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सारांशः भारत में बहुत कम निवेशक रामदेव अग्रवाल जैसी स्टॉक चुनने की कला जानते हैं. इसलिए हमने उनके सदाबहार इन्वेस्टिंग फ़्रेमवर्क 25 प्रतिशत से ऊपर ROCE, 25 प्रतिशत से ऊपर प्रॉफ़िट ग्रोथ और 25x से नीचे वैल्यूएशन से ऐसे मिड-कैप ढूंढे जो तीनों को साथ लाते हों. सिर्फ़ चार नाम चुने गए. नीचे देखिए.
वेल्थ क्रिएटर्स को जल्दी पहचानने की बात हो तो बहुत कम निवेशक हैं जिनकी साख रामदेव अग्रवाल जैसी है. मोतीलाल ओसवाल फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ के को-फ़ाउंडर और चेयरमैन के तौर पर अग्रवाल ने गहरे रिसर्च, अनुशासित फ़्रेमवर्क और लॉन्ग-टर्म यक़ीन पर अपना इन्वेस्टिंग सफ़र बनाया है.
उनके कई इन्वेस्टिंग मंत्रों में एक अपनी सादगी के लिए अलग दिखता है. “जादुई नियम 25-25-25”.
इसका जादू क्या है. ये उन कंपनियों तक जल्दी पहुंचने का तरीका है जिनमें तीन दुर्लभ गुण साथ हों. एफ़िशिएंसी, ग्रोथ और वैल्यू. अग्रवाल ऐसी कंपनियां देखते हैं जो ये दें.
- रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 25 प्रतिशत से ऊपर. मज़बूत कैपिटल एफ़िशिएंसी और एलोकेशन का संकेत
- प्रॉफ़िट ग्रोथ 25 प्रतिशत से ऊपर. दमदार बिज़नेस मोमेंटम का सबूत
- P/E रेशियो 25 से नीचे. ताकि स्टॉक ओवरप्राइस न हो
हमने कैसे ढूंढे जो कसौटी पर खरे उतरे
ये ऊंचा पैमाना है. ज़्यादातर कंपनियां इनमें से एक दो मीट्रिक में अच्छी दिख सकती हैं, लेकिन तीनों बॉक्स टिक करना दुर्लभ है. इसलिए हमने वही कम कंपनियां खोजीं जो ऐसा कर पाईं.
वैल्यू रिसर्च के स्टॉक स्क्रीनर से हमने मिड-कैप यूनिवर्स को इन फ़िल्टर्स पर परखा.
- पांच साल का औसत ROCE: 25 प्रतिशत से ज़्यादा
- पांच साल का सालाना EPS ग्रोथ: 25 प्रतिशत से ज़्यादा
- P/E रेशियो: ट्रेलिंग अर्निंग्स पर 25x से कम
नतीजे में कुछ ही नाम आए. ऊपर के फ़िल्टर्स को सिर्फ़ चार मिड-कैप कंपनियों ने पार किया.
यानी इनमें वही दुर्लभ मेल है जिसे अग्रवाल सही मानते हैं. ऐसे बिज़नेस जिनमें कैपिटल एफ़िशिएंसी और अर्निंग्स कंपाउंडिंग साथ हों, और वैल्यूएशन भी ज़्यादा न हो. संभावित कंपाउंडिंग कहानी ढूंढने के लिए बेहतर. नीचे उन चार का संक्षिप्त परिचय है.
1) BLS International
BLS International दुनिया भर की सरकारों के लिए वीज़ा, पासपोर्ट और कॉन्सुलर एप्लिकेशन प्रोसेस करती है, डॉक्युमेंट वेरिफ़िकेशन से लेकर बायोमेट्रिक कलेक्शन तक. 60 से ज़्यादा देशों में मौजूदगी के साथ ये वीज़ा आउटसोर्सिंग में दुनिया की दूसरे नंबर की प्लेयर है. इसका टेक-ड्रिवन, एसेट-लाइट मॉडल तेज़ ग्लोबल एक्सपैंशन देता है, हालांकि सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर ऊंची निर्भरता बड़ा रिस्क है.
