Mukul Ojha/AI-Generated Image
सारांशः मुश्किल बाज़ार दौर में भी पांच मिड-कैप फ़ंड्स ने अपने बेंचमार्क से 7.5% से 16% तक ज़्यादा रिटर्न (अल्फ़ा) दिया है. HSBC Midcap Fund सबसे आगे रहा, जबकि WhiteOak Capital Mid Cap Fund को सबसे ऊंची VR रेटिंग मिली है. जानें टॉप 5 स्कीम्स का रिटर्न, अल्फ़ा, रेटिंग और एक्सपेंस रेशियो, साथ ही निवेश से पहले किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.
मिड-कैप शेयरों में उतार-चढ़ाव का जोखिम लार्ज-कैप के मुक़ाबले ज़्यादा होता है. ऐसे में जब बाज़ार चुनौतीपूर्ण दौर से गुज़र रहा हो, तब किसी मिड-कैप फ़ंड का अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करना ख़ास मायने रखता है. हाल के आंकड़े बताते हैं कि कई मिड-कैप फ़ंड्स ने इस मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया है. असल में, पांच स्क़ीम्स ने पिछले एक साल में 7.5 प्रतिशत से 16 प्रतिशत तक का अल्फ़ा दिया है.
यह ऐसे समय में हुआ है जब निवेशकों का रुझान भी मिड-कैप फ़ंड्स की ओर बढ़ा है. AMFI-Crisil Factbook के मुताबिक़, मार्च 2026 में मिड-कैप फ़ंड SIP निवेश की सबसे बड़ी कैटेगरी बन गए और उन्होंने लार्ज-कैप फ़ंड्स को पीछे छोड़ दिया. इसकी एक वजह पिछले कुछ वर्षों में मिड-कैप शेयरों का मज़बूत प्रदर्शन भी रही है.
HSBC Midcap Fund सबसे आगे
दिए गए आंकड़ों में HSBC Midcap Fund टॉप पर रहा. इसने पिछले एक साल में 24.88% रिटर्न दिया, जबकि इसका अल्फ़ा 15.6% रहा - यानी बेंचमार्क के मुक़ाबले फ़ंड ने 15.6 प्रतिशत ज़्यादा रिटर्न दिया. इसका नेट एसेट करीब ₹15,578 करोड़ है और एक्सपेंस रेशियो 0.54%. Value Research ने इस फ़ंड को 4-स्टार रेटिंग दी है.
दूसरे नंबर पर ICICI Prudential Mid Cap Fund है. इसने एक साल में 20.80% रिटर्न और 11.52% अल्फ़ा दिया. नेट एसेट ₹7,954 करोड़, एक्सपेंस रेशियो 0.89%, VR रेटिंग 4 स्टार.
तीसरे स्थान पर WhiteOak Capital Mid Cap Fund है, जिसने बीते एक साल में 18.55% रिटर्न दिया और अल्फ़ा 9.27% रहा. इस लिस्ट में इसका एक्सपेंस रेशियो 0.44% के साथ सबसे कम है और VR रेटिंग सबसे ज़्यादा - 5 स्टार है. नेट एसेट ₹6,792 करोड़ के स्तर पर बनी हुई है.
17.37% रिटर्न और 8.09% अल्फ़ा के साथ Helios Mid Cap Fund चौथे नंबर पर है. नेट एसेट ₹1,951 करोड़, एक्सपेंस रेशियो 0.52% है. संभवतः ट्रैक रिकॉर्ड छोटा होने के कारण इस फ़ंड की VR रेटिंग अभी उपलब्ध नहीं है.
पांचवें स्थान पर ITI Mid Cap Fund है, जिसका रिटर्न 16.80% रहा है और उसने 7.52% अल्फ़ा दिया और एक्सपेंस रेशियो 0.49% के स्तर पर है. नेट एसेट ₹1,480 करोड़ हैं और VR रेटिंग 3 स्टार है.
1 साल के टॉप 5 मिड कैप फ़ंड
| फ़ंड | रेटिंग | 1 साल का रिटर्न (%) | अल्फ़ा (%) | एक्सपेंस रेशियो (%) | नेट एसेट (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|
| HSBC Midcap Fund | 4 | 24.88 | 15.6 | 0.54 | 15,578 |
| ICICI Prudential Mid Cap Fund | 4 | 20.80 | 11.52 | 0.89 | 7,954 |
| WhiteOak Capital Mid Cap Fund | 5 | 18.55 | 9.27 | 0.44 | 6,792 |
| Helios Mid Cap Fund | -- | 17.37 | 8.09 | 0.52 | 1,951 |
| ITI Mid Cap Fund ; | 3 | 16.80 | 7.52 | 0.49 | 1,480 |
सिर्फ़ रिटर्न नहीं, अल्फ़ा भी देखें
इन आंकड़ों में सबसे अहम बात यह है कि पांचों फ़ंड्स ने पॉज़िटिव अल्फ़ा दिया - लेकिन अल्फ़ा के स्तर में काफ़ी फ़र्क़ है. HSBC का अल्फ़ा 15.6% है, जबकि ITI Mid Cap Fund का 7.52% - यानी टॉप और आखिरी फ़ंड के बीच करीब आठ प्रतिशत अंक का अंतर.
इसलिए सिर्फ़ यह देखकर फैसला नहीं करना चाहिए कि किस फ़ंड ने सबसे ज़्यादा रिटर्न दिया. यह देखना भी ज़रूरी है कि उसने बेंचमार्क के मुकाबले कितना अतिरिक्त रिटर्न दिया और यह प्रदर्शन कितनी लंबी अवधि में बना रहा है - सिर्फ़ एक साल का आंकड़ा किसी फ़ंड की मैनेजमेंट क्वालिटी आंकने के लिए काफ़ी नहीं है.
हालिया प्रदर्शन देखकर निवेश का फ़ैसला न करें
मिड-कैप कैटेगरी में निवेशकों की दिलचस्पी हाल में बढ़ी है, लेकिन यह सवाल भी उतना ही ज़रूरी है कि कहीं निवेशक सिर्फ़ हालिया प्रदर्शन के पीछे तो नहीं भाग रहे. मिड-कैप और स्मॉल-कैप में बढ़ते निवेश को अकेले पिछले रिटर्न के आधार पर नहीं देखना चाहिए - निवेशक को अपनी पूरे एसेट एलोकेशन और अलग-अलग फ़ंड्स में मौजूद कुल मिड-कैप एक्सपोज़र पर नज़र रखनी चाहिए.
यानी इन पांच फ़ंड्स का मज़बूत अल्फ़ा निश्चित रूप से आकर्षक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर निवेशक के पोर्टफ़ोलियो में मिड-कैप का हिस्सा बढ़ जाना चाहिए. निवेश से पहले जोखिम सहने की क्षमता, निवेश की अवधि और पहले से मौजूद इक्विटी एक्सपोज़र को ध्यान में रखना ज़रूरी है.
यह भी पढ़ेंः ये 6 लार्ज-कैप फ़ंड ही 3 साल में दे सके 8%+ रिटर्न, जानें बेंचमार्क को किस फ़ंड ने दी मात?




