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6 शेयर जिनमें म्यूचुअल फ़ंड्स ने एक साल में किया सबसे ज़्यादा निवेश

ये नए और पुराने दिग्गजों का मिक्स है

पिछले एक साल में म्यूचुअल फ़ंड्स द्वारा सबसे ज़्यादा ख़रीदे गए 6 स्टॉक्सNitin Yadav/AI-Generated Image

सारांशः म्यूचुअल फ़ंड अपनी सोच नहीं बताते, लेकिन पोर्टफ़ोलियो बहुत कुछ कह देता है. पिछले एक साल (सितंबर 2024–25) में इन छह कंपनियों में म्यूचुअल फ़ंड की हिस्सेदारी सबसे ज़्यादा और लगातार बढ़ी है. स्मार्ट मनी किन कंपनियों पर दांव बढ़ा रही है, नीचे देखिए.

जब म्यूचुअल फ़ंड किसी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो ये आम तौर पर ध्यान देने लायक संकेत होता है. फ़ंड मैनेजर बिना सोचे बड़ी पोज़िशन नहीं बनाते. वो ऐसा तब करते हैं, जब फ़ंडामेंटल्स बेहतर दिखने लगते हैं या ग्रोथ की साफ़ झलक मिलती है. इसलिए बढ़ती संस्थागत हिस्सेदारी इस बात का शुरुआती और भरोसेमंद संकेत हो सकती है कि लंबे समय का भरोसा कहां बन रहा है.

ये समझने के लिए कि ये भरोसा सबसे ज़्यादा कहां मज़बूत हुआ है, हमने पिछली चार तिमाही में म्यूचुअल फ़ंड शेयरहोल्डिंग का एनालिसिस किया. नीचे छह कंपनियों के बारे में बताया गया है, जहां सितंबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच म्यूचुअल फ़ंड ओनरशिप सबसे ज़्यादा बढ़ी है.

इस लिस्ट में नए लिस्टेड बिज़नेस और पुराने स्थापित नाम दोनों शामिल हैं. दिलचस्प बात ये है कि लगभग सभी में पूरे साल हिस्सेदारी बढ़ी है. यहां इनके बारे में विस्तार से बताया गया है:

6. KEI इंडस्ट्रीज़

KEI Industries केबल और वायर मार्केट की स्थापित कंपनी है और लंबे समय से धैर्य रखने वाले निवेशकों को अच्छा रिटर्न देती आई है. मज़बूत मांग, बढ़ता डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और समझदार कैपिटल एलोकेशन के चलते फ़ंड्स लगातार KEI के शेयर जमा कर रहे हैं. पिछले पांच साल में इसका एवरेज रिटर्न ऑन कैपिटल लगभग 24 प्रतिशत रहा है. बढ़ते मार्केट शेयर और क्षमता में प्रस्तावित बढ़ोतरी इसके लिए आगे भी बेहतर ग्रोथ की तरफ़ इशारा करती है.

5. TBO Tek

संस्थागत निवेशकों की फ़ेवरेट TBO Tek तेज़ी से उभरता एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहां होटल, एयरलाइंस, कार रेंटल जैसी सप्लाई देने वाली कंपनियां अपनी इन्वेंटरी इंडिपेंडेंट ट्रैवल एडवाइज़र, टूर ऑपरेटर और ट्रैवल मैनेजमेंट कंपनियों के लिए उपलब्ध कराती हैं. ट्रैवल-टेक मार्केटप्लेस ने पिछले तीन साल में रेवेन्यू में 53 प्रतिशत सालाना ग्रोथ दी है और इसका एसेट-लाइट मॉडल स्केलेबल प्लेटफ़ॉर्म खोज रहे फ़ंड मैनेजरों को आकर्षित कर सकता है.

4. BlackBuck

लॉस में रहने के बावजूद इस लॉजिस्टिक्स-टेक प्लेटफ़ॉर्म में पिछली तीन तिमाही में म्यूचुअल फ़ंड्स की दिलचस्पी बढ़ी है. भारत के सबसे बड़े डिजिटल ट्रक-ऑपरेटर प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर BlackBuck मुख्य रूप से टोल और फ़्यूल पेमेंट्स के डिजिटल मैनेजमेंट (फ़्यूल कार्ड, FASTag आदि) की सुविधा देती है. साथ ही ये ऐसा मार्केटप्लेस भी है जहां ट्रक ऑपरेटर कंपनियों के साथ ट्रांज़िट ज़रूरतों के लिए जुड़ते हैं.

