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इस स्मॉल-कैप फ़ंड ने दिया अपने बेंचमार्क से 10% ज़्यादा रिटर्न

ये फ़ंड 2023 के आखिर में लॉन्च हुआ था

इस स्मॉल-कैप फ़ंड पर नज़र डालिए जिसने अपने बेंचमार्क को 10% से पछाड़ाAnand Kumar/AI-Generated Image

सारांशः बाज़ार के जोखिम भरे दौर में एक नए फ़ंड ने अपने एसेट्स में तेज़ ग्रोथ और परफ़ॉर्मेंस में भारी उतार-चढ़ाव देखा है. ये स्टोरी इसके पोर्टफ़ोलियो, शुरुआती ट्रैक रिकॉर्ड पर ग़ौर करती है और बताती है कि निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए.

स्मॉल-कैप तब सुर्ख़ियों में आते हैं जब मार्केट में ज़बरदस्त तेज़ी होती है, मल्टीबैगर्स और रातों-रात वेल्थ बनने की कहानियों के साथ. लेकिन जैसे ही माहौल पलटता है, ये आपकी चिंता भी बढ़ा सकते हैं. मोतिलाल ओसवाल स्मॉल-कैप फ़ंड निवेशकों से यही वो कठिन रास्ता अपनाने को कहता है.

बमुश्किल दो साल पहले - दिसंबर 2023 में लॉन्च हुए - ये फ़ंड अगस्त 2025 तक ₹5,200 करोड़ से ज़्यादा की एसेट जुटा चुका है. ये कोई मामूली शुरुआत नहीं है. लेकिन अब तक ये फ़ंड कैसा रहा है? चलिए देखते हैं.

मोतिलाल ओसवाल स्मॉल-कैप फ़ंड क्या करने की कोशिश कर रहा है

मैंडेट के मुताबिक़, मोतिलाल ओसवाल स्मॉल-कैप फ़ंड को अपने निवेश का कम से कम 65% पैसा स्मॉल-कैप स्टॉक्स में लगाना होगा. यानी, ये तालाब के उसी कोने में मछली पकड़ रहा है जहां कंपनियां नई हैं, रिसर्च कम होती है और ग्रोथ स्टोरी बस शुरू ही होती है.

आकर्षण साफ़ है: स्मॉल-कैप लार्ज और स्थापित कंपनियों की तुलना में तेज़ी से बढ़ सकती हैं. लेकिन इसका नुक़सान भारी उतार-चढ़ाव है. ऐसे फ़ंड “कोर” होल्डिंग्स नहीं होते. इन्हें प्लेट पर रखी तीखी चटनी की तरह समझें. स्वाद के लिए थोड़ी चटनी डालें, लेकिन इसे पूरा खाने की कोशिश न करें. ज़्यादातर निवेशकों के लिए अपने इक्विटी एलोकेशन का 15–20% यहां रखना काफ़ी है.

परफ़ॉर्मेंस पर एक नज़र

एक ऐसे फ़ंड के लिए जिसने अभी-अभी अपनी शुरुआत की है, अब तक के आंकड़े काफ़ी शानदार हैं.

दिसंबर 2023 में अपनी शुरुआत के बाद से, मोतीलाल ओसवाल स्मॉल-कैप फ़ंड ने अपने बेंचमार्क से 10 प्रतिशत अंक बेहतर प्रदर्शन किया है और BSE 250 SmallCap TRI (अगस्त 2025 तक) के 11.1% की तुलना में 21.4% का रिटर्न दिया है.

2024 में, इस फ़ंड ने 47.7% रिटर्न दिया, जो बेंचमार्क (24.9%) से लगभग दोगुना था. लेकिन 2025 में ये उतना अच्छा नहीं रहा और अब तक फ़ंड में क़रीब 7% की गिरावट आई है.

इसके बावजूद, 25 अगस्त 2025 तक फ़ंड का NAV ₹14.19 रहा, जो लॉन्च (दिसंबर 2023) में ₹10 था. यानी ₹10,000 का निवेश पहले ही लगभग क़रीब ₹14,200 का हो चुका होता.