2) Jindal Stainless
Jindal Stainless भारत की सबसे बड़ी स्टेनलेस-स्टील फ़्लैट प्रोडक्ट निर्माता है, 200, 300, 400 और डुप्लेक्स ग्रेड्स में जो ऑटोमोबाइल, रेलवे, कंस्ट्रक्शन और कंज़्यूमर गुड्स में लगते हैं. ओडिशा और हरियाणा के इंटीग्रेटेड प्लांट मिलकर हर साल 2.9 मिलियन टन बनाते हैं. IIT ख़ड़गपुर और JBM Auto के साथ R&D पार्टनरशिप, स्पेन और भारत में ग्लोबल एक्विज़िशन और नियोजित ₹3,600 करोड़ कैपेक्स से कंपनी क्षमता और प्रोडक्ट मिक्स मज़बूत कर रही है.
3) National Aluminium Company (NALCO)
एशिया की सबसे बड़ी फ़ुली इंटीग्रेटेड एल्युमिनियम प्रोड्यूसर्स में से एक, NALCO बॉक्साइट माइनिंग, एल्युमिना रिफ़ाइनिंग, स्मेल्टिंग और पावर जनरेशन में सक्रिय है. एल्युमिनियम से लगभग तीन चौथाई रेवेन्यू आता है, जिसे फ़ुल स्मेल्टर यूटिलाइज़ेशन और कैप्टिव कोल और पावर एसेट्स सपोर्ट करते हैं.
कंपनी लगभग ₹30,000 करोड़ निवेश कर रही है ताकि एल्युमिना रिफ़ाइनरी विस्तार हो, अंगुल में पांच लाख टन का नया स्मेल्टर बने और अतिरिक्त बॉक्साइट माइंस विकसित हों. ये कदम कच्चे माल की सुरक्षा बढ़ाते हैं और अगले ग्रोथ फ़ेज़ की नींव रखते हैं.
4) Redington India
Redington India देश की सबसे बड़ी IT प्रोडक्ट और मोबिलिटी सॉल्यूशंस डिस्ट्रीब्यूटर्स में शुमार है. सरल शब्दों में, ये PCs, स्मार्टफ़ोन, सर्वर्स, क्लाउड लाइसेंस जैसे IT हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर 450 से ज़्यादा ग्लोबल ब्रांड्स के लिए मूव करती है, जिनमें Apple सबसे बड़ा वेंडर है और क़रीब 30 प्रतिशत रेवेन्यू देता है.
कंपनी 40 से ज़्यादा देशों में काम करती है, अफ़्रीका और वेस्ट एशिया जैसे फ़्रंटियर मार्केट्स सहित, जहां कम ग्लोबल प्रतिस्पर्धी जाते हैं. Q1 FY26 में इसकी 50 प्रतिशत रेवेन्यू और 76 प्रतिशत प्रॉफ़िट SISA रीजन Singapore, India and South Asia से आया.
| स्टॉक्स | 5 साल का रिटर्न (सलाना %) | P/E | ROCE 5 साल का औसत (%) | 5 साल की EPS ग्रोथ (सलाना %) | स्टॉक रेटिंग (5 में से) |
|---|---|---|---|---|---|
| BLS International Services | 72.41 | 23.03 | 28.68 | 79.84 | 5 |
| Jindal Stainless | 64.48 | 24.28 | 25 | 77.59 | 5 |
| National Aluminium Company | 50.47 | 7.53 | 25.06 | 153.99 | 5 |
| Redington | 31.4 | 12.21 | 26.32 | 26.92 | 4 |
रामदेव अग्रवाल का जादुई नियम 25-25-25 जादू की छड़ी नहीं बल्कि एक मज़बूत कंपास है. ऐसे फ़िल्टर्स निवेशकों को उन बिज़नेस की तरफ़ संकेत देते हैं जिनमें आने वाले समय के वेल्थ क्रिएटर्स की खूबियां हों, जैसा कि ये चार कंपनियां दिखाती हैं.
फिर भी, स्क्रीनिंग सिर्फ़ पहला क़दम है. सच्चे, टिकाऊ कंपाउंडर्स को अलग करने के लिए गहरा एनालेसिस और यक़ीन चाहिए.
यहीं वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र मदद करता है. हमारे एनालिस्ट्स नंबरों से आगे जाकर उन कंपनियों की पहचान करते हैं जिनमें टिकाऊ प्रतिस्पर्धी बढ़त और लॉन्ग-टर्म वेल्थ बनाने की क्षमता हो. देखिए किन स्टॉक्स को हम भारत के अगले बड़े कंपाउंडर्स मानते हैं.
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