 200 TRI (%)
अप्रैल 2018 से जनवरी 2020 6.4 7.3
मार्च 2020 से अक्तूबर 2021 63.2 78.4
जून 2022 से सितंबर 2024 33.1 32.0

निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स ने कोविड के बाद मार्च 2020 से अक्टूबर 2021 तक की रैली में अपने पैरेंट इंडेक्स से काफ़ी कम परफॉर्म किया. बाकी दो अवधियों में, इसका प्रदर्शन ज़्यादातर पैरेंट इंडेक्स के बराबर रहा.

दूसरे शब्दों में, ये इंडेक्स या तो अपने पैरेंट से पीछे रहा या फिर उसके बराबर रिटर्न दे पाया. लेकिन क्या इसने मार्केट की गिरावट के दौरान कम से कम कुछ राहत दी? आइए देखते हैं.

निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 TRI: बेयरिश फेज में रिटर्न

अवधि निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 TRI (%) निफ़्टी 200 TRI (%)
जनवरी 2020 से मार्च 2020 -28.1 -37.9
अक्तूबर 2021 से जून 2022 -17.7 -17.3
सितंबर 2024 से मार्च 2025* -22.0 -17.7
*बॉटम का मतलब अब तक का सबसे निचला प्वाइंट है, क्योंकि बाज़ार अभी भी उबर नहीं पाया है

निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 इंडेक्स ने कोविड-19 क्रैश के दौरान काफ़ी बेहतर प्रदर्शन किया और अपने पैरेंट इंडेक्स से लगभग 10 प्रतिशत कम गिरा. हालांकि, बाद की गिरावटों में इसका प्रदर्शन उतना भरोसेमंद नहीं रहा.

तो, भले ही इसने एक बार कुछ मज़बूती दिखाई, लेकिन कुल मिलाकर तस्वीर मिली-जुली है, जिससे ये कहना मुश्किल है कि ये लगातार गिरावट से बेहतर सुरक्षा देता है.

समग्र प्रदर्शन

अब, एक कदम पीछे हटकर देखते हैं कि 2018 के बाद से निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 ने अपने पैरेंट इंडेक्स (निफ़्टी 200) के मुकाबले कैसा प्रदर्शन किया.

भले ही, निफ़्टी 200 क्वालिटी 30 TRI ने लॉन्च के बाद से 13.7 प्रतिशत का सालाना रिटर्न दिया है, लेकिन ये इसके पैरेंट इंडेक्स, निफ़्टी 200 TRI के 14.3 प्रतिशत से थोड़ा कम है.

क्या आपको निवेश करना चाहिए?

जैसा कि हमने देखा, ये इंडेक्स कुछ सेक्टर्स, ख़ासकर अकेले 30 प्रतिशत वेट रखने वाले FMCG की ओर काफ़ी हद तक झुका हुआ है. इस कॉन्सेंट्रेशन का मतलब है कि इसका प्रदर्शन इस सेक्टर के प्रदर्शन पर काफ़ी हद तक निर्भर करता है.

'क्वालिटी' के आइडिया को ध्यान में रखकर बनाए जाने के बावजूद, इस इंडेक्स ने अपने पैरेंट (निफ़्टी 200) की तुलना में कम या बराबर रिटर्न दिए हैं. यहां तक कि मार्केट की गिरावट में भी, डाउनसाइड प्रोटेक्शन इतना आकर्षक नहीं रहा कि इसकी ज्यादा कॉन्सेंट्रेटेड रणनीति के जोखिम को जायज ठहराया जा सके.

हालांकि, जो लोग इस फ़ैक्टर-बेस्ड अप्रोच को आजमाना चाहते हैं, वे अपने पोर्टफ़ोलियो का 5 प्रतिशत से ज़्यादा इसमें निवेश नहीं कर सकते हैं.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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