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ETF के जाल से आपको बचना चाहिए: एक निवेश गाइड

ETF में एक्सपेंस रेशियो और प्रदर्शन से भी ज़्यादा अहम मीट्रिक लिक्विडिटी हो सकती है

ETF आकर्षक लगते है पर इस छिपे हुए जाल से सावधान रहें!AI-generated image

ज़्यादातर निवेशक ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड) का चुनाव इंडेक्स, एक्सपेंस रेशियो या पिछले रिटर्न के आधार पर करते हैं. लेकिन एक और फ़ैक्टर है जो आपके ETF निवेश के अनुभव को बेहतर कर सकता है या बिगाड़ सकता है, वो है लिक्विडिटी. असल में, सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला ETF भी ख़राब निवेश में तब्दील हो सकता है, अगर आप उसे आसानी से बेच नहीं पाते हैं.

ये आपके लिए ख़ासतौर पर ध्यान देने वाली बात है!

लिक्विडिटी क्या है?

नए निवेशकों के लिए बता दें, लिक्विडिटी ये बताती है कि आप स्टॉक एक्सचेंज पर किसी ETF को कितनी आसानी से और जल्दी से ख़रीद या बेच सकते हैं. अगर ट्रेडिंग वॉल्यूम कम है, तो आपको बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. इससे भी बदतर स्थिति तब हो, अगर बाज़ार में ख़रीदार कम हैं. ऐसे में आपको कम क़ीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.

ETF और म्यूचुअल फ़ंड में अंतर

म्यूचुअल फ़ंड में आप सीधे फ़ंड हाउस के साथ संबंधित दिन के NAV (नेट एसेट वैल्यू) पर लेन-देन करते हैं. लेकिन ETF में, आप स्टॉक एक्सचेंज पर यूनिट्स ख़रीदते या बेचते हैं. इसीलिए ETF में लिक्विडिटी आपके निवेश अनुभव का एक ख़ास हिस्सा है.

तो, ETF असल में कितने लिक्विड हैं? आइए इसे कैटेगरी के आधार पर समझते हैं और देखते हैं कि कौन से ETF आसानी से ट्रेड किए जा सकते हैं और कौन से आपके पैसे को फंसा सकते हैं.

लार्ज-कैप ETF

लार्ज-कैप ETF देश की सबसे बड़ी कंपनियों को ट्रैक करते हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ़ कुछ ही ETF ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में बड़े हैं. 62 लार्ज-कैप ETF में से, टॉप 10 ETF पिछले एक साल के एवरेज डेली टर्नओवर का 90% से ज़्यादा हिस्सा रखते हैं. इससे भी ज़्यादा चौंकाने वाली बात? सिर्फ़ तीन ETF ही इस कैटेगरी के रोज़ाना ट्रेडिंग वॉल्यूम का लगभग 70% हिस्सा बनाते हैं.

इसका मतलब है कि लार्ज-कैप ETF की दुनिया में लिक्विडिटी सिर्फ़ कुछ चुनिंदा नामों तक सीमित है. अगर आप इन टॉप ETF से बाहर जाते हैं, तो आपको ऐसे ETF मिल सकते हैं जिन्हें ख़रीदना तो आसान हो, लेकिन बेचना बेहद मुश्किल.

टॉप 3 लार्ज-कैप ETF

ये तीन ETF एक साल में डेली एवरेज टर्नओवर का 70% हिस्सा रखते हैं:

स्कीम डेली एवरेज टर्नओवर (₹ करोड़ में)
Nippon India ETF Nifty 50 BeES 167
Nippon India ETF Nifty Next 50 Junior BeES 28
SBI Nifty 50 ETF 27
17 जून 2025 तक का डेटा है. BSE और NSE के ETF टर्नओवर सहित.

मिड-कैप ETF

मिड-कैप ETF भारत की ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनने का शानदार तरीक़ा लगता है, लेकिन अगर आप समझदारी से चुनाव नहीं करते हैं तो निवेश करने या उनसे बाहर निकलने में आपको परेशानी हो सकती है. क्यों? इस कैटेगरी में मौजूद 13 मिड-कैप ETF में से, टॉप 3 ETF डेली एवरेज टर्नओवर का 75% से ज़्यादा हिस्सा रखते हैं. साथ ही, मिड-कैप ETF का कुल डेली एवरेज टर्नओवर लार्ज-कैप ETF के मुक़ाबले काफ़ी कम है, जो केवल उनके 10% के बराबर है.

टॉप 3 मिड-कैप ETF

ये तीन ETF बाज़ार की लिक्विडिटी का 75% हिस्सा रखते हैं:

स्कीम डेली एवरेज टर्नओवर (₹ करोड़ में)
Nippon India ETF Nifty Midcap 150 14
Mirae Asset Nifty Midcap 150 ETF 5
Motilal Oswal Nifty Midcap 100 ETF 3
17 जून 2025 तक का डेटा है. BSE और NSE के ETF टर्नओवर सहित.