3. Afcons Infrastructure

शापूरजी पालोनजी ग्रुप की कंपनी Afcons Infra इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्लेयर है, जिसकी भारत और विदेश दोनों जगह मौजूदगी है. इसकी ज़्यादातर आय सरकारी इंफ़्रा ऑर्डर्स से आती है, जिससे कंसंट्रेशन रिस्क भी बढ़ता है. कंपनी ने पिछले तीन साल में रेवेन्यू में लगभग 4 प्रतिशत सालाना ग्रोथ दर्ज की है. सितंबर 2025 तक इसकी ऑर्डर बुक ₹32,681 करोड़ की थी.

2. TeamLease Services

म्यूचुअल फ़ंड्स की पुरानी पसंद TeamLease में इस साल भी हिस्सेदारी बढ़ी है. पहले से ऊंचे बेस के बावजूद ये बढ़त काफ़ी मायने रखती है. इससे वर्कफ़ोर्स फॉर्मलाइज़ेशन थीम और HR आउटसोर्सिंग व फ़्लेक्सी-स्टाफ़िंग में कंपनी की मज़बूत स्थिति पर भरोसा दिखता है. हालांकि ऊंचे कर्मचारी ख़र्चों के कारण इसके ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट मार्जिन अब भी 1–2 प्रतिशत के कम स्तर पर हैं.

1. Awfis Space Solutions

को-वर्किंग अब कोई नया सेगमेंट नहीं लगता. Awfis Space भारत की सबसे बड़ी फ़्लेक्सिबल वर्कस्पेस कंपनी है और पिछले एक साल में इसमें म्यूचुअल फ़ंड ओनरशिप सबसे ज़्यादा बढ़ी है-और ये बढ़त पिछली चारों तिमाहियों के दौरान लगातार देखने को मिली है. तेज़ी से बढ़ते सेंटर्स और हाइब्रिड वर्क के स्ट्रक्चरल सपोर्ट ने फ़ंड्स के भरोसे को और मज़बूत किया है.

फ़ंड ओनरशिप का ट्रेंड (%)

कंपनी सितंबर, 2024 दिसंबर, 2024 मार्च, 2025 जून, 2025 सितंबर, 2025 YoY (%)
Awfis Space 10.1 19.2 24.3 29.5 33.9 23.9
Teamlease 32.1 34.6 45.4 47.1 47 14.8
Afcons Infra 0 5.9 7.3 10 14.1 14.1
Blackbuck 0 8.8 9.2 12.6 11.9 11.9
TBO Tek 4.5 8.6 14.6 16 16.2 11.7
KEI Industries 13.3 17.9 21.2 23.7 24.9 11.7
फ़ंड ओनरशिप का ट्रेंड (%)

इन स्टॉक्स को कौन-कौन सी म्यूचुअल फ़ंड स्कीम होल्ड कर रही हैं और उनकी कितनी हिस्सेदारी है? हमारा “इस स्टॉक में किन फ़ंड्स का निवेश है?” टूल देखिए. इसमें हर स्टॉक पर स्कीम-वाइज ओनरशिप साफ़ दिखेगी-जिससे भरोसे और ख़रीद की चौड़ाई का अंदाज़ा लगेगा.

क्या फ़ंड की ख़रीदारी काफ़ी है?

म्यूचुअल फ़ंड ओनरशिप में बढ़ोतरी से संस्थागत भरोसा दिख सकता है. लेकिन भरोसा अकेले किसी स्टॉक को अच्छा निवेश नहीं बनाता. असल मायने बिज़नेस की क्वालिटी, बैलेंस शीट की मज़बूती, सहज वैल्यूएशन और ग्रोथ की टिकाऊ क्षमता का होता है-सिर्फ़ साइक्लिकल किस्मत का नहीं.

यही जगह है जहां वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र काम आता है. हमारी सलाह किसी के ख़रीदने-बेचने पर नहीं, बल्कि गहरे, स्वतंत्र एनालेसिस, प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त और लॉन्ग-टर्म कंपाउंडिंग की क्षमता पर आधारित होती हैं.

अगर रिसर्च-आधारित, साफ़ और दोहराए जा सकने वाले इन्वेस्टिंग फ़्रेमवर्क पर आधारित पोर्टफ़ोलियो चाहिए, तो स्टॉक एडवाइज़र अगला क़दम है.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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