Aditya Roy/AI-Generated Image
इस हफ़्ते एक असहज करने वाला आंकड़ा सामने आया. PGIM इंडिया की रिटायरमेंट रेडीनेस रिपोर्ट बताती है कि सिर्फ़ 37 प्रतिशत लोगों के पास रिटायरमेंट प्लान है. रिपोर्ट के मुताबिक़, भले ही, रिटायरमेंट अब लोगों की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, लेकिन यह आंकड़ा 2023 के 67 प्रतिशत से काफ़ी नीचे आ गया है. यह लापरवाही नहीं है. रिटायरमेंट एक मनोवैज्ञानिक ब्लाइंड स्पॉट है. EMI शोर मचाती है. स्कूल फ़ीस भी शोर मचाती है. रिटायरमेंट चुपचाप बैकग्राउंड में बैठा रहता है, इसलिए उसे टाल दिया जाता है. और टालने की क़ीमत वह एक चीज़ है, जो कभी वा
ये लेख पहली बार जनवरी 12, 2026 को पब्लिश हुआ.
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