स्मॉल-कैप ETF

स्मॉल-कैप ETF की संख्या सिर्फ़ तीन है, यही वजह है कि इनका डेली एवेरेज टर्नओवर मात्र ₹23 करोड़ है, जो लार्ज-कैप (₹320 करोड़) और मिड-कैप (₹30 करोड़) की तुलना में बहुत कम है. इनमें से एक ETF अकेले 60% से ज़्यादा टर्नओवर पर कब्ज़ा जमाए हुए है.

अगर आप स्मॉल-कैप ETF में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो याद रखें: आपका पैसा आसानी से निवेश हो सकता है, लेकिन इसे तेज़ी और आसानी से निकालना मुश्किल हो सकता है. ऐसा ख़ासकर बाज़ार में गिरावट के समय होता है, जब लिक्विडिटी सबसे ज़्यादा मायने रखती है.

स्मॉल-कैप में सीमित विकल्प

यहां सिर्फ़ तीन ETF हैं, जिनमें सबसे बड़ा ETF डेली एवरेज टर्नओवर का 60% हिस्सा रखता है:

स्कीम डेली एवरेज टर्नओवर (₹ करोड़ में)
HDFC Nifty Smallcap 250 ETF 14
Mirae Asset Nifty Smallcap 250 Momentum Quality 100 ETF 7
Motilal Oswal Nifty Smallcap 250 ETF 2
17 जून 2025 तक का डेटा है. BSE और NSE के ETF टर्नओवर के साथ.

गोल्ड ETF

गोल्ड ETF लंबे समय से डिजिटल गोल्ड में निवेश का पसंदीदा विकल्प रहे हैं, लेकिन हर चमकने वाली चीज़ लिक्विड नहीं होती. दुनिया के 20 गोल्ड ETF में से, टॉप 3 ETF इस कैटेगरी के कुल ट्रेडिंग टर्नओवर का 70% से ज़्यादा हिस्सा रखते हैं.

कम वॉल्यूम वाला गोल्ड ETF अपने NAV से काफ़ी हद तक अलग हो सकता है, जब आपको इसकी असल क़ीमत को दर्शाने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है.

टॉप 3 गोल्ड ETF

ये तीन ETF कैटेगरी के ट्रेडिंग टर्नओवर का 70% हिस्सा रखते हैं:

स्कीम एवरेज डेली टर्नओवर (₹ करोड़ में)
Nippon India ETF Gold BeES 105
ICICI Prudential Gold Exchange Traded Fund 20
HDFC Gold ETF 20
17 जून 2025 तक का डेटा है, BSE और NSE के ETF टर्नओवर के साथ.

लिक्विडिटी कैसे चेक करें?

ETF की लिक्विडिटी चेक करने का सबसे आसान तरीक़ा है कि आप संबंधित ETF का नाम BSE (आर्काइव्स सेक्शन) या NSE (हिस्टोरिकल डेटा सेक्शन) की वेबसाइट पर सर्च करें. ये साइट्स आपको बताएंगी कि किसी ETF में एक दिन में कितनी ट्रेडिंग हुई. कुछ तारीख़ों का डेटा देखकर आप आसानी से समझ सकते हैं कि ETF कितना एक्टिवली ट्रेड होता है.

आख़िरी बात

कड़वा सच ये है: सिर्फ़ कुछ ETF ही लिक्विड हैं, बाक़ी लगभग निष्क्रिय हैं. असल में, प्रति कैटेगरी सिर्फ़ तीन से पांच ETF ही लिक्विड और निवेश लायक़ हैं.

संक्षेप में, ETF के मामले में लिक्विडिटी सिर्फ़ एक ख़ूबी नहीं, बल्कि आपका एग्ज़िट प्लान है. ग़लत ETF चुनने पर, सबसे सही इंडेक्स भी आपको निवेश के ख़राब अनुभव से नहीं बचा सकता.

निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फ़ंड की इनवेस्टर एजुकेशन और जागरूकता की पहल

म्यूचुअल फ़ंड निवेशकों के लिए ज़रूरी जानकारी: सभी म्यूचुअल फ़ंड निवेशकों को एक बार KYC (नो योर कस्टमर) प्रोसेस पूरा करना होता है. निवेशकों को सिर्फ़ SEBI की वेबसाइट पर 'इंटरमीडियरीज़/मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन' के तहत रजिस्टर्ड म्यूचुअल फ़ंड्स के साथ डील करना चाहिए. अपनी शिकायतों के निवारण के लिए, कृपया www.scores.gov.in पर जाएं. KYC, डिटेल में बदलाव और शिकायतों के निवारण के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, mf.nipponindiaim.com/InvestorEducation/what-to-know-when-investing पर विज़िट करें.

म्यूचुअल फ़ंड निवेश मार्केट से जुड़े जोख़िमों के अधीन हैं. कृपया सभी स्कीम से जुड़े दस्तावेज़ों को ध्यान से पढ़ें.

ये भी पढ़ें: ETF चुनने की ज़रूरी गाइड

ये लेख पहली बार जून 20, 2025 को पब्लिश हुआ.

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