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मिड-कैप और स्मॉल-कैप फ़ंड्स में SIP ने 10 साल में तिगुनी की वेल्थ

2025 में अब तक के सुस्त प्रदर्शन के बावजूद दिया शानदार रिटर्न

मिड और स्मॉल-कैप फ़ंड्स में SIP ने 10 साल तिगुनी की वेल्थAditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः जानिए मिड-कैप और स्मॉल-कैप फ़ंड्स के औसत 10-साल के SIP रिटर्न्स. इन फ़ंड्स में निवेश करने वालों के लिए ये समझना ज़रूरी है कि पिछले 10 वर्षों में पैसा कितनी तेज़ी से बढ़ा है.

अभी स्मॉल और मिड-कैप फ़ंड्स में भरोसा बनाए रखना आसान नहीं है. आखिरकार, स्मॉल-कैप स्कीम्स इस साल औसतन 2.25 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ काफ़ी गिर चुकी हैं. मिड-कैप फ़ंड्स भी बहुत बेहतर प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं और अब तक केवल 2.3 प्रतिशत ही बढ़े हैं.

लेकिन अनुभवी निवेशक जानते हैं कि एक बुरा साल पूरी कहानी नहीं बताता. ख़ासकर इन हाई-वोलैटिलिटी सेगमेंट्स में. आम धारणा के उलट, मिड-कैप और स्मॉल-कैप फ़ंड्स मैराथन धावकों जैसे होते हैं. वे कभी-कभी लड़खड़ाते हैं, लेकिन लंबी दौड़ में असली ताकत दिखाते हैं.

इन फ़ंड्स में एक साल या तीन साल के रिटर्न देखकर फ़ैसला करना वैसा ही है जैसे क्रिकेट मैच का नतीजा पहले कुछ ओवर देखकर तय करना. उतार-चढ़ाव इस खेल का हिस्सा है. असली तस्वीर तब साफ़ होती है जब आप समय को बढ़ाते हैं. वास्तव में, सात साल या उससे ज़्यादा की अवधि में ये फ़ंड अपनी असली क्षमता दिखाते हैं.

इसलिए, अगर आप मिड-कैप या स्मॉल-कैप फ़ंड में निवेश करने की सोच रहे हैं - या पहले से निवेश कर रहे हैं - तो इसे लंबी अवधि की प्रतिबद्धता की तरह लें. जितना लंबा आप निवेश में बने रहते हैं, उतने बेहतर मौक़े आपको कंपाउंडिंग के ज़रिए वेल्थ बढ़ाने के मिलते हैं. और आंकड़े इसकी गवाही देते हैं.

सब्र की ताक़त

  • मिड-कैप फ़ंड्स: अगर आपने नवंबर 2015 में किसी मिड-कैप फ़ंड में ₹10,000 की मासिक SIP शुरू की होती, तो आज आपका निवेश ₹37.4 लाख हो गया होता. यानी 10 साल में 19.7% का वार्षिक रिटर्न के साथ आपकी वेल्थ तीन गुनी से भी ज़्यादा हो जाती.
  • स्मॉल-कैप फ़ंड्स: स्मॉल-कैप्स ने तो और भी बेहतर प्रदर्शन किया. 20.1% का सालाना रिटर्न के साथ, ₹10,000 की मासिक SIP अब ₹38.4 लाख में बदल जाती.

ये आंकड़े किसी संयोग का नतीजा नहीं हैं. ये साबित करते हैं कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के पीछे लंबे समय की कंपाउंडिंग की ताकत छिपी होती है.

हमारी राय

अगर आप पहले से इन कैटेगरीज़ में निवेश कर रहे हैं, तो इस साल के कमज़ोर प्रदर्शन से परेशान न हों.

सबक़ साफ़ है - जब बाज़ार आपके धैर्य की परीक्षा ले, तो निवेश बंद न करें. इतिहास बताता है कि असल फ़ायदा उन्हें होता है जो टिके रहते हैं. यही नियम मिड-कैप और स्मॉल-कैप फ़ंड्स पर भी लागू होता है. वे लंबी अवधि में वेल्थ बनाने के लिए बने हैं - बशर्ते आप समय को अपना काम करने दें.

इसलिए, मार्केट को टाइम करने के बजाय “टाइम इन द मार्केट” यानि समय बिताने पर ध्यान दें. पिछले एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि इसी तरह निवेशक सब्र को समृद्धि में बदलते हैं.

क्या आप जानना चाहते हैं कि आपके मिड-कैप और स्मॉल-कैप फ़ंड्स अपने जैसे दूसरे फ़ंड्स की तुलना में कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं? वैल्यू रिसर्च के म्यूचुअल फ़ंड मॉनिटर पेज पर जाकर पता करें.

ये भी पढ़ेंः सबसे बड़े फ़ंड्स ने पिछले 5 और 10 साल में कितना SIP रिटर्न दिया?

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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