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10 साल में ₹1 करोड़ चाहिए? ये रहा आपका पूरा रोडमैप!

एक पाठक 10 साल में ₹1 करोड़ का कॉर्पस बनाना चाहते हैं. जानें, कितना निवेश करना होगा, कहां और कैसे.

10 साल में ₹1 करोड़ चाहिए? ये रहा आपका पूरा प्लान!Vinayak Pathak/AI-Generated Image

पाठक का सवाल: मैं अगले 10 साल में ₹1 करोड़ बनाना चाहता हूं. हर महीने कितना निवेश करना होगा और किन म्यूचुअल फ़ंड्स में निवेश करूं? क्या सिर्फ़ SIP या SIP और एकमुश्त (lumpsum) दोनों करूं? – रबींद्रनाथ नंदी

₹1 करोड़. यह आंकड़ा अनगिनत भारतीय निवेशकों की विशलिस्ट पर है: इतना बड़ा कि अहमियत महसूस हो, और इतना ठोस कि इसके लिए प्लान बन सके. और अच्छी ख़बर यह है कि सही म्यूचुअल फ़ंड और अनुशासित निवेश स्ट्रैटेजी से 10 साल में यह मील का पत्थर ज़्यादातर निवेशकों की पहुंच में है. यहां जानिए कैसे.

हर महीने कितना निवेश करना होगा?

12% सालाना रिटर्न मानकर, जो इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड से लंबे समय की एक वाजिब उम्मीद है, आपको अगले दशक में ₹1 करोड़ तक पहुंचने के लिए SIP के ज़रिए हर महीने क़रीब ₹45,000 निवेश करने होंगे.

और अगर रिटर्न की उम्मीद थोड़ी कम रखनी हो, मान लीजिए 10% सालाना, तो ₹1 करोड़ के टारगेट तक पहुंचने के लिए SIP से हर महीने क़रीब ₹50,000 निवेश करने होंगे.

 
केस 1 केस 2
कॉर्पस टारगेट ₹1 करोड़ ₹1 करोड़
समय अवधि 10 साल 10 साल
अनुमानित सालाना रिटर्न 12% 10%
ज़रूरी मंथली SIP ₹ 50,000 ₹ 45,000

वैल्यू रिसर्च का SIP कैलकुलेटर आपको साफ़ बता सकता है कि अलग-अलग समय अवधि और रिटर्न के अनुमान के हिसाब से अपना मनचाहा गोल पाने के लिए हर महीने कितना निवेश करना होगा.

कौन से म्यूचुअल फ़ंड चुनें?

10 साल के होराइज़न के लिए इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड स्वाभाविक विकल्प हैं. छोटे समय में उतार-चढ़ाव वाले होते हुए भी इक्विटी फ़ंड लंबे समय में बेहतर, महंगाई को मात देने वाले रिटर्न देते हैं, जो ₹1 करोड़ के महत्वाकांक्षी टारगेट के लिए उन्हें सही बनाता है.

एक आसान पोर्टफ़ोलियो ऐसा दिख सकता है:

फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड (मुख्य होल्डिंग): ये फ़ंड अच्छी तरह स्थापित कंपनियों में निवेश करते हैं और आपके पोर्टफ़ोलियो की स्थिर नींव बननी चाहिए. मिड-कैप फ़ंड (ग्रोथ बूस्टर): मिड-कैप फ़ंड ज़्यादा उतार-चढ़ाव वाले होते हैं लेकिन ऐतिहासिक रूप से लंबे समय में मज़बूत रिटर्न दे चुके हैं. स्मॉल-कैप फ़ंड (वैकल्पिक, ज़्यादा जोख़िम लेने वालों के लिए): इसे सिर्फ़ तभी जोड़ें जब आप शॉर्ट-टर्म के तेज़ झटके झेल सकते हों.

एक आसान एलोकेशन, मान लीजिए फ़्लेक्सी-कैप में 50% और मिड-कैपस्मॉल-कैप में 25-25%, बिना ज़्यादा पेचीदा बनाए चीज़ें आसान रखता है.