निष्कर्ष? इस फ़ंड ने दिखाया कि है कि ये अच्छे समय में बढ़त हासिल कर सकता है, लेकिन इसने निवेशकों को इस सेक्टर में आने वाले झटके की भी याद दिला दी है. हालांकि, सिर्फ़ 20 महीने के इतिहास के साथ, हम अभी तक ये पता नहीं कि अलग-अलग मार्केट साइकिल में ये कैसा व्यवहार करेगा.

पोर्टफ़ोलियो के अंदर क्या है

एवरेज मार्केट कैप ₹16,600 करोड़ के साथ, इस स्कीम में अभी 50 स्टॉक्स हैं, जो निश्चित रूप से स्मॉल-कैप कैटेगरी में आता है. इसके टॉप 10 होल्डिंग्स (अगस्त 2025 तक) कुछ इस तरह हैं:

कुल मिलाकर, ये सभी पोर्टफ़ोलियो का सिर्फ़ 16.8% हिस्सा बनाते हैं, जो बताता है कि नज़रिया काफ़ी डाइवर्सिफ़ाइड है. कोई भी एक स्टॉक हावी नहीं है.

सेक्टर एलोकेशन

  • कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी: 18%
  • इंडस्ट्रियल: 17%
  • फ़ाइनेंशियल्स: 13%
  • हेल्थकेयर: 12%
  • मैटेरियल्स: 9%

कंज़म्प्शन और इंडस्ट्रियल्स की ओर ये झुकाव पारंपरिक रूप से स्मॉल-कैप में है. ये वही बिज़नस हैं जिनसे उम्मीद है कि भारत की मैन्युफ़ैक्चरिंग, ख़र्च करने की चाह और हेल्थकेयर डिमांड को आगे बढ़ा सकते हैं.

तो सब मिलाकर नतीजा क्या है?

 क्या निवेश करना चाहिए?

मोतिलाल ओसवाल स्मॉल-कैप फ़ंड ने तेज़ बढ़त हासिल कर ली है. अपने पहले ही साल में इसने शानदार मुनाफ़ा देने की क्षमता दिखाई. दूसरा साल हकीक़त का आइना रहा है. यही असल में स्मॉल-कैप निवेश का सटीक वर्णन है.

इसका पोर्टफ़ोलियो कंज़म्प्शन, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल्स जैसे ग्रोथ-हेवी सेक्टर्स की ओर झुका हुआ है, जो भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ से फ़ायदा उठाने की अच्छी स्थिति में हैं. मैनेजर ओवर-कॉन्संट्रेशन से बचा है, जो रिस्क मैनेजमेंट का अच्छा संकेत है.

हालांकि, ये फ़ंड हर किसी के लिए नहीं है. स्मॉल-कैप फ़ंड्स के लिए धैर्य, मज़बूत दिल और कम से कम 7 साल का लॉन्ग-टर्म नज़रिया चाहिए. अगर 20-30% की तेज़ गिरावट देखकर आप घबरा जाते हैं, तो ये आपके लिए नहीं है.

सबसे बड़ा बाधा है, इसका कम इतिहास है. अभी दो साल भी पूरे नहीं हुए, इसलिए अलग-अलग मार्केट साइकिल में इसके परफ़ॉर्मेंस का भरोसेमंद अंदाज़ा लगाना मुश्किल है.

अगला क़दम

क्या आप जानना चाहते हैं कि मोतिलाल ओसवाल स्मॉल-कैप फ़ंड, दूसरे स्मॉल-कैप स्कीम के मुक़ाबले कैसा है? हमारे म्यूचुअल फ़ंड स्क्रीनर का इस्तेमाल करें और परफ़ॉर्मेंस, पोर्टफ़ोलियो स्ट्रैटेजी और लागत की तुलना करें.

और अगर आप पर्सनलाइज़्ड रिकमेंडेशन के साथ पोर्टफ़ोलियो बनाना चाहते हैं, तो वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपकी मदद कर सकता है. ये बताएगा कि ऐसे फ़ंड्स को आपके लॉन्ग-टर्म प्लान में जगह मिलनी चाहिए या नहीं और आपका पोर्टफ़ोलियो कितना मसालेदार होना चाहिए.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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