SIP Vs लम्पसम: कौन सा बेहतर है?

ज़्यादातर निवेशकों के लिए, SIP निवेश करने का एक ज़्यादा समझदारी भरा तरीक़ा है. एक ही बार में बड़ी रक़म लगाने के बजाय, SIP आपके निवेश को बाज़ार की अलग-अलग स्थितियों में फैला देता है. बाज़ार नीचे होने पर ज़्यादा यूनिट मिलती हैं और ऊपर होने पर कम. यही है रुपी कॉस्ट एवरेजिंग और यह वक़्त के साथ चुपचाप आपके पक्ष में काम करती है.

एकमुश्त निवेश का सबसे बड़ा जोख़िम है टाइमिंग. अगर आप बाज़ार की गिरावट से ठीक पहले बड़ी रक़म लगाएं तो पोर्टफ़ोलियो को तुरंत चोट लगती है और उबरने में महीने, कभी-कभी साल लग सकते हैं. SIP इससे पूरी तरह बचाती है क्योंकि पैसा धीरे-धीरे बाज़ार में आता है और उतार-चढ़ाव को स्मूद करता है.

स्टेप-अप SIP की ताक़त

यहां बात दिलचस्प हो जाती है. स्टेप-अप SIP, जिसे टॉप-अप SIP भी कहते हैं, आपको अपनी बढ़ती आमदनी के साथ हर साल एक तय प्रतिशत मंथली निवेश बढ़ाने देती है.

तर्क आसान है. जैसे-जैसे सैलरी बढ़ती है और ख़र्चे स्थिर होते हैं, ज़्यादातर लोग पाते हैं कि वो हर साल ज़्यादा निवेश कर सकते हैं. स्टेप-अप SIP इस इरादे को औपचारिक बनाती है और बढ़ोतरी को ऑटोमेट कर देती है ताकि सोचना न पड़े. ज़्यादातर फ़ंड हाउस और निवेश प्लेटफ़ॉर्म SIP रजिस्टर करते वक़्त यह सेट करने की सुविधा देते हैं.

करियर की शुरुआत में जिनके पास अभी सरप्लस कम है लेकिन आगे अच्छी आमदनी बढ़ने की उम्मीद है, उनके लिए स्टेप-अप SIP लंबे समय में दौलत बनाने का सबसे व्यावहारिक और ताक़तवर तरीक़ा है.

स्टेप-अप SIP दौलत बनाने में कैसे तेज़ी ला सकती है, इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए वैल्यू रिसर्च का स्टेप-अप SIP कैलकुलेटर देखें.

महत्वाकांक्षी, लेकिन हासिल करने लायक़

10 साल में ₹1 करोड़ एक महत्वाकांक्षी लेकिन असली गोल है, कोई लॉटरी का सपना नहीं. डाइवर्सिफ़ाइड इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड पोर्टफ़ोलियो में हर महीने क़रीब ₹45,000-50,000 निवेश करें, या अपनी आमदनी के साथ बढ़ने वाली स्टेप-अप SIP से छोटे से शुरुआत करें. लगातार बने रहें, मार्केट के उतार-चढ़ाव में SIP जारी रखें और कंपाउंडिंग को अपना भारी काम करने दें.

और अगर यह जानना है कि ₹1 करोड़ के टारगेट तक पहुंचने में कौन से म्यूचुअल फ़ंड मदद करेंगे तो वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र सब्सक्राइब करें और हमारे एनालिस्ट की पसंद के फ़ंड की सूची, रियल-टाइम निवेश एनालेसिस और आपकी फ़ाइनेंशियल ज़रूरतों के हिसाब से बने पोर्टफ़ोलियो तक पहुंच पाएं.

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यह भी पढ़ें: 0 से करोड़ एक आसान सफ़र

ये लेख पहली बार अप्रैल 08, 2026 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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